अतीक के बेटे अली का काफिला जालौन में अचानक रुका, बदला गया रूट; बड़ागांव में तीन मिनट ठहरने से मचा हड़कंप

अतीक अहमद के बेटे अली का काफिला छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए झांसी से प्रयागराज जाते समय जालौन के बड़ागांव में अचानक करीब तीन मिनट रुका। इसके बाद निर्धारित बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे-चित्रकूट रूट की जगह कानपुर होकर प्रयागराज जाने का फैसला किया गया। अचानक रूट बदलने से लोगों में चर्चा शुरू हो गई, हालांकि सुरक्षा कारणों से मार्ग परिवर्तन किए जाने की बात सामने आई है।

अतीक के बेटे अली का काफिला जालौन में अचानक रुका, बदला गया रूट; बड़ागांव में तीन मिनट ठहरने से मचा हड़कंप

बड़ागांव में तीन मिनट रुका अली का काफिला, फिर अचानक बदला रास्ता

चित्रकूट की जगह कानपुर होकर प्रयागराज रवाना हुआ काफिला

छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने जा रहा था अली

सड़क हादसे में हुई थी अबान की मौत

उरई। प्रयागराज के चर्चित माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद का काफिला शनिवार को जालौन जिले के बड़ागांव में अचानक रुक गया। कुछ देर के लिए काफिला रुकने और इसके बाद निर्धारित मार्ग में बदलाव किए जाने से मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई। करीब तीन मिनट बाद काफिला दोबारा रवाना हुआ, लेकिन इस बार वाहनों ने पहले से तय रास्ते के बजाय दूसरा मार्ग पकड़ लिया।

अली अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए झांसी से प्रयागराज जा रहा था। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद उसे पुलिस सुरक्षा में प्रयागराज ले जाया जा रहा था। शुरुआत में काफिले के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते चित्रकूट होते हुए प्रयागराज पहुंचने की जानकारी थी। हालांकि, जालौन के बड़ागांव पहुंचने के बाद अचानक रूट में बदलाव कर दिया गया और काफिला कानपुर की ओर से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ।

बड़ागांव में अचानक क्यों रुका काफिला?

अली का काफिला जब जालौन के बड़ागांव पहुंचा तो अचानक वाहनों को रोक दिया गया। कुछ मिनट तक काफिला सड़क पर रुका रहा। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों की नजर काफिले पर टिक गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

करीब तीन मिनट बाद काफिला फिर आगे बढ़ा, लेकिन उसके मार्ग में बदलाव दिखाई दिया। पहले जहां बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए चित्रकूट होते हुए प्रयागराज जाने की योजना थी, वहीं बाद में काफिला कानपुर की ओर से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ।

अचानक हुए इस बदलाव को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठने लगे। हालांकि, पुलिस की ओर से सुरक्षा कारणों को देखते हुए मार्ग में बदलाव किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के लिए अली की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता थी, इसलिए जिस मार्ग को अधिक सुरक्षित समझा गया, उसी रास्ते से काफिले को आगे बढ़ाया गया।

छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने जा रहा था अली

दरअसल, अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान की बुधवार को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। बताया गया कि अबान अपने बड़े भाई से मिलने के लिए झांसी आता-जाता था। अली झांसी के बाल संरक्षण गृह में पुलिस निगरानी में रह रहे अपने छोटे भाई से मिलने के लिए अक्सर आता था।

बुधवार को अबान जिस वाहन से जा रहा था, वह अचानक डिवाइडर से टकराने के बाद सड़क किनारे खाई में जा गिरा। हादसा इतना गंभीर था कि अबान की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक की स्थिति है।

अबान के अंतिम संस्कार और जनाजे में शामिल होने के लिए अली ने न्यायालय से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद पुलिस सुरक्षा में उसे झांसी से प्रयागराज ले जाने की व्यवस्था की गई।

पुलिस सुरक्षा में निकला काफिला

अली को लेकर पुलिस का काफिला झांसी से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ था। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे रास्ते पुलिस की निगरानी रही। काफिले में शामिल वाहनों की आवाजाही पर भी पुलिस की नजर थी।

जालौन के बड़ागांव में अचानक काफिला रुकने के बाद कुछ देर के लिए स्थिति असामान्य नजर आई। इसके बाद काफिला आगे बढ़ा तो रूट बदला हुआ था। पहले तय मार्ग की जगह कानपुर की ओर से प्रयागराज जाने का फैसला किया गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संवेदनशील परिस्थितियों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंतिम समय में रूट में बदलाव किया जा सकता है। ऐसे मामलों में भीड़, यातायात, स्थानीय परिस्थितियों और सुरक्षा इनपुट के आधार पर मार्ग बदला जाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है।

रूट बदलने से उठे सवाल

काफिले के अचानक रुकने और फिर रास्ता बदलने की जानकारी सामने आने के बाद लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। बड़ागांव में काफिला रुकने के दौरान स्थानीय लोगों को भी कुछ समय के लिए समझ नहीं आया कि आखिर वाहनों को क्यों रोका गया है।

हालांकि, कुछ ही मिनट बाद काफिला दोबारा रवाना हो गया। इसके बाद जब वाहनों ने पहले से निर्धारित मार्ग छोड़कर कानपुर की दिशा पकड़ी तो लोगों की जिज्ञासा और बढ़ गई।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रूट बदलने के पीछे मुख्य वजह सुरक्षा व्यवस्था बताई जा रही है। पुलिस ने जिस मार्ग को अधिक सुरक्षित समझा, उसी मार्ग को चुना और अली के काफिले को प्रयागराज की ओर रवाना कर दिया।

संवेदनशील था पूरा सफर

अली का प्रयागराज जाना सुरक्षा की दृष्टि से भी संवेदनशील माना जा रहा था। वह अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए जा रहा था और उसे न्यायालय की अनुमति के बाद पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। ऐसे में काफिले की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष सतर्कता बरती।

जालौन में कुछ देर के लिए काफिले के रुकने और फिर रूट बदलने की घटना ने जरूर लोगों का ध्यान खींचा, लेकिन पुलिस के स्तर पर इसे सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।

अली का काफिला बड़ागांव से निकलने के बाद कानपुर की ओर बढ़ा और वहां से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ। इस दौरान पुलिस सुरक्षा लगातार बनी रही।

अतीक अहमद के परिवार से जुड़ा यह घटनाक्रम पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है। छोटे बेटे अबान की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, न्यायालय की अनुमति के बाद अली को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ले जाया गया। जालौन में काफिले के अचानक रुकने और रूट बदलने की घटना ने जरूर कुछ देर के लिए चर्चा पैदा की, लेकिन सुरक्षा कारणों से मार्ग परिवर्तन किए जाने की बात सामने आई है।