आचार संहिता लागू होते ही सख्त हुआ प्रशासन, डीएम ने राजनीतिक दलों को पढ़ाया चुनावी नियमों का पाठ; 33 मतदेय स्थलों पर बनी सहमति
उरई में 22 सितंबर से आदर्श आचार संहिता लागू, राजनीतिक दलों को दिए निर्वाचन आयोग के निर्देश; मतदाताओं को प्रलोभन, भय और दबाव से प्रभावित करने पर सख्ती की चेतावनी
33 प्रस्तावित मतदेय स्थलों पर राजनीतिक दलों ने जताई सहमति, डीएम ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए नियमों के पालन पर दिया जोर
उरई। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन-2026 को लेकर जनपद में 22 सितंबर से आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है। निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी समीर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों और निर्वाचन से जुड़े सभी प्रतिनिधियों को स्पष्ट किया कि आचार संहिता लागू होने के बाद निर्वाचन संबंधी प्रत्येक गतिविधि निर्धारित नियमों और आयोग के निर्देशों के अनुरूप ही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी निष्पक्षता बनाए रखना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है।
बैठक में विशेष रूप से मतदाताओं को किसी भी प्रकार के प्रलोभन, भय, दबाव अथवा अनुचित प्रभाव से दूर रखने पर जोर दिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि किसी मतदाता को प्रभावित करने के उद्देश्य से ऐसा कोई कार्य स्वीकार्य नहीं होगा, जिससे निर्वाचन की निष्पक्षता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े। राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों से अपेक्षा की गई कि वे निर्वाचन की गरिमा बनाए रखते हुए आयोग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही प्रचार-प्रसार और अन्य चुनावी गतिविधियां संचालित करें।
राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई आचार संहिता की प्रति
बैठक के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आदर्श आचार संहिता के अनुपालन से संबंधित आवश्यक निर्देशों की प्रति भी उपलब्ध कराई गई। प्रशासन की ओर से कहा गया कि सभी दल इन नियमों का अध्ययन करें और अपने पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा अभ्यर्थियों को भी निर्धारित प्रावधानों से अवगत कराएं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गतिविधि ऐसी नहीं होनी चाहिए जिससे मतदाताओं पर अनुचित प्रभाव पड़े अथवा निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो। उन्होंने राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि प्रशासन और सभी राजनीतिक दलों के सामूहिक प्रयास से निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकता है।
33 प्रस्तावित मतदेय स्थलों पर हुई चर्चा
बैठक में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन के लिए प्रस्तावित 33 मतदेय स्थलों की सूची पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिला प्रशासन की ओर से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तावित मतदान केंद्रों की जानकारी रखी गई।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रस्तावित सभी मतदेय स्थल शासकीय भवनों में स्थित हैं और वहां मतदान प्रक्रिया के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रस्तावित मतदेय स्थलों को लेकर बैठक में मौजूद किसी भी राजनीतिक दल की ओर से कोई आपत्ति या सुझाव प्रस्तुत नहीं किया गया।
सभी प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित 33 मतदेय स्थलों पर अपनी सहमति व्यक्त की। इससे प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों से संबंधित तैयारियों को आगे बढ़ाने का रास्ता भी साफ हुआ। अधिकारियों ने कहा कि मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि मतदान के दौरान मतदाताओं और निर्वाचन कर्मियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निर्वाचन की गरिमा बनाए रखने की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी समीर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे निर्वाचन के दौरान संयम और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रचार के दौरान आयोग के नियमों का पालन करना जरूरी है। सभी दलों को अपने स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को आचार संहिता के प्रावधानों की जानकारी देनी चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन न हो।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन के दौरान प्रशासन का मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष माहौल बनाए रखना है। इसके लिए निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ करना होगा। राजनीतिक दलों से भी अपेक्षा की गई कि वे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु बनाने में सहयोग करें।
स्वतंत्र और शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रशासन की प्राथमिकता
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता को बिना किसी भय, दबाव या लालच के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों और राजनीतिक दलों से निर्धारित नियमों का पालन करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बातों और सुझावों को भी सुना। मतदेय स्थलों को लेकर किसी दल की ओर से आपत्ति नहीं आने के बाद प्रस्तावित केंद्रों पर सहमति दर्ज की गई। प्रशासन की ओर से निर्वाचन से संबंधित आगामी गतिविधियों के लिए भी आवश्यक तैयारियां जारी रखने की बात कही गई।
बैठक में ये अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) शत्रुहन पाठक, शान्ति स्वरूप महेश्वरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के निर्वाचन प्रतिनिधि विनोद कुमार, बहुजन समाज पार्टी के जिला सचिव भगवती शरण पांचाल, सीपीआईएम के जिला सचिव विनोद कुमार नगरिया, कांग्रेस की शहर अध्यक्ष ज्योति त्रिपाठी, समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव जमालुद्दीन, कांग्रेस की जिला अध्यक्ष शुकन्तला तिवारी, अनिल कुदारी जिलाध्यक्ष सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में सहभागिता की।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। राजनीतिक दलों से भी अपेक्षा की गई कि वे निर्धारित नियमों के तहत अपनी चुनावी गतिविधियां संचालित करें और निर्वाचन की गरिमा को बनाए रखने में सहयोग करें।
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन-2026 को लेकर आचार संहिता प्रभावी होने के बाद आयोजित यह बैठक प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। 33 प्रस्तावित मतदेय स्थलों पर सहमति बनने के साथ ही प्रशासन ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। अब निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्षों की जिम्मेदारी होगी कि वे आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने में अपना सहयोग दें।
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