पॉक्सो कानून पर उरई के स्कूलों में बड़ी जागरूकता मुहिम: छात्र-छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार, गुड टच-बैड टच से लेकर साइबर अपराध तक दी अहम जानकारी

बच्चों की सुरक्षा को लेकर उरई में बड़ा विधिक अभियान: पॉक्सो एक्ट के प्रावधान समझाए, 1098-112 हेल्पलाइन और व्यक्तिगत सुरक्षा की दी जानकारी

पॉक्सो कानून पर उरई के स्कूलों में बड़ी जागरूकता मुहिम: छात्र-छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार, गुड टच-बैड टच से लेकर साइबर अपराध तक दी अहम जानकारी

पॉक्सो कानून से बच्चों को किया जागरूक, जयपुरिया स्कूल में नुक्कड़ नाटक से समझाए सुरक्षा के अधिकार

उरई। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में 2 अक्टूबर गांधी जयंती एवं अहिंसा दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को तहसील उरई क्षेत्र के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट-2012, बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, साइबर अपराध और विभिन्न सरकारी एवं विधिक सेवाओं की जानकारी दी गई।

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो कानून

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज उरई में आयोजित शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन की सचिव मनाली चन्द्रा ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट-2012 के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह कानून बनाया गया है। कानून के अंतर्गत बच्चों के यौन शोषण, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की असहज या संदिग्ध स्थिति सामने आने पर डरने या चुप रहने के बजाय तत्काल भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या संबंधित सहायता सेवा से संपर्क करना चाहिए।

विधिक सहायता के लिए 15100 पर कर सकते हैं संपर्क

मनाली चन्द्रा ने बताया कि जनपद न्यायालय परिसर जालौन, उरई में स्थापित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में पहुंचकर निःशुल्क विधिक सहायता एवं कानूनी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर विधिक सहायता ली जा सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न विधिक सेवाओं की भी जानकारी दी।

गुड टच-बैड टच और व्यक्तिगत सुरक्षा पर जोर

इसके बाद सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल उरई में आयोजित कार्यक्रम में भी मनाली चन्द्रा ने विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि बच्चों को अपने शरीर और व्यक्तिगत सीमाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार उन्हें असहज, अनुचित या संदिग्ध लगे तो उसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में बिना डर और झिझक के माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी भरोसेमंद व्यक्ति को तत्काल इसकी जानकारी दें।

1098 और 112 नंबर की दी जानकारी

कार्यक्रम में बच्चों को आपातकालीन सहायता के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन तथा 112 आपातकालीन नंबर की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि संकट या किसी गंभीर स्थिति में इन सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह

डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें अपनी निजी जानकारी, फोटो, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील विवरण अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। सोशल मीडिया पर किसी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध का सामना होने पर तत्काल अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।

नुक्कड़ नाटक से समझाया पॉक्सो कानून

सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल में पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों को सरल और प्रभावी तरीके से यह समझाया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय आवाज उठाना और उचित सहायता लेना जरूरी है।

लोक अदालत और सुलह-समझौते की दी जानकारी

शिविर का संचालन कर रहे पी.एल.वी. महेश सिंह परिहार ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को लोक अदालतों और सुलह-समझौता केंद्र के लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न कानूनी सुविधाओं और सेवाओं के संबंध में भी विस्तार से बताया।

कार्यक्रम के अंत में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज उरई की श्रीमती कुसुमलता शाक्यवार तथा सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल उरई की श्रीमती चन्द्राणी मित्रा ने उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल उरई के प्रबंध समिति सलाहकार/प्रतिनिधि प्रमोद कुमार दुबे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के डीईओ दीपक नारायण, पीएलवी मनीषा चतुर्वेदी, महेन्द्र कुमार मिश्रा, योगेन्द्र सिंह तखेले, धर्मेन्द्र कुमार, रामदेव चतुर्वेदी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।