एमपी-पीएससी परीक्षा अब साल में दो बार, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान; सरकारी कॉलेजों में मिलेगी फ्री कोचिंग

मध्य प्रदेश के मु्ख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित 'सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026' में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने युवाओं से संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने सौगातों का पिटारा भी खोला।

एमपी-पीएससी परीक्षा अब साल में दो बार, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान; सरकारी कॉलेजों में मिलेगी फ्री कोचिंग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय बोलकर किया। उन्होंने कहा कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समाज सेवा के 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश में बदलाव आया है। अभी दो दिन पहले क्रिकेट के मैच में भारत ने युवाओं के बलबूते पाकिस्तान का हराया। ये बदलते दौर का भारत है, युवाओं का भारत है। आज युवाओं के सपने साकार हो रहे है

सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री ने युवाओं को दी बड़ी सौगात, 12 नए विश्वविद्यालय और 12 मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा

भोपाल। राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में मंगलवार को आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की कि अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस शुरू करने की बात भी कही गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अगले वर्ष को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने जा रही है। युवा वर्ष के दौरान युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, शोध, स्टार्टअप और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एमपी-पीएससी की परीक्षा साल में दो बार कराने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे।

साल में दो बार होगी MPPSC परीक्षा

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए मुख्यमंत्री की यह घोषणा सबसे महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अभी एमपी-पीएससी की नियमित परीक्षा साल में एक बार आयोजित होती है। अब इसके अतिरिक्त हर वर्ष एक विशेष परीक्षा भी आयोजित की जाएगी।

इस व्यवस्था के लागू होने के बाद युवाओं को एक वर्ष में दो बार राज्य प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इससे अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के अनुरूप बेहतर अवसर मिल सकेंगे और परीक्षा में असफल होने की स्थिति में उन्हें अगले प्रयास के लिए पूरे एक वर्ष का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए लगातार नई भर्तियां की जा रही हैं। इसके साथ ही लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नतियों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश में बेरोजगारी की दर देश में सबसे कम दर्ज की गई है।

सरकारी कॉलेजों में मुफ्त कोचिंग

सीएम यूथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब सरकारी कॉलेजों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस शुरू की जाएंगी।

इस पहल से ऐसे विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जो महंगी निजी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते हैं। कॉलेज स्तर पर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सरकारी नौकरियों की तैयारी करने का अवसर मिलेगा।

12 नए सामान्य विश्वविद्यालय खोलने का ऐलान

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 12 नए सामान्य विश्वविद्यालय खोले जाएंगे। सरकार का उद्देश्य युवाओं को उनके आसपास ही उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार की घोषणा की गई। प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इससे मेडिकल शिक्षा की सीटों में वृद्धि होने के साथ ही विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।

12 नई स्किल यूनिवर्सिटी होंगी शुरू

युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्रदेश में 12 नई स्किल यूनिवर्सिटी शुरू करने की घोषणा की गई है। इन विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक, शॉर्ट-टर्म और आधुनिक पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

सरकार का फोकस युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्योगों और बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से दक्ष बनाने पर रहेगा।

युवा वर्ष 2027 के लिए बनेगा इंटरैक्टिव पोर्टल

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा वर्ष 2027 के लिए एक विशेष इंटरैक्टिव पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के युवा सीधे सरकार तक अपने आइडिया, सुझाव और नवाचार पहुंचा सकेंगे।

सरकार इन सुझावों में उपयोगी और व्यवहारिक विचारों को धरातल पर लागू करने की दिशा में काम करेगी। इससे युवाओं को नीति निर्माण और विकास से जुड़े कार्यों में सीधे भागीदारी का अवसर मिलेगा।

शोधार्थियों की राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह

रिसर्च और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। शोधार्थियों को मिलने वाली राशि को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई।

इसके साथ ही शोध संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालय निधि से एक करोड़ रुपये का विशेष फंड स्थापित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में शोध और नवाचार के वातावरण को मजबूत करना है, ताकि विद्यार्थी और शोधार्थी नई तकनीक और नए विचारों पर काम कर सकें।

सरकारी कॉलेजों में बनेंगी AI और एडवांस कंप्यूटिंग लैब

डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी शासकीय कॉलेजों में AI और एडवांस कंप्यूटिंग लैब स्थापित करने की घोषणा की।

इन लैब्स के जरिए विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक कंप्यूटिंग और तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी नई जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक तक पहुंच मिल सकेगी।

स्टार्टअप के लिए 5 करोड़ रुपये का आइडिया फंड

युवाओं के नए व्यापारिक विचारों और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने 5 करोड़ रुपये का समर्पित आइडिया फंड बनाने का प्रावधान किया है।

इस फंड का उद्देश्य युवाओं के नए आइडिया को शुरुआती स्तर पर सहयोग उपलब्ध कराना और उन्हें व्यावसायिक रूप देने में मदद करना है। इससे प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

‘गांव की बेटी’ योजना का होगा विस्तार

मुख्यमंत्री ने छात्राओं के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। अब स्नातकोत्तर यानी Post Graduation की छात्राओं को भी ‘गांव की बेटी’ और ‘प्रतिभा किरण’ जैसी योजनाओं के दायरे में शामिल कर लाभ देने की बात कही गई है।

इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता आसान होगा।

युवाओं के प्लेसमेंट के लिए बनेगी नोडल एजेंसी

युवाओं को सीधे निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरियों से जोड़ने के लिए सरकार एक पेशेवर नोडल एजेंसी नियुक्त करेगी। यह एजेंसी युवाओं और रोजगार देने वाले संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा प्लेसमेंट की प्रक्रिया को मजबूत करने का काम करेगी।

इसके अलावा प्रदेश के एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल उन्नयन योजना से जोड़कर तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की घोषणा भी की गई। सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।

कामकाजी महिलाओं के लिए हर संभाग में हॉस्टल

मुख्यमंत्री ने कामकाजी महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर भी बड़ी घोषणा की। प्रदेश के प्रत्येक संभाग मुख्यालय पर कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और आधुनिक हॉस्टल बनाए जाएंगे।

इससे दूसरे शहरों से नौकरी या रोजगार के लिए आने वाली महिलाओं को सुरक्षित आवास की सुविधा मिल सकेगी। सरकार की इस पहल को महिला रोजगार और कार्यस्थल पर भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ यूथ कॉन्क्लेव का शुभारंभ

सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत ‘मध्यप्रदेश-सेवा फर्स्ट-इनोवेशन चैलेंज’ के डिजिटल पंजीयन पोर्टल का रिमोट का बटन दबाकर शुभारंभ भी किया।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। डिजिटल तकनीक, नवाचार, रोजगार और युवा केंद्रित योजनाओं को लेकर कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने को मिला।

जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

सीएम यूथ कॉन्क्लेव में केवल घोषणाएं ही नहीं, बल्कि मनोरंजन और संगीत का भी खास इंतजाम किया गया। लाल परेड मैदान में प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर जुबिन नौटियाल और मशहूर फ्यूजन बैंड कबीर कैफे ने लाइव प्रस्तुति दी।

दोनों कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद हजारों युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। संगीत की धुन, तालियों की गूंज और युवाओं के उत्साह से लाल परेड मैदान का माहौल पूरी तरह युवा ऊर्जा से भर गया।

कुल मिलाकर सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणाओं का फोकस शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, शोध, AI, स्टार्टअप और महिला सुरक्षा पर रहा। खासतौर पर एमपी-पीएससी की परीक्षा साल में दो बार कराने और सरकारी कॉलेजों में मुफ्त कोचिंग शुरू करने के ऐलान को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रमुख घोषणाएं

- प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस शुरू होंगी। 

- उच्च शिक्षा में शोध को प्रोत्साहन देने के लिए शोधार्थियों मिलने वाली राशि 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रतिमाह की जाएगी। 

- सभी शासकीय महाविद्यालयों में अत्याधुनिक आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस और एडवांस कम्प्युटिंग लैब की स्थापना की जाएगी। 

- स्टार्टअप के लिए अच्छे आइडियाज मिलें, इसके लिए 5 करोड़ रुपए का आइडिया फंड बनाने का प्रावधान किया गया है।   

- स्नातकोत्तर की छात्राओं को गांव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा। 

- युवाओं के प्लेसमेंट कराने के लिए एक एजेंसी नियुक्त की जाएगी। सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए काम करेगी। 

- राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की 500 नई ईकाइयां बनाई जाएंगी। 

- शोध संस्था में 1 करोड़ रुपए का फंड विश्वविद्यालय निधि से स्थापित किया जाएगा। 

- प्रदेश के एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन योजना से जोड़ा जाएगा।

- प्रत्येक संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। 

- प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2027 में फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) का आयोजन होगा। 

- प्रदेश में पीएससी की सालाना परीक्षा के अतिरिक्त अब हर वर्ष एक विशेष परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। 

- युवा वर्ष 2027 के लिए एक पोर्टल की शुरुआत करेंगे, जिसमें युवा अपने आइडिया और सुझाव दे सकते हैं। उन्हें लागू करेंगे। 

- अगले वर्ष 12 नए मेडिकल कॉलेज और रोजगार परख कोर्स के लिए 12 स्किल यूनिवर्सिटी प्रारंभ की जाएंगी।