न्यू मार्केट में भीषण अग्निकांड: सिलेंडर ब्लास्ट के बाद 25 फीट ऊंची उठीं लपटें, पहली मंजिल से कूदे 3 लोग
भोपाल के न्यू मार्केट में गुरुवार दोपहर बालाजी छोले-भटूरे की दुकान में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद आग भड़क गई। लपटें करीब 25 फीट तक उठीं और धुआं 2 किमी दूर तक दिखाई दिया। आग 5-6 दुकानों और 10-12 रेहड़ियों तक पहुंच गई। आग लगने के समय मार्केट में 50-60 लोग अंदर बैठे थे।
भोपाल के न्यू मार्केट में गुरुवार दोपहर बालाजी छोले-भटूरे की दुकान में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद आग भड़क गई। लपटें करीब 25 फीट तक उठीं और धुआं 2 किमी दूर तक दिखाई दिया। आग 5-6 दुकानों और 10-12 रेहड़ियों तक पहुंच गई। आग लगने के समय मार्केट में 50-60 लोग अंदर बैठे थे
भोपाल। राजधानी भोपाल के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल न्यू मार्केट में गुरुवार दोपहर अचानक हुए भीषण अग्निकांड से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आसमान में करीब 25 फीट तक आग की लपटें उठने लगीं और पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार छा गया। बताया जा रहा है कि धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था।
घटना की शुरुआत बालाजी छोले-भटूरे की दुकान से होने की जानकारी सामने आई है। दुकान में रखे गैस सिलेंडरों को लेकर शुरुआती तौर पर ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आग ने इतनी तेजी से विकराल रूप लिया कि आसपास की कई दुकानें और सड़क किनारे लगी रेहड़ियां भी इसकी चपेट में आ गईं।
पहली मंजिल से नीचे कूदे तीन लोग
आग फैलने के दौरान जान बचाने के लिए तीन लोगों को पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। इस घटना में उन्हें चोटें आई हैं। इनमें आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल भी शामिल बताए जा रहे हैं। आग की लपटें और धुआं तेजी से ऊपर की ओर पहुंचने के बाद पहली मंजिल पर मौजूद लोगों के सामने बाहर निकलने का रास्ता मुश्किल हो गया। ऐसे में उन्होंने नीचे छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगते ही बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दुकानदार अपने सामान को बचाने की कोशिश करने लगे, जबकि आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। कुछ ही मिनटों में आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि लोग घटनास्थल के आसपास जाने से भी बचने लगे।
सिलेंडरों में धमाके की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले छोले-भटूरे की दुकान में लगी। दुकान में दो गैस सिलेंडर रखे होने की बात सामने आई है। आशंका है कि सिलेंडर में हुए धमाके के बाद आग ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद आग आसपास की दुकानों तक पहुंच गई।
हालांकि सिलेंडर में वास्तव में किस वजह से धमाका हुआ और आग की शुरुआत किस कारण से हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें पूरे घटनाक्रम की जांच और नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।
पांच बड़ी दुकानें और कई रेहड़ियां जलीं
भीषण आग ने आसपास की कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया। बालाजी छोले-भटूरे की दुकान से शुरू हुई आग कुर्ता-पायजामा की दुकान, मोबाइल शॉप, बर्तन की दुकान और रेडीमेड कपड़ों के शोरूम तक जा पहुंची।
बताया जा रहा है कि आग की चपेट में करीब पांच बड़ी दुकानें आई हैं। इसके अलावा सड़क किनारे लगी लगभग 10 से 12 रेहड़ियां भी जलकर खाक हो गईं। चार मंजिला बर्तन की दुकान में भी आग पहुंचने से काफी नुकसान हुआ है।
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दुकानों से लगातार धुआं निकलता रहा और अंदर रखा सामान पूरी तरह जल गया। बाजार में मौजूद व्यापारियों के लिए यह नुकसान और भी बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि दुकानों में त्योहारों के सीजन को देखते हुए बड़ी मात्रा में नया माल रखा हुआ था।
दिवाली के लिए भरा था नया स्टॉक
दुकानदारों ने बताया कि दिवाली का सीजन शुरू होने से पहले दुकानों में बड़ी मात्रा में नया स्टॉक मंगाया गया था। कपड़े, बर्तन, मोबाइल से जुड़े सामान और अन्य व्यापारिक सामग्री आग की चपेट में आने से भारी नुकसान हुआ है।
व्यापारियों का कहना है कि आग से हुए नुकसान का वास्तविक आंकड़ा दुकानें पूरी तरह खुलने और जले हुए सामान का आकलन होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल शुरुआती तौर पर करोड़ों रुपये के नुकसान की बात कही जा रही है।
मंदिर तक पहुंच सकती थी आग
घटनास्थल के पास ऐतिहासिक खेड़ापति हनुमान मंदिर भी मौजूद है। आग की ऊंची लपटों ने आसपास के क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि मंदिर और आग के बीच मौजूद दीवार के कारण मंदिर को नुकसान से बचा लिया गया। यदि आग उस दिशा में फैलती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
मंदिर के आसपास मौजूद लोगों ने भी आग की लपटें देखकर चिंता जताई। दमकलकर्मियों ने आग को आगे फैलने से रोकने के लिए लगातार पानी की बौछार की और प्रभावित हिस्सों पर नियंत्रण बनाने का प्रयास किया।
15 से ज्यादा दमकल वाहन मौके पर पहुंचे
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर भेजा गया। आग की तीव्रता को देखते हुए एक के बाद एक कई दमकल वाहन न्यू मार्केट पहुंचे। बताया गया कि 15 से ज्यादा फायर ब्रिगेड वाहनों की मदद से आग पर काबू पाने का अभियान चलाया गया।
दमकलकर्मियों को बाजार की संकरी जगह और आसपास मौजूद दुकानों के कारण भी काफी चुनौती का सामना करना पड़ा। आग को नियंत्रित करने के लिए प्रभावित दुकान की एक दीवार तक तोड़ी गई, ताकि अंदर तक पानी पहुंचाया जा सके और आग के बचे हुए हिस्सों को बुझाया जा सके।
करीब तीन घंटे चला रेस्क्यू और फायर फाइटिंग ऑपरेशन
दमकल विभाग की टीमों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग की मुख्य लपटों पर काबू पाया। हालांकि आग बुझने के बाद भी दुकानों के अंदर मौजूद सामान और मलबे से धुआं निकलता रहा। ऐसे में दमकलकर्मी लंबे समय तक मौके पर मौजूद रहे और अलग-अलग हिस्सों में पानी डालते रहे, ताकि दोबारा आग भड़कने की आशंका न रहे।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया और लोगों की भीड़ को प्रभावित क्षेत्र से दूर रखा गया।
आग के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल आग लगने की वजह को लेकर है। शुरुआती तौर पर गैस सिलेंडर में ब्लास्ट की आशंका जताई गई है, लेकिन आग का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। संबंधित विभाग घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले व्यावसायिक इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाजारों में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर, ज्वलनशील सामान और भारी स्टॉक मौजूद रहता है। ऐसे में छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
न्यू मार्केट जैसे व्यस्त इलाके में आग की इस घटना के दौरान जिस तरह कुछ लोगों को पहली मंजिल से कूदकर जान बचानी पड़ी, उससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन दुकानदारों के सामने अब जले हुए सामान, आर्थिक नुकसान और कारोबार को दोबारा खड़ा करने की बड़ी चुनौती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस