पचमढ़ी में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दोस्त को जिप्सी में बांधकर जंगल ले गए तीन आरोपी
मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में 17 साल की छात्रा से कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस ने जिप्सी ड्राइवर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने छात्राओं को जंगल में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया
पचमढ़ी में एक नाबालिग व उसके दोस्त को तीन युवक घुमाने के बहाने जंगल में लेकर पहुंचे। वहां उन्होंने डरा-धमकाकर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर नाबालिग के दोस्त को जिप्सी से बांध दिया
पचमढ़ी। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। आरोप है कि जिप्सी से घुमाने का झांसा देकर तीन आरोपी नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त को जंगल की ओर ले गए। वहां छात्रा के दोस्त को रस्सी से बांधकर जिप्सी में डाल दिया गया और आरोपियों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों ने दोनों को धमकी देकर पचमढ़ी बस स्टैंड पर छोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार घटना 19 अगस्त की दोपहर की है, जबकि मामले की जानकारी 23 अगस्त को सामने आई। नाबालिग के परिवार को उसके व्यवहार में बदलाव और गुमसुम रहने के बाद घटना की जानकारी मिली। इसके बाद परिजन उसे लेकर पुलिस थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
घूमने के बहाने जिप्सी में बैठाया
जानकारी के मुताबिक, नाबालिग छात्रा अपने एक दोस्त के साथ पचमढ़ी घूमने आई थी। दोनों पर्यटन स्थल पर घूमने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान जिप्सी चालक हरिओम उनके संपर्क में आया। आरोप है कि उसने दोनों को पचमढ़ी घुमाने का झांसा दिया और अपनी जिप्सी में बैठा लिया।
जिप्सी में बैठने के बाद चालक ने अपने दो परिचितों पवन बंसल और अभिषेक वंशकार को भी फोन कर बुला लिया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने नाबालिग और उसके दोस्त को जिप्सी से घुमाने के बहाने आगे ले जाना शुरू किया। आरोप है कि कुछ दूरी तय करने के बाद जिप्सी को सुनसान और घने जंगल की तरफ ले जाया गया।
जंगल में दोस्त को रस्सी से बांधा
पुलिस को दिए बयान के अनुसार, आरोपी नाबालिग और उसके दोस्त को स्काउट गाइड क्षेत्र के आगे जंगल की ओर ले गए। वहां पहुंचने के बाद दोनों को डराया-धमकाया गया। जब नाबालिग के दोस्त ने विरोध करने की कोशिश की तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसे रस्सी से बांध दिया और जिप्सी के अंदर डाल दिया।
इसके बाद तीनों आरोपियों पर नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है। घटना के दौरान पीड़िता और उसके दोस्त को धमकाया गया। वारदात के बाद आरोपी दोनों को वापस पचमढ़ी बस स्टैंड के पास छोड़कर चले गए। आरोप है कि उन्होंने किसी को घटना बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना के बाद घर चली गई नाबालिग
घटना के बाद नाबालिग काफी डरी और सहमी हुई थी। वह अपने घर लौट गई, लेकिन उसने तत्काल परिवार को घटना के बारे में नहीं बताया। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद उसके व्यवहार में काफी बदलाव आ गया था। वह गुमसुम रहने लगी और स्कूल भी नहीं जा रही थी।
नाबालिग की बड़ी बहन ने जब उससे लगातार उदास रहने और स्कूल नहीं जाने का कारण पूछा तो उसने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर पचमढ़ी थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी।
पुलिस ने दर्ज किए बयान, कराया मेडिकल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पिपरिया से महिला सब-इंस्पेक्टर मोनिका सिंह को पचमढ़ी बुलाया गया। महिला अधिकारी ने नाबालिग के बयान दर्ज किए। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण नर्मदापुरम में कराया गया।
पुलिस ने मामले में नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जिप्सी चालक हरिओम, पवन बंसल और अभिषेक वंशकार के रूप में बताई गई है। पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने मीडिया से बनाए रखा मामला
घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामला सामने आने के बाद पचमढ़ी पुलिस ने इसे मीडिया से दूर रखने की कोशिश की। हालांकि, नाबालिग के बयान और पुलिस कार्रवाई के बाद सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन ने बताया कि घटना चार दिन पहले की है और तीन लोगों पर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है। पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस. थोटा ने भी तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पर्यटन स्थल पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
पचमढ़ी मध्य प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटकों को घुमाने वाले निजी वाहनों और जिप्सी चालकों की गतिविधियों पर निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। घटना ने पर्यटन क्षेत्रों में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस नाबालिग के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक करना कानूनन उचित नहीं है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस