महिला पार्षद पर कैलाश विजयवर्गीय के बयान से मचा सियासी बवाल, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा; अब संध्या यादव बोलीं- ‘मंत्री मेरे पिता समान, कांग्रेस कर रही ओछी राजनीति’
इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की महिला पार्षद संध्या यादव के शारीरिक रूप पर टिप्पणी का वीडियो वायरल हुआ। कांग्रेस ने विरोध किया, जबकि पार्षद ने मंत्री का बचाव किया।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की महिला पार्षद के बॉडी शेप को लेकर की गई टिप्पणी पर सियासत गरमा गई। विवाद बढ़ने के बाद विजयवर्गीय ने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा कि संध्या यादव उनकी बेटी जैसी हैं और उन्होंने उसे गोद में खिलाया है।
इंदौर। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर प्रदेश की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। इंदौर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान महिला पार्षद संध्या यादव को लेकर विजयवर्गीय की ‘चौड़ाई’ संबंधी टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे महिला सम्मान से जोड़ते हुए सरकार और मंत्री पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने मंत्री से माफी मांगने के साथ उनके इस्तीफे की मांग तक कर दी।
हालांकि, विवाद ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब भाजपा की महिला पार्षद संध्या यादव स्वयं सामने आईं और उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय का बचाव किया। संध्या यादव ने विजयवर्गीय को अपने लिए पिता के समान बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग देकर दुष्प्रचार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि विजयवर्गीय ने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है और जिस शब्द को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह मालवा क्षेत्र की बोलचाल और स्नेह से जुड़ा हुआ संदर्भ है।
वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद
मामला रविवार को इंदौर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से भाजपा पार्षद संध्या यादव का जिक्र किया। वायरल हुए वीडियो में उन्हें संध्या यादव की ‘चौड़ाई’ बढ़ने संबंधी टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कांग्रेस ने इसी टिप्पणी को मुद्दा बनाते हुए भाजपा पर हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसी महिला जनप्रतिनिधि की शारीरिक बनावट को लेकर सार्वजनिक मंच से टिप्पणी करना उचित नहीं है। इस मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से मंत्री के इस्तीफे और माफी की मांग भी उठाई गई।
कांग्रेस ने भाजपा और विजयवर्गीय पर साधा निशाना
वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस नेताओं ने कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी को लेकर सवाल खड़े किए। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने भी मामले को लेकर सरकार से विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस का कहना था कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं को लेकर नेताओं की भाषा और टिप्पणियों को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी आधार पर पार्टी नेताओं ने इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाया और मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विवाद के बीच संध्या यादव ने खुद दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया खुद पार्षद संध्या यादव की सामने आई। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय का बचाव करते हुए कहा कि उनके और मंत्री के बीच पारिवारिक जैसा संबंध है।
संध्या यादव के मुताबिक, कैलाश विजयवर्गीय उनके लिए पिता के समान हैं और उन्होंने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है। उन्होंने ‘चौड़ाई’ वाली टिप्पणी को मालवा अंचल की आम बोलचाल की भाषा से जोड़ते हुए कहा कि बड़े-बुजुर्ग कई बार अपने से छोटे लोगों से स्नेह के तौर पर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इसे तूल दिया जा रहा है। संध्या यादव ने कांग्रेस की इस राजनीति को ‘ओछी राजनीति’ बताया।
कौन हैं संध्या यादव?
संध्या यादव इंदौर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 6 से भाजपा की पार्षद हैं। वर्ष 2022 के नगर निगम चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, संध्या यादव को चुनाव में 9,383 वोट मिले थे और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 4,257 वोटों के अंतर से हराया था। इंदौर नगर निगम में कुल 85 वार्ड हैं।
यही वजह है कि वायरल वीडियो में उनका नाम सामने आने के बाद मामला केवल एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्थानीय राजनीति से निकलकर प्रदेश स्तर पर चर्चा में आ गया।
पहले काम की तारीफ, फिर टिप्पणी से विवाद
वायरल वीडियो से जुड़ी रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने संध्या यादव के काम और सक्रियता का उल्लेख किया था। उन्होंने उनके काम करने के तरीके और लोगों के बीच उनकी सक्रियता की बात भी कही।
इसी दौरान उन्होंने उनकी शारीरिक बनावट को लेकर ‘चौड़ाई बढ़ने’ वाली टिप्पणी की, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। वीडियो का यही हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज
मामले में एक तरफ कांग्रेस ने महिला सम्मान और सार्वजनिक भाषा को लेकर सवाल उठाए, वहीं दूसरी तरफ संध्या यादव के बयान ने पूरे विवाद को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया। जिस महिला पार्षद के संदर्भ में कांग्रेस मंत्री पर हमलावर थी, वही पार्षद अब सार्वजनिक रूप से उनके बचाव में सामने आ गईं।
संध्या यादव ने स्पष्ट किया कि वह विजयवर्गीय की टिप्पणी को उस संदर्भ में देखती हैं, जिसमें उनके बीच लंबे समय से पारिवारिक और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को स्वीकार नहीं किया और इसे राजनीतिक दुष्प्रचार बताया।
विजयवर्गीय ने भी बताया पारिवारिक संबंध
विवाद के बीच सामने आई रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि कैलाश विजयवर्गीय ने संध्या यादव को बेटी जैसा बताया और उनके साथ अपने पुराने संबंधों का उल्लेख किया। इसके बाद संध्या यादव की ओर से भी उन्हें पितातुल्य बताया गया।
इस तरह विवाद में दोनों पक्षों की ओर से रिश्ते को पारिवारिक और स्नेहपूर्ण बताया गया है। वहीं कांग्रेस इस टिप्पणी को लेकर अपने सवालों और राजनीतिक विरोध पर कायम है।
अब विवाद किस दिशा में जाएगा?
कैलाश विजयवर्गीय के वायरल वीडियो ने जिस राजनीतिक बहस को जन्म दिया था, उसमें संध्या यादव के बयान के बाद नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस जहां टिप्पणी को महिला सम्मान के मुद्दे से जोड़ रही है, वहीं संबंधित पार्षद स्वयं इसे अलग संदर्भ में देख रही हैं और मंत्री का बचाव कर रही हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में राजनीतिक बयानबाजी जारी है। एक ओर कांग्रेस मंत्री के बयान को लेकर जवाबदेही और कार्रवाई की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर संध्या यादव कांग्रेस पर इस मामले को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही हैं। ऐसे में इंदौर का यह विवाद आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की सियासत में और चर्चा का विषय बन सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस