कैलाश विजयवर्गीय को खल रही दोस्त कमल पटेल की कमी, बोले- अगला चुनाव जीतकर आएं और फिर बनें कैबिनेट मंत्री

कैलाश विजयवर्गीय ने एक कार्यक्रम में भाजपा नेता कमल पटेल की ओर इशारा करते हुए कहा कि मुझे इनकी विधानसभा और मंत्रिमंडल में कमी खलती है. उन्होंने कहा कि अगली बार कमल जी हरदा से चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे. आपको बता दें कि साल 2023 में कमल पटेल हरदा से मामूली अंतर से चुनाव हार गए थे और वह उस समय मंत्री थे.

कैलाश विजयवर्गीय को खल रही दोस्त कमल पटेल की कमी, बोले- अगला चुनाव जीतकर आएं और फिर बनें कैबिनेट मंत्री

हरदा में कमल पटेल के जन्मदिन पर विजयवर्गीय ने जताई दिली इच्छा

बोले- कमल जी फिर से हरदा का नेतृत्व करें, विधानसभा में उनकी कमी खलती है

‘अगला चुनाव कमल जी लड़ें और हजारों वोटों से जीतकर आएं’

विजयवर्गीय ने कहा- कमल पटेल के मंत्रिमंडल में नहीं होने से लगता है अधूरापन

PWD मंत्री रहते कमल पटेल ने एक दिन में ले ली थीं 200 करोड़ की सड़कें

हरदा। मध्यप्रदेश की राजनीति में भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने करीबी मित्र और पूर्व मंत्री कमल पटेल को लेकर अपनी इच्छा सार्वजनिक रूप से जाहिर की है। हरदा में कमल पटेल के जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को वीडियो कॉल के जरिए संबोधित करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि कमल पटेल के विधानसभा और मंत्रिमंडल में नहीं होने से उन्हें अधूरापन महसूस होता है। उन्होंने हरदा की जनता से अपील की कि अगला विधानसभा चुनाव कमल पटेल लड़ें और जनता उन्हें हजारों वोटों से जीताकर विधानसभा भेजे।

विजयवर्गीय का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कमल पटेल 2023 के विधानसभा चुनाव में हरदा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रामकिशोर दोगने के हाथों चुनाव हार गए थे। लंबे समय तक हरदा की राजनीति में सक्रिय रहे कमल पटेल उस समय राज्य सरकार में मंत्री भी थे। चुनाव हारने के बाद वे विधानसभा के सदस्य नहीं हैं और इसी वजह से मौजूदा मंत्रिमंडल में भी उनका स्थान नहीं है।

‘कमल जी फिर से हरदा का नेतृत्व करें, यह दिल की इच्छा’

कमल पटेल के जन्मदिन पर आयोजित कवि सम्मेलन में कैलाश विजयवर्गीय को भी शामिल होना था, लेकिन वे कार्यक्रम में पहुंच नहीं सके। इसके बाद उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। इसी दौरान उन्होंने कमल पटेल को लेकर अपनी बात रखी।

विजयवर्गीय ने कहा कि उनकी इच्छा है कि कमल पटेल एक बार फिर हरदा का नेतृत्व करें। उन्होंने जनता से कहा कि अगला चुनाव कमल पटेल लड़ें और हरदा से हजारों वोटों से जीतकर विधानसभा पहुंचें, इसके लिए उन्हें आशीर्वाद दिया जाए।

विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि कमल पटेल के विधानसभा और मंत्रिमंडल में नहीं होने से एक अधूरापन महसूस होता है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी उनकी कमी खलती है और मंत्रिमंडल में भी उनकी कमी महसूस होती है।

‘एक दिन में 200 करोड़ की सड़कें ले ली थीं’

कैलाश विजयवर्गीय ने अपने पुराने राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कमल पटेल के साथ अपनी दोस्ती और कामकाज से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि जब वे लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी मंत्री थे, उस दौरान कमल पटेल ने एक ही दिन में हरदा जिले के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की सड़कों के काम उनसे ले लिए थे।

विजयवर्गीय के इस बयान से यह भी स्पष्ट हुआ कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध रहे हैं। उन्होंने कमल पटेल के साथ अपने पुराने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि आज मध्यप्रदेश की विधानसभा और मंत्रिमंडल में उनकी कमी महसूस होती है।

कमल पटेल और उनके कार्यकर्ताओं से मांगी माफी

कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कमल पटेल और उनके कार्यकर्ताओं की ओर से किसी को हुई परेशानी या गलती के लिए भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अगर कमल पटेल या उनके किसी कार्यकर्ता से कोई गलती हुई हो तो वे उसकी ओर से क्षमा मांगते हैं।

विजयवर्गीय ने कमल पटेल के स्वस्थ रहने की कामना करते हुए कहा कि वे जल्द विधानसभा में आएं और मंत्रिमंडल के सदस्य बनें। उन्होंने कमल पटेल को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।

हरदा में पांच बार जीत चुके हैं कमल पटेल

कमल पटेल हरदा विधानसभा सीट से लंबे समय तक भाजपा के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। वे 1993, 1998, 2003, 2008 और 2018 के विधानसभा चुनाव में हरदा से जीत दर्ज कर चुके हैं। इन चुनावों के दौरान वे क्षेत्र की राजनीति में लगातार सक्रिय रहे और भाजपा के प्रमुख नेताओं में उनकी पहचान बनी।

हालांकि 2023 का विधानसभा चुनाव उनके लिए अलग परिणाम लेकर आया। इस चुनाव में कांग्रेस के रामकिशोर दोगने ने उन्हें हरा दिया। इसके साथ ही कमल पटेल विधानसभा से बाहर हो गए और मंत्री पद भी उनके पास नहीं रहा।

शिवराज सरकार में संभाले कई महत्वपूर्ण मंत्रालय

कमल पटेल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। सरकार में रहते हुए वे लगातार राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे और प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में उनकी गिनती होती रही।

2023 के चुनाव में हार के बाद वे वर्तमान विधानसभा का हिस्सा नहीं हैं। इसी राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा और मंत्रिमंडल में कमल पटेल की कमी महसूस होती है।

बयान के बाद सियासी चर्चा तेज

कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर जनता से कमल पटेल को अगले विधानसभा चुनाव में जिताने का आशीर्वाद देने की अपील की है। हालांकि किसी नेता का चुनाव लड़ना और पार्टी की ओर से टिकट मिलना अलग-अलग राजनीतिक प्रक्रियाएं हैं।

भाजपा में उम्मीदवारों के चयन का फैसला पार्टी संगठन की प्रक्रिया के तहत होता है। ऐसे में विजयवर्गीय की व्यक्तिगत इच्छा और सार्वजनिक अपील को कमल पटेल के अगले चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा हरदा से किसे उम्मीदवार बनाएगी।

2023 के नतीजे के बाद बदला राजनीतिक समीकरण

हरदा सीट पर 2023 का विधानसभा चुनाव कमल पटेल के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ साबित हुआ। लगातार कई चुनाव जीतने के बाद उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी रामकिशोर दोगने से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद विधानसभा में भाजपा की ओर से हरदा का प्रतिनिधित्व बदल गया।

अब विजयवर्गीय के बयान ने एक बार फिर कमल पटेल के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। उन्होंने अपनी बात को किसी आधिकारिक घोषणा के बजाय व्यक्तिगत इच्छा के रूप में रखा है। ऐसे में आगे पार्टी संगठन का रुख और आगामी चुनाव में टिकट वितरण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

दोस्ती से आगे राजनीतिक संदेश भी?

कैलाश विजयवर्गीय और कमल पटेल के बीच पुराने राजनीतिक संबंध किसी से छिपे नहीं हैं। विजयवर्गीय का सार्वजनिक मंच से कमल पटेल के लिए समर्थन जताना उनके व्यक्तिगत रिश्ते को तो सामने लाता ही है, साथ ही हरदा की स्थानीय राजनीति में भी इस बयान की चर्चा होना स्वाभाविक है।

हालांकि विजयवर्गीय ने जनता से कमल पटेल को अगले चुनाव में समर्थन देने की अपील जरूर की, लेकिन इसे भाजपा की आधिकारिक उम्मीदवारी का संकेत मानना फिलहाल जल्दबाजी होगी। अंतिम निर्णय पार्टी की चुनावी प्रक्रिया के तहत ही होगा।

फिलहाल विजयवर्गीय के बयान का सबसे अहम संदेश यही है कि वे अपने पुराने साथी कमल पटेल को फिर से विधानसभा में देखना चाहते हैं। अब यह इच्छा राजनीतिक रूप से किस दिशा में आगे बढ़ती है और आगामी चुनाव में इसका क्या असर दिखाई देता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।