राहुल गांधी को जीवनभर ‘मॉक प्रधानमंत्री’ बनाए रखें, हमें कोई आपत्ति नहीं: CEC के खिलाफ INDI गठबंधन के जन-महाभियोग पर BJP का तंज, संबित पात्रा बोले- सैटेलाइट कभी लॉन्च नहीं होने वाला
भाजपा ने विपक्ष से कहा कि रोजाना किसी 'भजन-कीर्तन' की तरह प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री का जाप करते रहें। राहुल गांधी को जीवन भर के लिए अपना 'मॉक प्रधानमंत्री' बनाए रखें।
भारतीय जनता पार्टी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। संबित पात्रा ने कहा कि देश में पहली वोट चोरी पंडित नेहरू ने की थी।
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित प्रतीकात्मक जन-महाभियोग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने विपक्ष की इस पहल को लोकतंत्र और संसद का मजाक करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक हो चुके मुद्दों के जरिए राहुल गांधी को केंद्र में बनाए रखने की कोशिश कर रही है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष चाहे तो राहुल गांधी को जीवनभर के लिए अपना ‘मॉक प्रधानमंत्री’ बनाकर रख सकता है। भाजपा को इससे कोई आपत्ति नहीं है।
शनिवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चाहे कितनी भी बार राहुल गांधी को लॉन्च करने की कोशिश कर लें, वे सफल नहीं होंगे। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना ऐसे सैटेलाइट से की, जो कभी लॉन्च ही नहीं हो सकता। पात्रा ने कहा कि विपक्ष प्रतीकात्मक संसद आयोजित करे या मार्च निकाले, लेकिन देश की जनता समझ चुकी है कि राहुल गांधी के पास राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने के लिए कोई ईंधन नहीं बचा है।
‘राहुल को कुर्ता-पायजामा पहनाकर सत्ता पक्ष में बैठा दें’
संबित पात्रा ने विपक्ष की प्रतीकात्मक संसद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि INDIA गठबंधन को अपनी मॉक संसद समाप्त नहीं करनी चाहिए। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि राहुल गांधी को सत्ता पक्ष की ओर बैठा दिया जाए। उनकी टी-शर्ट हटाकर उन्हें कुर्ता-पायजामा पहना दिया जाए और विपक्षी नेता रोजाना भजन-कीर्तन की तरह ‘प्रधानमंत्री-प्रधानमंत्री’ का जाप करते रहें।
पात्रा ने कहा कि विपक्ष राहुल गांधी को जीवनभर के लिए अपना मॉक प्रधानमंत्री बनाए रख सकता है। भाजपा को इससे कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बार-बार अपने नेता को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश करने की कोशिश करती है, लेकिन जनता के बीच उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है।
‘वोट चोरी’ के आरोपों को बताया झूठ
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
पात्रा ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों को भी पूरी तरह झूठा करार दिया। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भारत में पहली वोट चोरी नेहरू के समय हुई थी। पात्रा के मुताबिक, नेहरू ने सरदार वल्लभभाई पटेल के समर्थन को दरकिनार कर प्रधानमंत्री पद हासिल किया था और लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी की थी।
उन्होंने कहा कि आज INDIA गठबंधन प्रतीकात्मक संसद आयोजित कर लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहा है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष निर्वाचन आयोग के खिलाफ राजनीतिक अभियान चलाकर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का जन-महाभियोग
दरअसल, INDIA गठबंधन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक जन-महाभियोग आयोजित करने की पहल की है। यह कार्यक्रम दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित किया जा रहा है। विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की कार्यशैली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर निर्वाचन आयोग की भूमिका संतोषजनक नहीं रही है। इसी को लेकर विपक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए प्रतीकात्मक जन-महाभियोग का रास्ता अपनाया है।
भाजपा ने विपक्ष की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दिखावा बताया है। पार्टी का कहना है कि संसद और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक मंच बनाकर पेश करना उचित नहीं है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देकर भी कांग्रेस पर हमला
इससे पहले भाजपा ने विश्व बैंक की एक ताजा रिपोर्ट को लेकर भी कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर निशाना साधा था। भाजपा प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विश्व बैंक के आंकड़ों ने विपक्ष की प्रतीकात्मक संसद को मजाक का पात्र बना दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अत्यंत गरीबी की दर वर्ष 2011 में 27.1 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई। इस अवधि में अनुमानित 49.60 करोड़ लोग अत्यंत गरीबी से बाहर आए। भाजपा ने इन आंकड़ों को केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और गरीबी उन्मूलन के प्रयासों की सफलता के रूप में पेश किया।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार गरीबी कम करने के लिए काम कर रही है, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अराजकता फैलाने में लगी हुई है।
‘भारतीय अर्थव्यवस्था नहीं, विपक्ष की अंतरात्मा मर चुकी है’
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर भी पलटवार किया। राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए थे। इस पर त्रिवेदी ने कहा कि विश्व बैंक की रिपोर्ट भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर अलग तस्वीर पेश करती है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि विपक्ष की अंतरात्मा मर चुकी है। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी को सलाह दी कि वे गंभीरता से विचार करें कि वास्तविकता क्या है और कल्पना क्या।
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि पार्टी कब तक इसी राजनीतिक भ्रम में फंसी रहेगी और राहुल गांधी को खुश करने के लिए अपने सियासी जनाजे की सजावट करती रहेगी।
विपक्ष के अभियान पर BJP का राजनीतिक पलटवार
CEC के खिलाफ INDIA गठबंधन के जन-महाभियोग अभियान ने एक बार फिर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को तेज कर दिया है। एक ओर विपक्ष निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, SIR और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं भाजपा इन आरोपों को निराधार बताते हुए कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठा रही है।
संबित पात्रा और सुधांशु त्रिवेदी के बयानों से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस की राजनीतिक विश्वसनीयता से जोड़कर जवाब दे रही है। वहीं विपक्ष का अभियान निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने और अपनी आपत्तियों को सार्वजनिक मंच पर रखने की कोशिश के तौर पर सामने आया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस