मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की चार गुना मुआवजे की घोषणा,थांदला-टीमरवानी फोरलेन मुआवजा विवाद समाप्त

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ वर्चुअल चर्चा के बाद किसानों को चार गुना मुआवजा देने की घोषणा की गई, जिससे संतुष्ट होकर किसानों ने अपना धरना खत्म कर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की चार गुना मुआवजे की घोषणा,थांदला-टीमरवानी फोरलेन मुआवजा विवाद समाप्त

थांदला से टीमरवानी के बीच बन रहे 80.45 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण में उचित मुआवजे की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से जारी किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है।

झाबुआ। थांदला से टिमरवानी के बीच निर्माणाधीन 80.45 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के मुआवजे को लेकर पिछले पांच दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आंदोलनकारी किसानों की वर्चुअल चर्चा के बाद सरकार ने अधिग्रहित जमीन के लिए चार गुना मुआवजा देने की घोषणा की। सरकार के निर्णय से संतुष्ट किसानों ने कलेक्ट्रेट में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना समाप्त कर दिया।

करीब 3,839 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के दायरे में 50 से अधिक गांव शामिल हैं। परियोजना के लिए कुल 155.579 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, लेकिन जमीन के मूल्यांकन और मिलने वाली राशि को लेकर किसानों में लंबे समय से नाराजगी थी। किसान अधिग्रहित भूमि के बदले चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे थे।

पांच दिन से कलेक्ट्रेट में डटे थे किसान

किसानों ने गुरुवार से झाबुआ कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। आंदोलन के दौरान राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई थीं। कांग्रेस और भाजपा के स्थानीय नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की और उनकी मांगों का समर्थन किया। प्रदेश सरकार की मंत्री निर्मला भूरिया और नागरसिंह चौहान ने भी किसानों को मुख्यमंत्री से चर्चा कराकर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया था।

धरना स्थल से सीधे किसानों से जुड़े मुख्यमंत्री

आंदोलन के निर्णायक दौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर धरना स्थल पर किसानों से सीधे वर्चुअल संवाद की व्यवस्था की गई। इसके लिए बड़ा टीवी स्क्रीन लगाया गया, जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारी किसानों की समस्याएं सुनीं और उनसे बातचीत की।

वर्चुअल चर्चा के दौरान चार गुना मुआवजा देने की घोषणा के बाद किसानों में संतोष दिखाई दिया। भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलसिंह आंजना सहित प्रदेश और मालवा प्रांत के पदाधिकारी भी धरना स्थल पर मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भारतीय किसान संघ ने आंदोलन समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा की। इसके साथ ही पांच दिनों से चल रहा धरना समाप्त हो गया और किसान अपने घर लौट गए। किसानों ने सरकार के फैसले को अपनी मांगों की दिशा में महत्वपूर्ण समाधान बताया।

फोरलेन परियोजना के मुआवजे को लेकर बना विवाद खत्म होने से अब भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री और किसानों के बीच हुई वर्चुअल चर्चा के बाद बनी सहमति को आंदोलन के समाधान में अहम माना जा रहा है।