पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: जूता फेंका गया, चाकू से हमले की कोशिश का दावा; समर्थकों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया

घटना के बारे में पप्पू यादव ने दावा किया, 'बाबा लोग रोज कह रहे हैं कि मुझे मार दो, जला दो, हम 51 लाख रुपये देंगे। हमने उसे (हमलावर) पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मुझे मारने की साजिश रची गई थी, लेकिन मैं बच गया

पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: जूता फेंका गया, चाकू से हमले की कोशिश का दावा; समर्थकों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया

जब दिल्ली में अपने आवास पर पप्पू यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तभी उन पर हमला हो गया। बताया जा रहा है कि अचानक तीन-चार लोग वहां आ गए और उन्होंने चाकू से हमला कर दिया

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रविवार को पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय अफरा-तफरी में बदल गई, जब कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर एक व्यक्ति ने पहले जूता फेंका और फिर चाकू निकालकर हमला करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद समर्थकों और सहयोगियों ने आरोपी को पकड़ लिया और बाद में उसे दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद पप्पू यादव ने इसे अपने खिलाफ रची गई साजिश बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई इस घटना के बाद कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया। वहां मौजूद लोगों के अनुसार, जैसे ही आरोपी ने चाकू निकालने की कोशिश की, समर्थकों ने तत्काल उसे घेर लिया और काबू कर लिया। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।

पप्पू यादव बोले- मुझे मारने की साजिश थी

घटना के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद पप्पू यादव ने कहा कि उनके घर में घुसकर उन पर हमला करने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि आरोपी चाकू लेकर आया था और यदि समय रहते उसे नहीं पकड़ा जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

उन्होंने कहा, "क्या अब लोग हमसे मिलने भी नहीं आ सकते? चाकू लेकर मारने आया था। कई लोग लगातार मुझे मारने और जलाने की धमकियां दे रहे हैं। हमने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। अगर वहां इतने लोग मौजूद नहीं होते तो शायद आज मैं जिंदा नहीं होता।"

पप्पू यादव ने यह भी कहा कि वह पहले से ही लगातार धमकियों की शिकायत दर्ज करा रहे हैं और कई एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई।

"डरने वाला नहीं हूं"

सांसद ने कहा कि वह धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, "अगर कोई मुझे मारना चाहता है तो मार दे, लेकिन मैं जनता के मुद्दे उठाना बंद नहीं करूंगा। मैं लंबे समय से सुरक्षा की मांग कर रहा हूं। आखिर मेरा कसूर क्या है?"

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग लगातार सार्वजनिक रूप से उनके खिलाफ हिंसक बयान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो इस तरह की घटना नहीं होती।

समर्थकों ने बताया कैसे पकड़ा गया आरोपी

मौके पर मौजूद पप्पू यादव के समर्थकों ने बताया कि आरोपी ने पहले जूता फेंका और फिर अचानक चाकू निकाल लिया। जैसे ही उसने हमला करने की कोशिश की, वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया।

एक समर्थक ने कहा, "पप्पू यादव जनता के बीच रहने वाले नेता हैं। जैसे ही हमने देखा कि वह व्यक्ति चाकू निकाल रहा है, हम सबने मिलकर उसे पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया।"

समर्थकों का कहना है कि घटना कुछ ही सेकंड में हुई, लेकिन यदि तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

वकील ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद पप्पू यादव के वकील ने दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से लगातार पुलिस को धमकियों की जानकारी दी जा रही थी और अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की गई थी।

वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सुरक्षा का भरोसा तो दिया, लेकिन मौके पर केवल तीन-चार पुलिसकर्मी ही तैनात थे। उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर चेतावनियों के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, जिससे यह घटना हुई।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी सांसद पर इस तरह हमला करने की कोशिश बेहद चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

मीडिया कन्वीनर ने सुनाई पूरी घटना

पप्पू यादव के मीडिया कन्वीनर, जो घटना के समय मौके पर मौजूद थे, ने दावा किया कि हमलावरों ने पहले चप्पल फेंकी और उसके बाद चाकू निकालकर सांसद की ओर बढ़ने की कोशिश की।

उन्होंने बताया कि वह खुद हमलावर और पप्पू यादव के बीच आकर खड़े हो गए, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। उनका कहना है कि इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह कुछ समय के लिए बेहोश भी हो गए।

मीडिया कन्वीनर ने आरोप लगाया कि उन्होंने सुबह ही संबंधित डीसीपी से मिलकर सांसद को मिल रही सोशल मीडिया धमकियों की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी हमले को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाते नजर नहीं आए।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद सांसदों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पप्पू यादव और उनके सहयोगियों का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई। वहीं, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी का उद्देश्य क्या था और वह अकेला था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अब सभी की नजर दिल्ली पुलिस की जांच पर टिकी हुई है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी और सुरक्षा में कहीं कोई चूक हुई या नहीं।