UCC विधेयक पारित होने पर बोले गोविंद सिंह राजपूत- समानता और सामाजिक समरसता की दिशा में मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक कदम, कांग्रेस पर साधा निशाना

मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित होने पर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इसे सामाजिक समानता, न्याय और राष्ट्रीय एकता की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि UCC से सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर मिलेंगे।

UCC विधेयक पारित होने पर बोले गोविंद सिंह राजपूत- समानता और सामाजिक समरसता की दिशा में मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक कदम, कांग्रेस पर साधा निशाना

खाद्य मंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" संकल्प को CM मोहन यादव ने आगे बढ़ाया, कांग्रेस के विरोध को बताया राजनीति

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित होने के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस निर्णय को राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता केवल एक कानून नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना के अनुरूप समान न्याय, समान अधिकार और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला प्रयास है।

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने यह निर्णय लेकर सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य समाज के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और समान दायित्व प्रदान करना है। इससे व्यक्तिगत कानूनों के आधार पर होने वाली असमानताओं को दूर करने की दिशा में मदद मिलेगी और महिलाओं सहित सभी वर्गों को न्याय तथा समान अवसर उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार लगातार सुशासन, विकास और सामाजिक हितों से जुड़े फैसले ले रही है। UCC विधेयक का पारित होना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस विचार को मध्यप्रदेश में प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया है।

खाद्य मंत्री ने कहा कि देश में समानता और एकता को मजबूत करने के लिए स्पष्ट नीति और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। मध्यप्रदेश ने यह साबित किया है कि जनहित और संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित विधानसभा के सभी सदस्यों को विधेयक पारित होने पर बधाई दी और कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए न्यायपूर्ण समाज की मजबूत नींव साबित होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश का यह कदम देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगा। समान नागरिक संहिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक चर्चा को इससे नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अवसर, सम्मान और अधिकार उपलब्ध कराना है।

कांग्रेस पर मंत्री का हमला

विधानसभा में UCC विधेयक को लेकर कांग्रेस के विरोध और हंगामे पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद असमंजस की स्थिति में है और उसे यह स्पष्ट नहीं है कि वह किस मुद्दे पर क्या रुख अपनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े विषयों को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है।

मंत्री ने कहा कि विधानसभा जनता की समस्याओं पर गंभीर चर्चा का मंच है, लेकिन कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल राजनीतिक प्रदर्शन करना रह गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता किसानों, गरीबों, युवाओं, रोजगार और विकास जैसे विषयों पर सकारात्मक चर्चा चाहती है, लेकिन कांग्रेस इन मुद्दों पर समाधान की राजनीति करने के बजाय विरोध की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश को विकास, समानता और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि UCC विधेयक इसी सोच का परिणाम है, जो प्रदेश में समान अधिकार और न्याय की भावना को मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के साथ मध्यप्रदेश लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रहा है। UCC विधेयक का पारित होना प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह आने वाले वर्षों में सामाजिक बदलाव का आधार बनेगा।