थाना समाधान दिवस में 69 शिकायतें, 27 का मौके पर निस्तारण; बाकी मामलों के लिए पुलिस-राजस्व की संयुक्त टीमें रवाना
जनपद के सभी थानों में आयोजित थाना समाधान दिवस में कुल 69 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 27 का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों के समाधान के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर भेजी गईं।
डीएम और एसपी ने जालौन थाने में सुनीं फरियादें, चकरोड, नाली, जलभराव और बारिश से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठीं; अधिकारियों को शिकायतकर्ता की संतुष्टि तक कार्रवाई के निर्देश
उरई। जनपद में आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासन और पुलिस ने गंभीरता दिखाई। जिले के विभिन्न थानों में आयोजित समाधान दिवस में कुल 69 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 27 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान के लिए पुलिस तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर संबंधित स्थलों पर भेजी गईं।
थाना जालौन के सभागार में आयोजित थाना समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। इस दौरान थाना जालौन में कुल पांच शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मामलों की जानकारी ली और इनमें से तीन शिकायतों का मौके पर ही विस्तृत निस्तारण सुनिश्चित कराया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि थाना समाधान दिवस में आने वाली प्रत्येक शिकायत को महज औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि मौके पर जाकर उसकी वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत के निस्तारण की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए तथा कार्रवाई ऐसी हो जिससे शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिल सके।
मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश
समाधान दिवस में सामने आई शिकायतों में मुख्य रूप से चकरोड, नाली निर्माण, जलभराव और बरसात से संबंधित समस्याएं शामिल रहीं। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और रास्तों से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी लोगों ने प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ ऐसे मामलों का मौके पर निरीक्षण करें। आवश्यकता होने पर शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष को भी मौके पर बुलाकर दोनों की बात सुनी जाए तथा नियमानुसार समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत के संबंध में केवल कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट तैयार करना पर्याप्त नहीं है। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी स्थल पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण करें और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही निस्तारण
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को निस्तारित दिखा देना ही समस्या का समाधान नहीं है। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित शिकायतकर्ता से फीडबैक प्राप्त किया जाए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित होने के बाद ही शिकायत को निस्तारित माना जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से विरासत, खतौनी में नाम की त्रुटि, हदबंदी और भूमि विवाद से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े मामले लंबे समय तक लंबित रहने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में अधिकारी समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। कई मामलों में विवाद की वास्तविक स्थिति जानने के लिए राजस्व अधिकारियों के साथ पुलिस की मौजूदगी भी आवश्यक होती है। ऐसे मामलों में संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच कराई जाए, ताकि विवाद को अनावश्यक रूप से लंबा न खींचना पड़े।
27 शिकायतों का मौके पर समाधान
जनपद के सभी थानों में आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान कुल 69 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 27 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष मामलों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासन की ओर से शेष शिकायतों को लंबित रखने के बजाय उनके त्वरित समाधान के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर संबंधित स्थानों पर भेजी गईं। इन टीमों को मौके पर जाकर शिकायतों की जांच करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान करना है। इसलिए सभी अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पुलिस-राजस्व समन्वय पर जोर
एसपी विनय कुमार सिंह ने भी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाना समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के साथ देखा जाए। विशेषकर भूमि विवाद, रास्ते, कब्जे और आपसी विवाद से जुड़े मामलों में राजस्व अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी विवाद को गंभीर रूप लेने से पहले उसका समाधान किया जा सके।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि समाधान दिवस में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात निष्पक्षता से सुनी जाएगी। किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव किए बिना उपलब्ध तथ्यों और नियमों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
थाना जालौन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित कर्मचारियों से शिकायतों की स्थिति की जानकारी ली और जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव था, उनमें मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई कराई।
थाना समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों को अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण के दौरान शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी राकेश सोनी, एसएचओ सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस