रिंकू सिंह राही नगर पालिका उरई की जांच कमेटी से हटाए गए, अब नई समिति करेगी भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच
नगर पालिका उरई में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित समिति से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को समिति का सदस्य बनाया गया है। प्रशासनिक तबादले के बाद समिति में यह बदलाव किया गया है। अब नई जांच समिति नगर पालिका से जुड़े आरोपों की जांच आगे बढ़ाएगी।
नगर पालिका उरई जांच कमेटी से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही हटाए गए, अब नई समिति करेगी भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच
उरई। नगर पालिका परिषद उरई में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर चल रही कार्रवाई में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद गठित जांच समिति से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं वर्तमान उप जिलाधिकारी न्यायिक उरई रिंकू सिंह राही को अलग कर दिया गया है। अब उनके स्थान पर उप जिलाधिकारी जालौन राकेश कुमार सोनी को जांच समिति का सदस्य नामित किया गया है। इस बदलाव के बाद नगर पालिका उरई की जांच नई समिति के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने नगर पालिका परिषद उरई में व्यापक जांच अभियान चलाया था। इस दौरान नगर पालिका परिसर में करीब साढ़े तीन घंटे तक हाई-वोल्टेज घटनाक्रम चला, जिसने नगर पालिका की कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।
जानकारी के अनुसार सभासदों द्वारा नगर पालिका परिषद उरई में भ्रष्टाचार और विभिन्न वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के अनुमोदन पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति में अध्यक्ष के रूप में एडीएम नमामि गंगे, सदस्य के रूप में तत्कालीन उप जिलाधिकारी जालौन तथा लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया था।
इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर हुए स्थानांतरण के कारण तत्कालीन उप जिलाधिकारी जालौन रिंकू सिंह राही का तबादला होकर उन्हें उप जिलाधिकारी न्यायिक उरई के पद पर नियुक्त कर दिया गया। वहीं जालौन में नए उप जिलाधिकारी के रूप में राकेश कुमार सोनी ने कार्यभार संभाल लिया।
चूंकि जांच समिति में सदस्य के रूप में पदनाम "उप जिलाधिकारी जालौन" शामिल था, इसलिए प्रशासन ने समिति में संशोधन करते हुए वर्तमान एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को समिति का सदस्य नियुक्त कर दिया। इसके साथ ही रिंकू सिंह राही को जांच समिति से औपचारिक रूप से अलग कर दिया गया। इस संबंध में आदेश जारी कर उन्हें अवगत भी करा दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान परिस्थितियों में उनसे जांच कराना अपेक्षित नहीं है और आगे की जांच नई समिति द्वारा संपादित की जाएगी।
बुधवार को हुई जांच के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही एक दर्जन से अधिक कंप्यूटर ऑपरेटरों और बड़ी संख्या में पत्रकारों की मौजूदगी में नगर पालिका पहुंचे थे। जांच के दौरान विभिन्न शाखाओं से अभिलेख और वित्तीय दस्तावेज मांगे गए, लेकिन आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण अभिलेख उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया। इसको लेकर जांच स्थल पर काफी देर तक तीखी नोकझोंक और प्रशासनिक गतिविधियां चलती रहीं।
करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठे। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार जांच के दौरान मांगे गए रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई। इस घटनाक्रम के बाद नगर पालिका की कार्यशैली और अभिलेखों के रखरखाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
अब जांच समिति में बदलाव होने के बाद माना जा रहा है कि नई समिति पूरे मामले की शुरुआत से समीक्षा करेगी। शिकायतों में वित्तीय अनियमितताओं, विकास कार्यों में कथित गड़बड़ी, भुगतान प्रक्रिया और अभिलेखों के रखरखाव सहित कई बिंदुओं को शामिल बताया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक जांच के दायरे और आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नगर पालिका परिषद उरई से जुड़े इस घटनाक्रम पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सभासदों और नागरिकों की भी नजर बनी हुई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि नई जांच समिति सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगी। वहीं नगर पालिका प्रशासन की ओर से अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जांच समिति में किए गए इस बदलाव को नगर पालिका उरई में चल रही जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि नई समिति कितनी तेजी से जांच पूरी करती है और उसकी रिपोर्ट में किन तथ्यों का खुलासा होता है। फिलहाल प्रशासन द्वारा जारी आदेश के बाद रिंकू सिंह राही जांच प्रक्रिया से अलग हो चुके हैं और आगे की कार्रवाई नई गठित समिति के माध्यम से की जाएगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस