कमलनाथ के 'लापता विधायक' पोस्टरों से मचा सियासी बवाल, छिंदवाड़ा में ग्रामीणों ने जताई नाराजगी; भाजपा-कांग्रेस में छिड़ी तीखी जुबानी जंग

छिंदवाड़ा में कांग्रेस विधायक कमल नाथ के 'लापता' होने के पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे स्थानीय राजनीति गरमा गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद से कमल नाथ अपने क्षेत्र में नहीं आए हैं, जबकि कांग्रेस इसे भाजपा की ओछी राजनीति बता रही है।

कमलनाथ के 'लापता विधायक' पोस्टरों से मचा सियासी बवाल, छिंदवाड़ा में ग्रामीणों ने जताई नाराजगी; भाजपा-कांग्रेस में छिड़ी तीखी जुबानी जंग

छिंदवाड़ा जिले में एक बार फिर पोस्टर वॉर ने सियासी माहौल गरमा दिया है। जैतपुर क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के 'लापता' होने के पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें क्षेत्र की अनदेखी और जल संकट को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पोस्टर सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक कमलनाथ एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह उनके निर्वाचन क्षेत्र के एक गांव में लगाए गए ऐसे पोस्टर हैं, जिनमें उन्हें "लापता विधायक" बताया गया है। यह मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और भाजपा तथा कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा जिले के जैतपुर कला गांव में कुछ ग्रामीणों द्वारा ऐसे पोस्टर लगाए गए, जिनमें लिखा गया कि "विधायक कमलनाथ लापता हैं" तथा "विधानसभा की जनता को अपने विधायक की तलाश है।" इन पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

पोस्टर लगाने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद कमलनाथ गांव नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, कृषि और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी कई समस्याएं हैं, जिन्हें वे अपने विधायक के सामने रखना चाहते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि न तो विधायक गांव आते हैं और न ही छिंदवाड़ा स्थित उनके निवास पर आसानी से मुलाकात हो पाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता के बीच लगातार मौजूद रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना भी है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से "लापता विधायक" के पोस्टर लगाए।

भाजपा ने साधा निशाना

इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा ने कांग्रेस और कमलनाथ को घेरने का प्रयास किया। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी संदीप सिंह चौहान ने कहा कि छिंदवाड़ा की जनता अपने विधायक से मिलने के लिए परेशान है। उनका आरोप है कि कमलनाथ जनता की समस्याएं सुनने के बजाय क्षेत्र से दूरी बनाए हुए हैं।

भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में जनता और जनप्रतिनिधि के बीच निरंतर संवाद आवश्यक होता है। यदि जनता को अपने विधायक से मिलने के लिए पोस्टर लगाने पड़ें तो यह चिंता का विषय है।

कांग्रेस ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र

दूसरी ओर कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे भाजपा की राजनीतिक साजिश बताया है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने कहा कि कमलनाथ लगातार छिंदवाड़ा से जुड़े रहते हैं और समय-समय पर जिले का दौरा करते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व सांसद नकुलनाथ भी नियमित रूप से हर महीने छिंदवाड़ा पहुंचते हैं तथा लोगों की समस्याएं सुनते हैं।

कांग्रेस का कहना है कि भाजपा जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की राजनीति कर रही है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष की छवि खराब करने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं।

पहले भी लग चुके हैं ऐसे पोस्टर

यह पहला अवसर नहीं है जब कमलनाथ को लेकर इस प्रकार के पोस्टर सामने आए हों। वर्ष 2020 में भी कमलनाथ और तत्कालीन सांसद नकुलनाथ के "लापता" होने संबंधी पोस्टर लगाए गए थे। उस समय भी मामला राजनीतिक विवाद का कारण बना था और दोनों प्रमुख दलों के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी और राजनीतिक माहौल में इस प्रकार के प्रतीकात्मक विरोध अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं तथा सोशल मीडिया के कारण तेजी से व्यापक स्तर पर फैल जाते हैं।

अप्रैल में किया था क्षेत्र का दौरा

कांग्रेस नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि कमलनाथ पूरी तरह क्षेत्र से दूर नहीं हैं। जानकारी के अनुसार वे दो अप्रैल को छिंदवाड़ा पहुंचे थे और लगभग तीन दिनों तक विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों से भी मुलाकात की थी।

हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों तक उनकी नियमित पहुंच नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों में असंतोष है।

रामेश्वर शर्मा का अलग रुख

इस विवाद के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता रामेश्वर शर्मा का बयान भी चर्चा में रहा। आमतौर पर कमलनाथ पर आक्रामक रुख अपनाने वाले रामेश्वर शर्मा ने इस बार अपेक्षाकृत नरम भाषा का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा कि कमलनाथ एक वरिष्ठ और वयोवृद्ध नेता हैं, इसलिए उनके प्रति सम्मान और सहानुभूति का भाव होना चाहिए। हालांकि उन्होंने व्यंग्य करते हुए यह भी कहा कि यदि वे क्षेत्र में कम भी दिखाई देते हों, तब भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार छिंदवाड़ा सहित पूरे मध्य प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

रामेश्वर शर्मा के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में अलग दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने एक ओर सम्मान व्यक्त किया तो दूसरी ओर कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष हमला भी किया।

सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस

पोस्टरों की तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे जनता की नाराजगी का प्रतीक बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे सुनियोजित राजनीतिक अभियान करार दे रहा है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में ऐसे प्रतीकात्मक विरोध कुछ ही घंटों में राज्यव्यापी मुद्दा बन जाते हैं और राजनीतिक दल भी इन्हें अपने-अपने पक्ष में भुनाने का प्रयास करते हैं।

जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर बहस

इस पूरे घटनाक्रम ने जनप्रतिनिधियों की क्षेत्र में सक्रियता और जनता के प्रति जवाबदेही को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता अपने प्रतिनिधियों से नियमित संवाद, विकास कार्यों की समीक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान की अपेक्षा रखती है। जब