उमा भारती ने आशुतोष तिवारी को दिया जीत का आशीर्वाद, नरोत्तम मिश्रा के 'बड़प्पन' की सराहना; बोलीं— जो कहना था, वह उन्होंने खुद कह दिया

पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा नरोत्तम मिश्रा का आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होने एक आदर्श उदाहरण है। उमा भारती ने कहा कि नरोत्तम जी ने बड़प्पन दिखाया है।

उमा भारती ने आशुतोष तिवारी को दिया जीत का आशीर्वाद, नरोत्तम मिश्रा के 'बड़प्पन' की सराहना; बोलीं— जो कहना था, वह उन्होंने खुद कह दिया

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने दतिया उपचुनाव को लेकर पोस्ट किया है. उमा भारती ने दतिया से बीजेपी के उम्मीदवार को जीत का आशीर्वाद दिया है.

भोपाल/वृंदावन। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती का बड़ा बयान सामने आया है। इन दिनों उत्तर प्रदेश के वृंदावन में प्रवास पर मौजूद उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा कर दतिया से भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को जीत का आशीर्वाद दिया है। साथ ही उन्होंने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के व्यवहार और राजनीतिक परिपक्वता की खुलकर प्रशंसा करते हुए उसे "बड़प्पन" बताया।

उमा भारती का यह बयान ऐसे समय आया है जब दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा के भीतर टिकट वितरण के बाद असंतोष देखने को मिला था। पार्टी ने लंबे समय तक दतिया का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। टिकट बदलने के फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नरोत्तम समर्थकों में नाराजगी भी सामने आई थी।

अपने एक्स पोस्ट में उमा भारती ने लिखा कि वह इन दिनों वृंदावन में हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने उन्हें फोन कर चुनाव में जीत का आशीर्वाद मांगा। इस पर उन्होंने पूरे मन से उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया। उमा भारती ने लिखा कि आशुतोष तिवारी ने अत्यंत विनम्रता के साथ उनसे संवाद किया और उन्होंने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।

उमा भारती ने अपने संदेश में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी की उम्मीदवारी घोषित होने के बाद उन्होंने नरोत्तम मिश्रा का बयान सुना, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा था कि वे भाजपा उम्मीदवार के नामांकन में शामिल होंगे और पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम करेंगे। उमा भारती ने कहा कि यह किसी भी बड़े नेता का आदर्श आचरण है और यही संगठन के प्रति समर्पण की वास्तविक भावना है।

उन्होंने लिखा कि वह नरोत्तम मिश्रा का बहुत सम्मान करती हैं और उनके प्रति स्नेह रखती हैं। उन्होंने कहा कि वह नरोत्तम मिश्रा से जो बात कहना चाहती थीं, वह बात उन्होंने स्वयं अपने व्यवहार और बयान से कह दी। यही उनका बड़प्पन है। उमा भारती का यह बयान भाजपा के भीतर एकता और संगठनात्मक अनुशासन का संदेश देने वाला माना जा रहा है।

दरअसल, भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने खुलकर नाराजगी जताई थी। दतिया में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया और प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव भी हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में व्यापक चर्चा पैदा कर दी थी।

हालांकि बाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वे पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे और उनके समर्थन में चुनाव प्रचार भी करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए पार्टी सर्वोपरि है और भाजपा का अधिकृत उम्मीदवार ही उनका उम्मीदवार है।

नरोत्तम मिश्रा के इस रुख को भाजपा नेतृत्व ने भी सकारात्मक संदेश माना। अब उमा भारती की सार्वजनिक प्रशंसा ने इस संदेश को और मजबूत किया है कि संगठन के निर्णय को स्वीकार करना और पार्टी हित में काम करना ही भाजपा की परंपरा है।

दतिया विधानसभा सीट का यह उपचुनाव प्रदेश की राजनीति में विशेष महत्व रखता है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। हालांकि बाद में राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई। इसी कारण यह सीट रिक्त हुई और यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।

दतिया सीट पर होने वाले इस चुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। भाजपा जहां इस सीट पर दोबारा कब्जा जमाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं कांग्रेस भी इसे अपने पक्ष में बनाए रखने की कोशिश में जुटी हुई है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेता लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और चुनाव प्रचार तेज हो गया है।

टिकट वितरण के बाद दतिया भाजपा में असंतोष का माहौल देखने को मिला था। कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे की घोषणा कर दी थी। हालांकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी नेता या कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी से संगठन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की अपील की गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमा भारती का यह बयान भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश देने की कोशिश है। उन्होंने न केवल नए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को सार्वजनिक समर्थन दिया, बल्कि नरोत्तम मिश्रा के संयमित रवैये की सराहना कर यह संकेत भी दिया कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर संगठन और पार्टी का हित होना चाहिए।

अब दतिया उपचुनाव में मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। भाजपा संगठन अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतर चुका है, जबकि कांग्रेस भी इस सीट को बचाने के लिए रणनीति बना रही है। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों के दिग्गज नेताओं के दौरे और सभाएं होने की संभावना है।

दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रदेश की राजनीति की नजरें इस उपचुनाव पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसके नतीजे न केवल दतिया बल्कि मध्य प्रदेश की आगामी राजनीतिक दिशा को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं।