शिक्षक दिवस पर छात्रा सृष्टि चतुर्वेदी बनीं एक दिन की प्रधानाचार्या, 60 विद्यार्थियों ने संभाली शिक्षकों की जिम्मेदारी

शिक्षक दिवस पर एस.आर. पब्लिक स्कूल, उरई में अनूठी पहल, इंटरमीडिएट की छात्रा सृष्टि चतुर्वेदी ने एक दिन की प्रधानाचार्या की जिम्मेदारी संभाली। करीब 60 विद्यार्थियों ने शिक्षक, उपप्रधानाचार्य और कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभाकर शिक्षकों की जिम्मेदारियों और चुनौतियों को समझा।

शिक्षक दिवस पर छात्रा सृष्टि चतुर्वेदी बनीं एक दिन की प्रधानाचार्या, 60 विद्यार्थियों ने संभाली शिक्षकों की जिम्मेदारी

शिक्षक दिवस पर विद्यालय में अनूठी पहल

सृष्टि चतुर्वेदी बनीं एक दिन की प्रधानाचार्या

करीब 60 विद्यार्थियों ने संभाली शिक्षकों की भूमिका

विद्यार्थियों ने कक्षाओं में जाकर पढ़ाया

तीन पीरियड में दिखा बच्चों का आत्मविश्वास

उरई। एस.आर. पब्लिक स्कूल, उरई में भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस हर्षोल्लास, सम्मान और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षकों की भूमिका का प्रत्यक्ष अनुभव कराने के लिए अनूठी पहल की गई। इंटरमीडिएट के करीब 60 विद्यार्थियों को एक दिन के लिए शिक्षक, समन्वयक और विद्यालय की प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने का अवसर दिया गया। इस दौरान छात्रा सृष्टि चतुर्वेदी ने एक दिन की प्रधानाचार्या की भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय परिसर में शिक्षक दिवस को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी कक्षाओं को आकर्षक ढंग से सजाया और शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

शिक्षकों की जिम्मेदारी समझने के लिए विद्यार्थियों को मिला अवसर

विद्यालय के प्रबंधक अशोक कुमार राठौर ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों को शुभकामनाएं देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन शिक्षकों के दायित्व, चुनौतियों, परिश्रम और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में उनकी भूमिका को समझने का अवसर भी देता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षकों की भूमिका निभाने का अवसर दिया गया।

उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चे के प्रथम गुरु होते हैं, जबकि शिक्षक उसे ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और उज्ज्वल भविष्य की दिशा प्रदान करते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान सदैव सर्वोच्च स्थान पर रखना चाहिए।

सृष्टि चतुर्वेदी ने संभाली प्रधानाचार्या की जिम्मेदारी

शिक्षक दिवस के विशेष कार्यक्रम के तहत इंटरमीडिएट की छात्रा सृष्टि चतुर्वेदी को एक दिन के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्या की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं अभय गुप्ता ने उपप्रधानाचार्य की भूमिका निभाई। विनायक, केशवेन्द्र, अवी कोष्ठा एवं सुप्रिया को कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा अन्य विद्यार्थियों ने शिक्षकों की भूमिका निभाते हुए अलग-अलग कक्षाओं में शिक्षण कार्य किया।

जिम्मेदारी मिलने के बाद विद्यार्थियों ने पूरी गंभीरता और उत्साह के साथ अपनी भूमिकाओं का निर्वहन किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और कक्षा संचालन को समझने का प्रयास किया। विद्यार्थियों ने निर्धारित कक्षाओं में जाकर पढ़ाया और छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया।

पहले तीन पीरियड में दिखा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

विद्यार्थियों ने शुरुआती तीन पीरियड में जिस उत्साह और जिम्मेदारी के साथ विद्यालय की व्यवस्था संभाली, उससे उन्हें शिक्षकों के कार्य की वास्तविक चुनौतियों का अनुभव हुआ। कक्षा में पढ़ाने से लेकर विद्यार्थियों को अनुशासित रखने, समय प्रबंधन करने और सभी विद्यार्थियों की जरूरतों को समझने तक की जिम्मेदारी विद्यार्थियों ने स्वयं महसूस की।

शिक्षक की भूमिका निभाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव सामान्य कक्षा गतिविधि से बिल्कुल अलग रहा। उन्हें महसूस हुआ कि शिक्षक का कार्य केवल पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी पर ध्यान देना, उसकी समस्याओं को समझना, अनुशासन बनाए रखना और उसे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना भी शिक्षक की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

एक दिन की प्रधानाचार्या ने किया विद्यालय का निरीक्षण

प्रधानाचार्या की जिम्मेदारी संभालने वाली सृष्टि चतुर्वेदी ने विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई। विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था को नजदीक से समझने का उन्हें अवसर मिला।

इस दौरान सृष्टि ने अनुशासन, कक्षा संचालन और विद्यार्थियों की गतिविधियों का जायजा लिया। प्रधानाचार्या की भूमिका में एक दिन बिताने के अनुभव ने उन्हें नेतृत्व, निर्णय लेने और जिम्मेदारी निभाने की अहमियत को समझने का अवसर प्रदान किया।

विद्यार्थियों को मिला नेतृत्व और जिम्मेदारी का व्यावहारिक अनुभव

विद्यालय प्रबंधन की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। विद्यार्थियों ने जब शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन की भूमिका संभाली तो उन्हें यह समझने का मौका मिला कि विद्यालय की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कितनी मेहनत और समन्वय की आवश्यकता होती है।

विद्यार्थियों ने शिक्षकों के कार्य को नजदीक से समझने के बाद उनके प्रति सम्मान की भावना भी व्यक्त की। इस गतिविधि ने उन्हें यह अहसास कराया कि शिक्षक प्रतिदिन अनेक चुनौतियों के बीच विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कार्य करते हैं।

डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों को अपनाने का आह्वान

विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रश्मि शुक्ला ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचार और आदर्श आज भी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने शिक्षकों से उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देने का आह्वान किया।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम और निरंतर अध्ययन बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं और उनके अनुभवों से सीख लेकर विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

कक्षाओं की सजावट ने बढ़ाई कार्यक्रम की रौनक

शिक्षक दिवस के अवसर पर कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी कक्षाओं को आकर्षक ढंग से सजाया। कहीं रंग-बिरंगे गुब्बारे और सजावटी सामग्री दिखाई दी तो कहीं विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में विशेष संदेश लिखे। पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनके प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

शिक्षक दिवस बना यादगार अनुभव

एस.आर. पब्लिक स्कूल में आयोजित यह पहल विद्यार्थियों के लिए शिक्षक दिवस को एक यादगार अनुभव में बदलने वाली रही। एक दिन के लिए शिक्षक और प्रधानाचार्या की भूमिका निभाने वाले विद्यार्थियों ने न केवल विद्यालय की व्यवस्थाओं को समझा, बल्कि नेतृत्व और जिम्मेदारी के महत्व को भी महसूस किया।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि शिक्षक का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने और उनके व्यक्तित्व का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्साह, सम्मान और आत्मीयता का वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम में विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल श्री राघव गुप्ता, समस्त कोऑर्डिनेटर्स एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने इस गतिविधि को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।