पाइप में घुस गए ज्योतिरादित्य सिंधिया, अंदर जाकर परखी चंबल जल परियोजना की गुणवत्ता
चंबल से पानी लाने वाले प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने केंद्रीयमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे। निरीक्षण के दौरान वो खुद विशाल पाइप लाइन के अंदर चले गए उसकी चौड़ाई और गुणवत्ता देखी।
पाइप के अंदर उतरकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चंबल-कोतवाल जल परियोजना का ग्राउंड जीरो पर जायजा लिया। निर्माण की बारीकियां खुद देखीं और अधिकारियों से काम की रफ्तार व तय समयसीमा की जानकारी ली। निरीक्षण का यह अंदाज मौके पर चर्चा का विषय बन गया।
मुरैना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कोतवाल क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने चंबल-कोतवाल जल परियोजना के निर्माण कार्यों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। इस दौरान सिंधिया का निरीक्षण करने का अंदाज खासा चर्चा में रहा। पानी की सप्लाई के लिए बिछाई जा रही विशाल पाइपलाइन की गुणवत्ता और निर्माण की स्थिति को करीब से देखने के लिए वे खुद पाइप के अंदर उतर गए। पाइप के अंदर जाकर उन्होंने उसकी चौड़ाई, मजबूती और निर्माण कार्य का अवलोकन किया।
सिंधिया के पाइपलाइन के अंदर जाकर निरीक्षण करने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों से परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी ली तथा काम की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की।
कोतवाल डैम से लेकर पाइपलाइन तक का लिया जायजा
केंद्रीय मंत्री ने कोतवाल डैम स्थित निर्माणाधीन इंटेक वेल, वाटर प्लांट और चंबल का पानी ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए चल रहे पाइपलाइन निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इसके अलावा सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज और बानमोर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के कार्य की प्रगति भी देखी गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सिंधिया को जल परियोजना की वर्तमान स्थिति, पाइपलाइन की क्षमता, निर्माण की गुणवत्ता, जल आपूर्ति की व्यवस्था और परियोजना से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। सिंधिया ने मौके पर चल रहे काम को देखा और संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की गति तथा आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की।
विशाल पाइपलाइन के अंदर उतरे सिंधिया
निरीक्षण के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सिंधिया के उस कदम की रही, जब उन्होंने निर्माणाधीन विशाल पाइपलाइन के अंदर जाकर उसका निरीक्षण किया। आमतौर पर अधिकारी और तकनीकी टीम निर्माण कार्यों की जांच करती है, लेकिन सिंधिया ने स्वयं पाइप के अंदर उतरकर उसकी स्थिति को करीब से देखा।
उन्होंने पाइपलाइन की चौड़ाई और निर्माण की मजबूती को मौके पर देखा तथा अधिकारियों से इससे संबंधित तकनीकी जानकारी ली। इस दौरान निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने पाइपलाइन के डिजाइन, बिछाने की प्रक्रिया और इससे जुड़ी जल आपूर्ति व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
सिंधिया का यह निरीक्षण इस मायने में भी महत्वपूर्ण रहा कि परियोजना को केवल कागजों और बैठकों तक सीमित रखने के बजाय निर्माण स्थल पर पहुंचकर वास्तविक प्रगति को देखा गया। उन्होंने परियोजना के अलग-अलग हिस्सों का जायजा लेकर अधिकारियों से काम की स्थिति पर जानकारी ली।
करीब 500 करोड़ की परियोजना, ग्वालियर को मिलेगा अतिरिक्त पानी
चंबल-कोतवाल जल परियोजना की लागत विभिन्न रिपोर्टों में करीब 458.68 करोड़ रुपये से लेकर लगभग 500 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना के तहत चंबल और कोतवाल क्षेत्र से पानी लेकर ग्वालियर की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है। मुख्य पाइपलाइन करीब 31 किलोमीटर लंबी बताई गई है।
परियोजना के तहत ग्वालियर को करीब 150 मिलियन लीटर प्रतिदिन यानी 150 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य बताया गया है। यह पानी आगे ग्वालियर के जल शोधन संयंत्रों तक पहुंचाया जाएगा, जिसके बाद शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में वितरण नेटवर्क के जरिए जल आपूर्ति की जाएगी।
ग्वालियर-मुरैना की पेयजल व्यवस्था को मिलेगा फायदा
सिंधिया ने चंबल जल परियोजना को केवल किसी एक शहर की योजना न बताते हुए पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उनके अनुसार, योजना के माध्यम से मुरैना और ग्वालियर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में भविष्य की बढ़ती पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल आपूर्ति के लिए अतिरिक्त स्रोत तैयार करना है। ग्वालियर में लगातार बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार के बीच अतिरिक्त जल स्रोत की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। परियोजना के पूरा होने के बाद शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है।
31 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन
परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर करीब 31 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन का निर्माण किया जा रहा है। यह पाइपलाइन चंबल-कोतवाल क्षेत्र से पानी को ग्वालियर की ओर ले जाएगी। रिपोर्टों के अनुसार, पाइपलाइन को टांसेन स्क्वायर तक लाने के बाद इसे मोतीझील और जलालपुर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाना है।
पानी को ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में वितरण नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई की जाएगी। इस पूरी व्यवस्था को ग्वालियर की दीर्घकालीन पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है।
निर्माण की गुणवत्ता पर जोर
निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजना के प्रत्येक हिस्से को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा करने पर जोर दिया। पाइपलाइन के अंदर उतरकर निरीक्षण करने का उद्देश्य भी निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति को करीब से समझना रहा।
उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों से काम की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और आगे की समयसीमा के बारे में जानकारी ली। निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही न हो और निर्धारित मानकों के अनुसार काम पूरा किया जाए, इस पर भी जोर दिया गया।
परियोजना से क्षेत्र के विकास को जोड़ने पर जोर
चंबल-कोतवाल परियोजना को केवल पेयजल योजना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। सिंधिया ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पेयजल के साथ सिंचाई और आधारभूत सुविधाओं के विकास को भी महत्वपूर्ण बताया। हालिया निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया सहित पूरे अंचल के दीर्घकालीन विकास की जरूरतों का उल्लेख किया।
इस लिहाज से चंबल का पानी ग्वालियर तक पहुंचाने वाली यह परियोजना क्षेत्र की जल आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परियोजना के पूरा होने के बाद ग्वालियर को अतिरिक्त पानी मिलने से मौजूदा जल स्रोतों पर दबाव कम करने और भविष्य की मांग को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के साथ की विस्तृत समीक्षा
निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने संबंधित अधिकारियों के साथ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन इंटेक वेल, पाइपलाइन, पाइपलाइन ब्रिज और वाटर प्लांट से संबंधित कार्यों को देखा। अधिकारियों ने उन्हें अलग-अलग निर्माण स्थलों की स्थिति और अब तक हुए काम की जानकारी दी।
सिंधिया ने परियोजना को तय समयसीमा में आगे बढ़ाने और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। उनके दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
चंबल-कोतवाल जल परियोजना के जरिए मुरैना और ग्वालियर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम जारी है। ऐसे में सिंधिया का निर्माणाधीन पाइपलाइन के अंदर जाकर निरीक्षण करना दौरे का प्रमुख आकर्षण रहा। परियोजना पूरी होने के बाद ग्वालियर की जल आपूर्ति व्यवस्था में अतिरिक्त पानी जुड़ने की उम्मीद है, जिससे आने वाले वर्षों में बढ़ती पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस