पुलिस के लाठीचार्ज के बीच सीना ताने खड़ा रहा 'कॉकरोच', बोला- 'मारो सर, मेरी जान ले लो' — वीडियो वायरल

कॉकरोच जनता पार्टी ने सुबह 9 बजे से संसद मार्च शुरू कर दिया था। प्रदर्शनकारियों की भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ गया। इस बीच एक शख्स लगातार लाठी सहन करता मगर टस से मस नहीं हुआ।

पुलिस के लाठीचार्ज के बीच सीना ताने खड़ा रहा 'कॉकरोच', बोला- 'मारो सर, मेरी जान ले लो' — वीडियो वायरल

कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले जैसे ही छात्रों ने संसद की ओर कूच करना शुरू किया, पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया. इसका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी। पेपर लीक के मामलों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के बीच एक युवक पुलिस के सामने डटकर खड़ा रहा। वायरल वीडियो में वह लगातार कहता सुनाई देता है, "मारो सर... मारो सर... मेरी जान ले लो।" इसके बाद सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

प्रदर्शन का आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर किया गया था। संगठन ने संसद मार्च का ऐलान किया था, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र और युवा दिल्ली पहुंचे। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें निर्धारित क्षेत्र से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग के साथ बल प्रयोग किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही छात्र संसद की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। कुछ देर तक धक्का-मुक्की चली और फिर लाठीचार्ज की स्थिति बन गई। इस दौरान कई छात्र इधर-उधर भागते दिखाई दिए, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे। इसी बीच एक युवक पुलिसकर्मियों के सामने खड़ा हो गया। वीडियो में दिखाई देता है कि कई पुलिसकर्मी उसे हटाने की कोशिश करते हैं और लाठियां भी चलती हैं, लेकिन युवक पीछे हटने के बजाय लगातार विरोध जताता रहता है।

वायरल वीडियो में युवक की आवाज साफ सुनाई देती है। वह कहता है, "मारो... मुझे मारो... मेरी जान ले लो।" उसके इस व्यवहार ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कई लोगों ने इसे छात्रों के आक्रोश और निराशा का प्रतीक बताया, जबकि कुछ लोगों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्रवाई का समर्थन भी किया। देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किया जाने लगा।

वीडियो का एक और हिस्सा भी चर्चा का विषय बना। इसमें देखा जा सकता है कि एक RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) की महिला जवान आगे आती हैं और युवक को पुलिसकर्मियों के बीच से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाती हैं। महिला जवान युवक को शांत कराने और वहां से हटाने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। बाद में अन्य अधिकारी भी युवक को समझाते हैं और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते हैं।

प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तथा RAF के जवान तैनात किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को संसद परिसर की ओर बढ़ने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।

छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को पहले से तय स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन संसद की ओर मार्च की अनुमति नहीं थी। जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे, तब उन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और कार्रवाई उसी के तहत की गई।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने छात्र के साहस की सराहना की, तो कुछ ने प्रदर्शन के दौरान टकराव की स्थिति बनने पर चिंता जताई। वहीं कई यूजर्स ने पुलिस द्वारा बल प्रयोग पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और घटना को लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। प्रदर्शन के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है तथा पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।