सिंधिया ने ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे पर उठाए गंभीर सवाल, पूछा—रात के अंधेरे में ट्रक को प्रवेश कैसे मिला? अस्पताल में VIP तैयारियों पर भी घेरा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

शीतला माता मंदिर हादसे के बाद घायलों से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया, कहा- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

सिंधिया ने ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे पर उठाए गंभीर सवाल, पूछा—रात के अंधेरे में ट्रक को प्रवेश कैसे मिला? अस्पताल में VIP तैयारियों पर भी घेरा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि आखिरकार ट्रक रात के अंधेरे में मंदिर तक ट्रक पहुंचा कैसे?

ग्वालियर। शीतला माता मंदिर हादसे ने पूरे ग्वालियर को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 42 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है और घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। इस बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए घटना की निष्पक्ष और सख्त जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सिंधिया ने उठाया सबसे बड़ा सवाल—रात में ट्रक मंदिर के पास कैसे पहुंचा?

मीडिया से चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह दुर्घटना उनके अपने शहर के परिवारों के साथ हुई है और इससे उनका हृदय टूट गया है। उन्होंने हादसे की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सबसे पहले यह पता लगाया जाना चाहिए कि रात के अंधेरे में ट्रक को प्रवेश कैसे मिला और वह ग्वालियर तक कैसे पहुंचा।

सिंधिया ने कहा कि दुर्घटना के पीछे ब्रेक फेल होने की वजह थी या कोई अन्य कारण, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने पूरे मामले की सख्त तहकीकात करने पर जोर दिया, ताकि हादसे के वास्तविक कारण सामने आ सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

मुख्यमंत्री से तीन बार चर्चा, ग्वालियर आने का आग्रह

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हादसे के संबंध में उनकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तीन बार चर्चा हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्वालियर आने का आग्रह भी किया। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि इस गंभीर घटना में जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

अस्पताल में ग्रीन कार्पेट और साफ-सफाई की तैयारियों पर उठे सवाल

सिंधिया के अस्पताल पहुंचने से पहले ट्रॉमा सेंटर परिसर में की गई तैयारियों ने भी चर्चा छेड़ दी। सामने आई तस्वीरों में अस्पताल परिसर में साफ-सफाई कराते कर्मचारी दिखाई दिए। परिसर में ग्रीन कार्पेट बिछाया गया, जबकि टूटी टाइल्स और गड्ढों को सीमेंट-रेत के मसाले से ठीक करने का काम भी होता नजर आया।

इन तैयारियों को लेकर सवाल उठने लगे कि क्या केंद्रीय मंत्री के आगमन से पहले अस्पताल में VIP व्यवस्था की जा रही थी? जब मीडिया ने सिंधिया से पूछा कि उनके आने से पहले ग्रीन कार्पेट बिछाकर VIP ट्रीटमेंट क्यों दिया जा रहा है और क्या इसे अधिकारियों की चापलूसी माना जाए, तो उन्होंने सवालिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी।

इस घटनाक्रम ने हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं और अस्पताल की तैयारियों को लेकर एक अलग बहस छेड़ दी। हालांकि, इन तैयारियों के पीछे अधिकारियों की मंशा को लेकर कोई निष्कर्ष निकालने से पहले संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण जरूरी है।

आठ पुलिसकर्मी निलंबित, जिम्मेदारों पर कार्रवाई शुरू

हादसे के बाद लापरवाही के आरोपों को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग में कार्रवाई भी की गई है। मुख्यमंत्री के एक्शन के बाद आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इस कार्रवाई के बीच सिंधिया ने भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता, घायलों के इलाज पर नजर

केंद्रीय मंत्री ने मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिए जाने की बात कही गई है। वहीं, अस्पताल में भर्ती घायलों के उपचार पर भी नजर रखी जा रही है।

शीतला माता मंदिर के पास हुई इस दुर्घटना ने सुरक्षा व्यवस्था, ट्रक के प्रवेश और संभावित लापरवाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जांच के नतीजों पर है, जिससे हादसे की वास्तविक वजह सामने आए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।