MSP पर धान-ज्वार-बाजरा बेचने किसानों में जबरदस्त उत्साह: एक लाख से ज्यादा पंजीयन, 10 अक्टूबर तक किसानों के पास आखिरी मौका

समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने के लिए प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 1100 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं। पंजीयन निःशुल्क केंद्रों के साथ एमपी ऑनलाइन, सीएससी और लोक सेवा केंद्रों पर अधिकतम 50 रुपये शुल्क में कराया जा सकता है। फसल भुगतान के लिए आधार लिंक बैंक खाता और आधार वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

MSP पर धान-ज्वार-बाजरा बेचने किसानों में जबरदस्त उत्साह: एक लाख से ज्यादा पंजीयन, 10 अक्टूबर तक किसानों के पास आखिरी मौका

समर्थन मूल्य पर धान-ज्वार-बाजरा बेचने किसानों की बढ़ी भागीदारी: एक लाख से ज्यादा पंजीयन, 10 अक्टूबर तक मौका

1100 से अधिक केंद्रों पर जारी है पंजीयन प्रक्रिया, किसानों को समय रहते पंजीयन कराने की अपील

भोपाल। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए पंजीयन प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक किसान अपना पंजीयन करा चुके हैं। किसानों के पास पंजीयन कराने के लिए 10 अक्टूबर 2026 तक का समय है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की है, ताकि उपज विक्रय के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर किसान अपनी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराकर समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए पंजीयन करा सकते हैं।

जबलपुर संभाग में सबसे अधिक किसानों का पंजीयन

अब तक हुए पंजीयन में विभिन्न संभागों के किसानों की भागीदारी सामने आई है। जबलपुर संभाग में 54 हजार 79 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके अलावा रीवा संभाग में 26 हजार 730, शहडोल में 9 हजार 710, नर्मदापुरम में 9 हजार 436, सागर में 4 हजार 766 और भोपाल संभाग में 4 हजार 244 किसानों ने पंजीयन कराया है।

सरकार की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर लें।

ग्राम पंचायत से सहकारी समितियों तक निःशुल्क पंजीयन

किसानों के लिए पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था भी की गई है। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों के अलावा सहकारी समितियों तथा सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर किसान बिना शुल्क पंजीयन करा सकेंगे।

इसके साथ ही एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। इन केंद्रों पर पंजीयन के लिए 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

पंजीयन के दौरान किसान के भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों का परीक्षण कर रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।

सिकमी और बटाईदार किसानों के लिए अलग व्यवस्था

सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति तथा सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी। इन श्रेणियों में पंजीयन कराने वाले शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र किसानों का सत्यापन सुनिश्चित करना और समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है।

फसल के भुगतान के लिए बैंक खाता जरूरी

समर्थन मूल्य पर किसान द्वारा बेची गई उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। यदि किसी कारण से आधार लिंक खाते में भुगतान संभव नहीं होता है, तो पंजीयन के दौरान उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा।

किसान को पंजीयन के समय बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड की जानकारी देना जरूरी होगा। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते तथा फिनो, एयरटेल और पेटीएम जैसे खाते पंजीयन के लिए मान्य नहीं होंगे।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने आधार नंबर से बैंक खाते और मोबाइल नंबर को लिंक कराकर जानकारी को अपडेट रखें, ताकि भुगतान के समय किसी तरह की तकनीकी समस्या न आए।

आधार लिंक खाते के सत्यापन के लिए होगा एक रुपये का ट्रांजेक्शन

आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान ही मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से एक रुपये का ट्रांजेक्शन कराया जाएगा। इससे किसान के बैंक खाते की जानकारी के सत्यापन में मदद मिलेगी।

जिला कलेक्टरों को जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केंद्रों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसान इन केंद्रों पर जाकर अपने मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक जानकारी को अपडेट करा सकेंगे। इसके लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केंद्रों का भी उपयोग किया जा सकता है।

आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य

समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए किसान का आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। यह वेरिफिकेशन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी अथवा बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकेगा।

पंजीयन तभी मान्य होगा जब किसान के भू-अभिलेख में दर्ज खाते और खसरे के नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। यदि भू-अभिलेख और आधार कार्ड में नाम को लेकर कोई अंतर मिलता है तो संबंधित पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय के माध्यम से कराया जाएगा। सत्यापन के बाद ही पंजीयन को मान्य माना जाएगा।

किसानों को एसएमएस से भी भेजी जा रही सूचना

पंजीयन प्रक्रिया को लेकर किसानों तक सूचना पहुंचाने के लिए एसएमएस का भी सहारा लिया जा रहा है। विगत रबी और खरीफ सीजन के पंजीयन के दौरान जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें पंजीयन की जानकारी एसएमएस के माध्यम से देने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा गांवों में डोडी पिटवाने, ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने तथा समिति और मंडी स्तर पर बैनर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

10 अक्टूबर अंतिम तारीख, समय पर प्रक्रिया पूरी करने की अपील

सरकार ने संबंधित अधिकारियों को किसान पंजीयन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि धान, ज्वार और बाजरा समर्थन मूल्य पर बेचने के इच्छुक किसान 10 अक्टूबर से पहले अपना पंजीयन अवश्य करा लें। समय पर पंजीयन कराने से फसल विक्रय और भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।