नीला ड्रम मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला: मुस्कान-साहिल दोषी करार, 126 सुनवाई और 22 से ज्यादा गवाहों के बाद अब 14 अक्टूबर को सजा पर फैसला

मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत मर्डर केस में कोर्ट का फैसला सामने आ गया है। बता दें कि सौरभ का शव कई टुकड़ों में नीले ड्रम से बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस ने सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को गिरफ्तार किया था।

नीला ड्रम मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला: मुस्कान-साहिल दोषी करार, 126 सुनवाई और 22 से ज्यादा गवाहों के बाद अब 14 अक्टूबर को सजा पर फैसला

मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में कोर्ट ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया है। नीले ड्रम में शव छिपाने के मामले में 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी।

मेरठ। देशभर में चर्चित रहे मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत नीला ड्रम हत्याकांड में बुधवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या के मामले में दोषी करार दिया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में लंबे समय से चल रहे इस मामले में 126 सुनवाई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद मुकदमा अब सजा के चरण में पहुंच गया है। अदालत दोनों दोषियों को कितनी सजा देगी, इसका फैसला 14 अक्टूबर को किया जाएगा।

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से दोनों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की गई है, जबकि बचाव पक्ष ने सजा के बिंदु पर अपना पक्ष रखने की बात कही है। अदालत ने दोषसिद्धि के बाद सजा पर निर्णय के लिए अगली तारीख तय की है।

126 सुनवाई, 22 से ज्यादा गवाह और करीब 13 महीने चली कानूनी प्रक्रिया

सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई लंबे समय तक चली। जुलाई 2025 में ट्रायल शुरू होने के बाद अदालत में लगातार सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे। मामले में 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए और कुल 126 तारीखों पर सुनवाई हुई। अंतिम बहस भी सितंबर 2026 में पूरी हो चुकी थी। इसके बाद अदालत के फैसले का इंतजार था।

अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। वहीं बचाव पक्ष ने भी मामले में अपने तर्क प्रस्तुत किए। अब अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दे दिया है।

क्या है पूरा नीला ड्रम हत्याकांड?

मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में रहने वाले सौरभ राजपूत की हत्या का मामला मार्च 2025 में सामने आया था। जांच के दौरान सौरभ का शव उसके घर में रखे एक नीले ड्रम से बरामद हुआ था। शव को छिपाने के लिए ड्रम का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आ गया था।

पुलिस की जांच में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के नाम सामने आए। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और लंबी न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई।

शिमला जाने की कहानी ने भी खींचा ध्यान

जांच के दौरान पुलिस के सामने यह भी जानकारी आई कि हत्या के बाद मुस्कान और साहिल शिमला चले गए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सौरभ के फोन से संदेश भेजकर परिवार को गुमराह करने की कोशिश किए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। बाद में जब पूरे मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस ने घर से सौरभ का शव बरामद किया और जांच आगे बढ़ाई।

यही घटनाक्रम इस मामले को बेहद चर्चित बनाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल रहा। नीले ड्रम से शव बरामद होने की तस्वीरों और मामले की जांच से जुड़ी जानकारियों ने लोगों का ध्यान खींचा और पूरे देश में इस हत्याकांड की चर्चा होने लगी।

परिवार ने मांगी फांसी की सजा

अदालत द्वारा मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिए जाने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा 14 अक्टूबर को होने वाली सजा पर है। सौरभ राजपूत के परिवार ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। परिवार का कहना है कि इस हत्याकांड के लिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

हालांकि, अंतिम सजा क्या होगी, इसका फैसला अदालत 14 अक्टूबर को करेगी। दोषसिद्धि के बाद अब न्यायालय सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करेगा।

जेल में शांत नजर आए मुस्कान और साहिल

फैसले से पहले जेल में दोनों के व्यवहार को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुस्कान धार्मिक गतिविधियों में समय बिता रही थी, जबकि साहिल ने बातचीत काफी कम कर दी थी। दोनों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल होने का अनुरोध भी किया था।

अब अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों के लिए अगली महत्वपूर्ण तारीख 14 अक्टूबर है।

बचाव पक्ष ने बेटी का भी दिया हवाला

मामले में बचाव पक्ष की ओर से सजा के चरण में मानवीय आधारों को भी सामने रखने की बात कही गई है। रिपोर्टों के अनुसार, मुस्कान की बेटी का हवाला देते हुए सजा में नरमी की मांग किए जाने की बात सामने आई है।

दूसरी ओर अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा की मांग की है। अब अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सजा का निर्धारण करेगी।

कब क्या हुआ?

3 मार्च 2025: अभियोजन के अनुसार सौरभ राजपूत की हत्या की गई।

मार्च 2025: हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए नीले ड्रम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।

5 मार्च 2025: जांच में सामने आया कि मुस्कान और साहिल शिमला गए थे।

16-17 मार्च 2025: मामले का खुलासा हुआ और पुलिस जांच में सौरभ का शव नीले ड्रम से बरामद किया गया।

19 मार्च 2025: पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और दोनों जेल भेजे गए।

जुलाई 2025: जिला जज की अदालत में मामले का ट्रायल शुरू हुआ।

सितंबर 2026: मामले में अंतिम बहस पूरी हुई।

30 सितंबर 2026: अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया।

14 अक्टूबर 2026: अदालत दोनों दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी।

अब 14 अक्टूबर पर टिकी नजरें

करीब डेढ़ साल से चले इस चर्चित मामले में दोषसिद्धि के बाद अब अगला चरण सजा का है। 126 सुनवाई, 22 से अधिक गवाहों और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया है। अब 14 अक्टूबर को यह तय होगा कि अदालत दोनों को कौन-सी सजा सुनाती है।

सौरभ राजपूत हत्याकांड का फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस मामले ने हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में छिपाए जाने की वजह से देशभर में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अब दोषसिद्धि के बाद पीड़ित परिवार की नजर अदालत के अगले आदेश पर है।