पहली बारिश में धराशायी हुआ शहीद स्मारक पार्क का निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल, करीब डेढ़ करोड़ के प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर उठे सवाल; जिम्मेदार मौन
उरई के शहीद स्मारक पार्क में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्य के बीच पहली बारिश में बाउंड्रीवाल का हिस्सा गिर गया। दीवार में कई जगह दरारें भी दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तकनीकी जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। वहीं नगर पालिका ईओ राम अचल कुरील का कहना है कि गिरी हुई दीवार पिछले कार्यकाल में बनाई गई थी।
पहली बारिश में खुली निर्माण कार्य की पोल
करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहा है पार्क
बाउंड्रीवाल का हिस्सा गिरा, कई जगह दरारें
स्थानीय लोगों ने मानकों की अनदेखी का लगाया आरोप
उरई। नगर पालिका परिषद उरई की ओर से शहीद स्मारक पार्क में कराए जा रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर पहली ही बारिश ने सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे पार्क की बाउंड्रीवाल बारिश के बाद धराशायी हो गई। वहीं दीवार के कई हिस्सों में दरारें भी साफ दिखाई दे रही हैं। बाउंड्रीवाल गिरने के बाद स्थानीय लोगों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी निगरानी व्यवस्था को लेकर नाराजगी है।
बताया जा रहा है कि शहीद स्मारक पार्क के विकास कार्य में बाउंड्रीवाल का निर्माण भी शामिल है। बारिश के बाद दीवार का एक हिस्सा गिरने से लोगों ने निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण कराया गया होता तो सामान्य बारिश के बाद दीवार इस तरह धराशायी नहीं होती। लोगों ने निर्माण सामग्री और निर्माण प्रक्रिया की जांच की मांग उठाई है।
मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील ने अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि जो बाउंड्रीवाल गिरी है, वह पिछले कार्यकाल में बनाई गई थी। उनके कार्यकाल में पार्क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन उस समय यह दीवार पहले से ही बनी हुई थी। ऐसे में दीवार के निर्माण की जिम्मेदारी पिछले कार्यकाल से जुड़ी होने की बात कही जा रही है।
वहीं, नगर पालिका के कुछ सभासद पूर्व में अधिशासी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं, जिसकी जांच भी चल रही है। ऐसे में निर्माणाधीन पार्क की बाउंड्रीवाल बारिश में गिरने के बाद पुराने आरोपों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि पूरे मामले में वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहीद स्मारक पार्क जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। पार्क के निर्माण पर खर्च होने वाली राशि जनता के धन से आती है, इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
लोगों ने मांग की है कि पार्क में अब तक कराए गए सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही बाउंड्रीवाल के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, नींव, निर्माण मानकों और जिम्मेदार एजेंसी की जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दीवार गिरने की वजह निर्माण की खराब गुणवत्ता थी या पहले से मौजूद संरचना कमजोर थी।

पहली बारिश में बाउंड्रीवाल गिरने की घटना ने नगर पालिका के निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नगर पालिका और संबंधित अधिकारी मामले की तकनीकी जांच कराते हैं या नहीं। फिलहाल शहीद स्मारक पार्क की गिरी हुई दीवार विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों का केंद्र बनी हुई है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस