7.26 एकड़ जमीन पर नगर पालिका का कब्जा, बीसीएच मिशन का भारी-भरकम कंपाउंड बुलडोजर से कराया खाली
उरई में नगर पालिका परिषद ने बीसीएच मिशन की 7.26 एकड़ भूमि पर स्थित पुराने कंपाउंड को मंगलवार को बुलडोजर की मदद से खाली कराकर अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार भूमि की लीज वर्ष 2014 में समाप्त हो गई थी और इसके बाद नवीनीकरण नहीं कराया गया। कार्रवाई से पहले परिसर में रह रहे किरायेदारों को नोटिस दिए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। बीसीएच मिशन का यह परिसर 1980 के दशक में अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता था।
7.26 एकड़ जमीन पर नगर पालिका की कार्रवाई
2014 में समाप्त हो गई थी भूमि की लीज
पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर पहुंची टीम
किरायेदारों को पहले जारी किए गए थे नोटिस
उरई। नगर पालिका परिषद उरई ने मंगलवार को बीसीएच मिशन की 7.26 एकड़ भूमि पर स्थित बड़े कंपाउंड को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई की। लीज अवधि समाप्त होने के बाद भूमि का नवीनीकरण नहीं होने को कार्रवाई का आधार बताया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से परिसर को खाली कराया। कार्रवाई से पहले परिसर में रहने वाले किरायेदारों को नोटिस जारी कर जगह खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
नगर पालिका की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी संख्या में लोग एकत्र हो गए। बड़े भूखंड पर हुई कार्रवाई को लेकर आसपास के क्षेत्र में दिनभर चर्चा बनी रही। प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच परिसर को अपने नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया पूरी की।
2014 में समाप्त हो गई थी भूमि की लीज
नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के अनुसार बीसीएच मिशन से संबंधित 7.26 एकड़ भूमि की लीज वर्ष 2014 में समाप्त हो गई थी। लीज अवधि समाप्त होने के बाद भूमि का नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बावजूद लंबे समय तक परिसर का उपयोग होता रहा। मामला काफी समय से लंबित बताया जा रहा था। अब नगर पालिका ने नियमानुसार भूमि को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू की।
अधिकारियों का कहना है कि लीज समाप्त होने के बाद संबंधित भूमि पर नगर पालिका का अधिकार बनता है। इसी आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। कार्रवाई से पहले परिसर में रहने वाले किरायेदारों को नोटिस देकर उन्हें स्थान खाली करने के लिए कहा गया था। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद मंगलवार को नगर पालिका की टीम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची।
बुलडोजर लेकर पहुंची नगर पालिका की टीम
मंगलवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील के नेतृत्व में टीम परिसर में पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
नगर पालिका की टीम ने पहले परिसर की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बुलडोजर की मदद से परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। टीम ने परिसर में मौजूद कब्जे और उपयोग की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई। अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। आसपास के लोगों की भीड़ को भी नियंत्रित किया गया। नगर पालिका की टीम ने कार्रवाई पूरी होने के बाद भूमि को अपने नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
कभी अंग्रेजी माध्यम शिक्षा का प्रमुख केंद्र था परिसर
बीसीएच मिशन का यह परिसर उरई में काफी पुराना माना जाता है। बताया जाता है कि वर्ष 1980 के दशक में यहां संचालित बीसीएच मिशन स्कूल जिले के प्रमुख अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शामिल था। उस समय उरई और आसपास के क्षेत्रों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने के विकल्प काफी सीमित थे। ऐसे में बीसीएच मिशन स्कूल अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच विशेष पहचान रखता था।
उस दौर में बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों को यहां पढ़ाने के लिए भेजते थे। अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के साथ मिशन से जुड़ी गतिविधियों के कारण भी यह परिसर शहर में जाना-पहचाना स्थान था। समय बीतने के साथ शिक्षा व्यवस्था में बदलाव आया और अंग्रेजी माध्यम के कई नए स्कूल सामने आए। इसके साथ ही बीसीएच मिशन से जुड़ी गतिविधियों में भी बदलाव होता गया।
पुराने समय में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान रखने वाला यह परिसर अब नगर पालिका की कार्रवाई के कारण एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
किरायेदारों को पहले दिए गए थे नोटिस
नगर पालिका अधिकारियों के मुताबिक परिसर में रहने वाले किरायेदारों को कार्रवाई से पहले नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के माध्यम से उन्हें परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए थे। नगर पालिका का कहना है कि संबंधित लोगों को पर्याप्त समय और सूचना देने के बाद ही कब्जा लेने की कार्रवाई की गई।
मंगलवार को टीम के पहुंचने के बाद परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद नगर पालिका ने भूमि को अपने नियंत्रण में लेने की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार की गई है।
बड़ी जमीन पर कार्रवाई से लोगों में चर्चा
7.26 एकड़ जैसे बड़े भूखंड पर नगर पालिका की कार्रवाई को देखने के लिए आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। जैसे-जैसे कार्रवाई आगे बढ़ी, लोगों की भीड़ बढ़ती गई। स्थानीय लोग पुराने बीसीएच मिशन परिसर से जुड़ी अपनी यादों को लेकर भी चर्चा करते नजर आए।
कई लोगों के लिए यह परिसर शहर के पुराने दौर की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा रहा है। यही वजह है कि मंगलवार की कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर खासा ध्यान आकर्षित किया। हालांकि कार्रवाई को लेकर बीसीएच मिशन से जुड़े किसी जिम्मेदार व्यक्ति का पक्ष सामने नहीं आ सका है।
प्रशासन ने बताया नियमों के तहत कार्रवाई
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि भूमि की लीज वर्ष 2014 में समाप्त हो चुकी थी और उसके बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। लंबे समय तक मामला लंबित रहने के बाद अब भूमि को नगर पालिका के कब्जे में लेने की प्रक्रिया पूरी की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष और परिसर में रह रहे किरायेदारों को नोटिस दिए गए थे। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में परिसर खाली कराया गया।
फिलहाल नगर पालिका ने 7.26 एकड़ भूमि को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस कार्रवाई के बाद अब इस बड़े भूखंड का भविष्य में किस तरह उपयोग किया जाएगा, इसे लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि नगर पालिका की ओर से अभी भूमि के आगामी उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
वहीं, बीसीएच मिशन से जुड़े लोगों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल नगर पालिका का कहना है कि लीज समाप्त होने और नवीनीकरण नहीं होने के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भूमि को अपने कब्जे में लिया गया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस