सहायक सचिव का किया अपहरण, 13 घंटे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा, पिस्टल की नोक पर कराया साइन -पुलिस ने दर्ज किया केस
भिंड जिले के लहार क्षेत्र में पैसों के लेनदेन के विवाद में सहायक सचिव के अपहरण का मामला सामने आया है। दरअसल पीड़ित का आरोप है कि उन्हें करीब 13 घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट की गई, पिस्टल दिखाकर चेक और स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए।
लहार पुलिस ने बुधवार सुबह विनोद सिंह का मेडिकल कराया। रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों पर चोट, लाल-नीले निशान और दाहिने हाथ के पंजे में सूजन की पुष्टि हुई।विनोद सिंह राजावत ने अजीत सिंह चौहान, वीर प्रताप सिंह उर्फ वीरू, पवन गुप्ता, अभिनंदन सिंह और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
5 लाख के लेनदेन विवाद में सहायक सचिव का अपहरण, 13 घंटे तक बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा; कई धाराओं में केस दर्ज
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले से अपहरण और मारपीट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां 5 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में एक सहायक सचिव का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। आरोप है कि बदमाशों ने उन्हें करीब 13 घंटे तक बंधक बनाकर रखा, अलग-अलग क्षेत्रों में घुमाया और बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों तथा थप्पड़ों से बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, आरोपियों ने कथित रूप से पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और जबरन चेक, कोरे कागज तथा स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर भी कराए। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर कई आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित की पहचान विनोद सिंह राजावत के रूप में हुई है, जो मछंड सेवा सहकारी संस्था में सहायक सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने लहार पुलिस थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि ग्राम रुरई निवासी अजीत सिंह चौहान के साथ पिछले लगभग एक वर्ष से पैसों का लेनदेन चल रहा था। उनके अनुसार कुछ दिन पहले उन्होंने अजीत सिंह को 5 लाख रुपये का पूरा हिसाब चुकता कर दिया था और उन्हें लगा कि अब विवाद समाप्त हो चुका है।
शिकायत के मुताबिक मंगलवार को अजीत सिंह ने उन्हें फोन कर बाकी हिसाब-किताब करने और अपने पिता से मुलाकात कराने के बहाने लहार बुलाया। विनोद सिंह का आरोप है कि जैसे ही वे तय स्थान पर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते मारपीट करने लगे। विरोध करने पर उन्हें जबरन एक कार में बैठा लिया गया और वहां से दबोह तथा आलमपुर क्षेत्र की ओर ले जाया गया।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि कार में बैठाने के बाद आरोपियों ने उनके साथ लगातार मारपीट की। बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ों से उन्हें बेरहमी से पीटा गया। मारपीट इतनी ज्यादा थी कि उनके हाथ, पैर, पीठ और सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पिटाई के कारण वे कुछ समय के लिए बेहोश भी हो गए थे।
विनोद सिंह के अनुसार जब उन्हें होश आया तो आरोपियों ने उनके ऊपर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनसे जबरन तीन चेकों पर हस्ताक्षर कराए गए। साथ ही पांच कोरे कागज और 200-200 रुपये के दो स्टाम्प पेपर पर भी दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाए गए। आरोप है कि इस दौरान उनसे कहा गया कि यदि उन्होंने किसी को घटना की जानकारी दी या पुलिस में शिकायत की तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
पीड़ित ने बताया कि उन्हें करीब 13 घंटे तक आरोपियों के कब्जे में रखा गया। इस दौरान उन्हें लगातार इधर-उधर घुमाया गया ताकि कोई उनकी मदद न कर सके। देर रात करीब 11 बजे उनके परिजन उनकी तलाश करते हुए मौके तक पहुंचे। इसके बाद किसी तरह वे आरोपियों के चंगुल से बाहर निकल सके।
घटना के बाद पीड़ित सीधे पुलिस के पास पहुंचे, जहां उनकी शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने तत्काल उनका मेडिकल परीक्षण कराया। मेडिकल रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों पर चोट, लाल-नीले निशान और दाहिने हाथ के पंजे में सूजन की पुष्टि हुई है। चिकित्सकीय परीक्षण में चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
विनोद सिंह राजावत की शिकायत पर पुलिस ने अजीत सिंह चौहान, वीर प्रताप सिंह उर्फ वीरू, पवन गुप्ता, अभिनंदन सिंह सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने, जबरन चेक, कोरे कागज और स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कराने जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और उनकी भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। दिनदहाड़े एक सहायक सचिव को कथित रूप से बुलाकर अपहरण करना, घंटों तक बंधक बनाकर रखना और मारपीट करना कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है। वहीं पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है और पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए सभी उपलब्ध साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस