भारी बारिश से रगौली मार्ग पर संकट, मलंगा नाले के तेज बहाव से मिट्टी का कटान; प्रशासन ने संभाला मोर्चा, वैकल्पिक मार्ग से आवागमन जारी

लगातार हो रही भारी बारिश के चलते रगौली संपर्क मार्ग पर मलंगा नाले का जलस्तर बढ़ गया, जिससे निर्माणाधीन लघु सेतु के पास मिट्टी का कटान हुआ और आवागमन प्रभावित हुआ। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा टेप और बालू की बोरियां लगाकर सुरक्षा व्यवस्था की।

भारी बारिश से रगौली मार्ग पर संकट, मलंगा नाले के तेज बहाव से मिट्टी का कटान; प्रशासन ने संभाला मोर्चा, वैकल्पिक मार्ग से आवागमन जारी

तेज बारिश से रगौली मार्ग पर बढ़ा जलप्रवाह, मिट्टी का कटान; प्रशासन ने तत्काल बनाई वैकल्पिक व्यवस्था

उरई। जनपद में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही अत्यधिक बारिश के कारण कई इलाकों में जलस्तर बढ़ने लगा है। इसी क्रम में ग्राम रगौली संपर्क मार्ग पर स्थित मलंगा नाले में अचानक जलप्रवाह तेज होने से निर्माणाधीन लघु सेतु के समीप सड़क की मिट्टी का कटान हो गया। इससे रगौली मार्ग पर आवागमन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। स्थिति की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए सबसे पहले नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा टेप लगाए गए, ताकि वाहन चालकों और राहगीरों को संभावित खतरे से सावधान किया जा सके।

मलंगा नाले में बढ़ा जलस्तर, तेज बहाव से हुआ मिट्टी का कटान

जानकारी के अनुसार ग्राम रगौली संपर्क मार्ग के किलोमीटर-1 पर रगौली गांव के समीप मलंगा नाला स्थित है। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण निर्माणाधीन लघु सेतु के पार्श्व में डाली गई मिट्टी बहाव की चपेट में आ गई और उसका कटान हो गया।

इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी। हालांकि प्रशासन द्वारा पहले से की गई वैकल्पिक व्यवस्था के कारण संपर्क पूरी तरह बाधित नहीं हुआ। मौके पर अधिकारियों ने तत्काल सुरक्षा उपाय करते हुए यातायात को नियंत्रित किया और लोगों को सुरक्षित तरीके से आवागमन कराने की व्यवस्था की।

निर्माणाधीन है 5×5 मीटर का आरसीसी लघु सेतु

रगौली मार्ग पर स्थायी समाधान के लिए 5×5 मीटर आरसीसी लघु सेतु का निर्माण कराया जा रहा है। सेतु निर्माण के दौरान वाहनों के आवागमन को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से पहले ही सेतु के पार्श्व में ह्यूम पाइप की चार पंक्तियां स्थापित कर अस्थायी डायवर्जन तैयार किया गया था।

अत्यधिक बारिश के दौरान जब मलंगा नाले का जलप्रवाह बढ़ा तो डायवर्जन के आसपास मिट्टी के कटान की स्थिति उत्पन्न हुई। प्रशासन और संबंधित विभाग ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आवागमन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए गए

जलप्रवाह बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर बैरिकेडिंग कराई। इसके साथ ही वाहन चालकों और राहगीरों को सावधान करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए। सुरक्षा टेप लगाने के साथ ही पानी के तेज बहाव से संभावित कटान को रोकने के लिए बालू से भरी बोरियों का भी इस्तेमाल किया गया।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य लोगों को संवेदनशील स्थान से सुरक्षित दूरी पर रखना और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को समाप्त करना था। प्रशासन की टीम द्वारा मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जलस्तर कम होते ही शुरू हुआ मरम्मत कार्य

जलस्तर में कमी आने के बाद संबंधित विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू कर दिया। मिट्टी के भराव और डायवर्जन को दुरुस्त करने के लिए जेसीबी सहित अन्य संसाधनों को मौके पर लगाया गया है। अधिकारियों के निर्देश पर मरम्मत कार्य को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। डायवर्जन को जल्द से जल्द दुरुस्त कर सामान्य आवागमन पूरी तरह बहाल करने के लिए आवश्यक संसाधनों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

ह्यूम पाइप से वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था

प्रशासन द्वारा बताया गया कि रगौली मार्ग पर आवागमन सुचारु रखने के लिए ह्यूम पाइप के माध्यम से अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था पहले से की गई है। इसी व्यवस्था के माध्यम से सामान्य परिस्थितियों में वाहनों का आवागमन कराया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त ग्राम रगौली को मुख्य शहर से जोड़ने के लिए वर्तमान में दो वैकल्पिक कच्चे मार्ग भी उपलब्ध हैं। इन दोनों मार्गों से सामान्य वाहनों का आवागमन संचालित हो रहा है। इससे मुख्य संपर्क मार्ग पर उत्पन्न समस्या के बावजूद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को पूरी तरह अलग-थलग होने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

स्थायी समाधान के लिए सेतु निर्माण को प्राथमिकता

जिला प्रशासन द्वारा अस्थायी व्यवस्था के साथ-साथ स्थायी समाधान पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित विभाग को निर्माणाधीन आरसीसी लघु सेतु के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का उद्देश्य सेतु निर्माण को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द पूरा कराना है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान मलंगा नाले के जलप्रवाह के कारण आवागमन प्रभावित न हो। स्थायी सेतु बनने के बाद रगौली मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों और वाहन चालकों को अधिक सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

प्रशासन ने सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला प्रशासन ने कहा है कि अत्यधिक बारिश और जलप्रवाह के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों की टीमें मौके की लगातार निगरानी कर रही हैं और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जलस्तर, मार्ग की स्थिति और डायवर्जन की लगातार निगरानी की जाए। किसी भी तरह की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

लगातार बारिश के बीच प्रशासन की ओर से किए गए त्वरित इंतजामों से रगौली गांव और आसपास के क्षेत्र में आवागमन को पूरी तरह बाधित होने से बचाया गया है। फिलहाल ह्यूम पाइप से बनाए गए अस्थायी मार्ग और उपलब्ध वैकल्पिक कच्चे रास्तों के जरिए आवागमन जारी है। वहीं, जलस्तर कम होने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।

प्रशासन का कहना है कि डायवर्जन को शीघ्र दुरुस्त कर सामान्य आवागमन बहाल किया जाएगा और निर्माणाधीन आरसीसी लघु सेतु का कार्य भी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। बारिश के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील स्थान पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लगातार जारी रहेगी।