शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को पुलिस परिवार ने दी 11.41 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
जालौन पुलिस के चार शहीद जवानों के परिजनों की मदद के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने एक दिन के वेतन से 11.41 लाख रुपये जुटाए। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने सहायता राशि के चेक परिजनों को सौंपते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
एक दिन के वेतन से जुटाई 11.41 लाख की राशि, पुलिस अधीक्षक ने शहीद जवानों के परिजनों को सौंपे सहायता राशि के चेक
उरई (जालौन)। ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में शहीद हुए जालौन पुलिस के चार जवानों के परिजनों की मदद के लिए जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकजुटता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। पुलिस परिवार ने अपने एक दिन के वेतन का योगदान देकर कुल 11 लाख 41 हजार 500 रुपये की सहायता राशि एकत्रित की और शहीद जवानों के परिजनों को प्रदान की। इस पहल का उद्देश्य शहीद परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ यह भरोसा दिलाना है कि विपरीत परिस्थितियों में पूरा पुलिस विभाग उनके साथ खड़ा है।
5 मई को सड़क हादसे में शहीद हुए थे चार जवान
दरअसल, 5 मई 2026 को हरियाणा के नूंह में हुए सड़क हादसे में जालौन पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे। हादसे में उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी अशोक कुमार और आरक्षी प्रदीप कुमार ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। जवानों की शहादत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। पुलिस विभाग के लिए भी यह घटना बेहद पीड़ादायक रही।
शहीद जवानों ने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपनी जान गंवाई। उनके पीछे परिवार के सदस्य रह गए, जिनके लिए जवानों का असमय चले जाना न केवल भावनात्मक बल्कि आर्थिक चुनौती भी बन गया। ऐसे समय में जालौन पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने साथी जवानों के परिवारों की जिम्मेदारी साझा करने का निर्णय लिया।
एक दिन के वेतन से जुटाई सहायता राशि
पुलिस परिवार की ओर से जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने एक दिन के वेतन का योगदान दिया। इस सामूहिक योगदान से 11,41,500 रुपये की राशि एकत्रित हुई। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने पुलिस परिवार की ओर से शहीदों के परिजनों को सहायता राशि के चेक प्रदान किए।
इस दौरान उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह की पत्नी और आरक्षी अशोक कुमार की माता को कुल 11.41 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। सहायता राशि सौंपते समय पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
यह पहल पुलिस विभाग के भीतर आपसी सहयोग और पारिवारिक भावना को भी दर्शाती है। ड्यूटी के दौरान किसी साथी जवान के साथ होने वाली अनहोनी को केवल उसके परिवार का दुख न मानकर पूरे पुलिस परिवार की जिम्मेदारी समझने का संदेश इस पहल से सामने आया।
शहीद परिवारों को हर संभव सहयोग का भरोसा
सहायता राशि प्रदान करते हुए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने शहीद जवानों के बलिदान को याद किया और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस विभाग आगे भी उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनके परिवारों को आवश्यकता के समय हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि शहीद परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी सहायता और सहयोग के कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे। विभाग का प्रयास रहेगा कि परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत के समय उन्हें उचित मार्गदर्शन तथा सहयोग मिल सके।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दी श्रद्धांजलि
सहायता राशि प्रदान करने के अवसर पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा को याद किया। पुलिस परिवार की ओर से कहा गया कि ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों का योगदान हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
चारों जवानों की शहादत ने पुलिस विभाग को गहरा आघात पहुंचाया था। ऐसे में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा आर्थिक योगदान कर परिवारों की मदद करना उनके प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को भी दर्शाता है।
बच्चों की शिक्षा और परिवार की जरूरतों पर भी रहेगा ध्यान
पुलिस विभाग की ओर से शहीद जवानों के परिवारों की दीर्घकालिक जरूरतों पर भी ध्यान देने की बात कही गई है। विशेष रूप से शहीदों के बच्चों की शिक्षा और परिवार के अन्य सदस्यों की आवश्यकताओं को लेकर उपलब्ध योजनाओं और सहायता के माध्यम से सहयोग किए जाने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस विभाग का कहना है कि आर्थिक सहायता केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शहीद परिवारों को भविष्य में भी आवश्यक सहयोग मिलता रहे, इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे।
एकजुटता और संवेदना की मिसाल
जालौन पुलिस परिवार की यह पहल शहीद जवानों के परिजनों के लिए आर्थिक मदद के साथ भावनात्मक सहारा भी है। एक दिन के वेतन का योगदान देकर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने यह संदेश दिया कि कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले जवानों के परिवार अकेले नहीं हैं।
शहीद जवानों का बलिदान पुलिस विभाग के लिए हमेशा सम्मान और प्रेरणा का विषय रहेगा। उनके परिजनों को सहायता राशि सौंपकर पुलिस परिवार ने अपने साथी जवानों के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। आने वाले समय में भी शहीद परिवारों की जरूरतों के अनुसार सहयोग जारी रखने की बात कही गई है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस