केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता छोड़ने का किया ऐलान, पीएम मोदी को पत्र लिख बताई इस्तीफे की वजह; तमिलनाडु में BJP को मजबूत करने के लिए लगाएंगे पूरी ताकत

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री एल. मुरुगन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वह केंद्रीय सूचना और प्रसारण के संसदीय कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री थे. उन्होंने इन दोनों पदों के इस्तीफे के साथ ही राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ने का ऐलान किया है.

केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता छोड़ने का किया ऐलान, पीएम मोदी को पत्र लिख बताई इस्तीफे की वजह; तमिलनाडु में BJP को मजबूत करने के लिए लगाएंगे पूरी ताकत

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से राज्यसभा और मंत्री पद तक का सफर, मुरुगन ने पीएम मोदी का जताया आभार

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने मंत्री पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने अपने इस फैसले की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि अब वह तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय देना चाहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया तमिलनाडु दौरे के दौरान लोगों में दिखाई दिए उत्साह और उनके प्रति स्नेह का भी जिक्र किया।

मुरुगन ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत और तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। केंद्र सरकार में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के बाद अब वह राज्य में जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य गांव-गांव और गली-गली पहुंचकर लोगों से संवाद करना, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना और संगठन की मौजूदगी बढ़ाना है।

उन्होंने अपने पत्र में 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों का भी उल्लेख किया। मुरुगन का मानना है कि तमिलनाडु में भाजपा के लिए आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं और इसके लिए लगातार जनसंपर्क तथा संगठनात्मक मेहनत की जरूरत है

गरीबी से सत्ता तक पहुंचने की कहानी का किया जिक्र

मुरुगन ने पत्र में बताया कि उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर और पशुपालक के रूप में काम करते रहे हैं। वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते। कॉलेज के दिनों में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और करीब तीन दशक तक संगठन तथा भाजपा में काम किया।

उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में काम करने, दो बार राज्यसभा सदस्य बनने और केंद्र सरकार में मंत्री पद मिलने को अपने जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इन अवसरों ने उनकी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है।

क्या मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेत हैं?

मुरुगन के इस्तीफे के बीच केंद्र में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इस्तीफे के पीछे उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर काम करने की इच्छा बताई है। मंत्रिमंडल में किसी संभावित बदलाव को लेकर अभी अलग से कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

 एल. मुरुगन का फैसला तमिलनाडु में भाजपा के संगठन विस्तार और 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों पर केंद्रित है। अब उनकी भूमिका राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, जनसंपर्क बढ़ाने और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण हो सकती है।