बारिश में त्रिपाल के नीचे हुआ अंतिम संस्कार, नौरेजपुर के श्मशान की बदहाली ने विकास के दावों की खोली पोल
उरई के कदौरा क्षेत्र के ग्राम नौरेजपुर में श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आई। गुजरात के पालनपुर में बीमारी से मृत गांव निवासी 36 वर्षीय देवेंद्र पाल का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद भारी बारिश के बीच श्मशान घाट पर छत न होने के कारण परिजनों को त्रिपाल लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और श्मशान घाट पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई। देवेंद्र पाल अपने पीछे छह वर्षीय बेटे, चार वर्षीय बेटी और परिवार को छोड़ गए हैं।
ग्राम नौरेजपुर में बारिश के चलते त्रिपाल लगाकर हुआ अंतिम संस्कार,
उरई। कदौरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौरेजपुर में एक बेहद भावुक और दर्दनाक घटना सामने आई। गांव निवासी देवेंद्र पाल (36) पुत्र सियाराम पाल का बीमारी के चलते गुजरात के पालनपुर स्थित एक सरकारी अस्पताल में मंगलवार को निधन हो गया। वह परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात में पेंटिंग का कार्य करते थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि गांव में श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण भारी बारिश के बीच परिजनों को त्रिपाल लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। ये है ग्रामीण विकास बड़े बड़े वायदे करने वालों को शर्म आनी चाहिए कि जिस स्थान पर दुनिया जे सभी इंसानों को जाना है वहां भी एक छत नहीं बनवा सके ये कार्य वैसे को प्रधान ही करवा सकता था लेकिन उन्होंने भी कभी नहीं सोचा कि हम भी एक दिन इसी स्थान पर आयेंगे ।
देवेंद्र पाल अपने पीछे छह वर्षीय बेटे और चार वर्षीय बेटी सहित परिवार को छोड़ गए हैं। पिता के असमय निधन से दोनों मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जिससे पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
इस दुखद अवसर पर गुलजारी पाल, सियाराम पाल, बालकिशन, अभिलाख, गोविंद, कृष्ण कुमार (पूर्व प्रधान), सोबरन पाल, प्रमोद कोटेदार, नरपाल पाल सहित अनेक ग्रामीणों ने शोक संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस