CM मोहन यादव के मुरैना दौरे से पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष नजरबंद, घेराव की तैयारी पर पुलिस ने की कार्रवाई; जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन का ऐलान
मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव के मुरैना आगमन से पूर्व चंबल अंचल की राजनीति में भारी उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियों के बीच कांग्रेस द्वारा किए गए घेराव के ऐलान को विफल करने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार सुबह बड़ा कदम उठाया। पुलिस ने कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष मधुराज तोमर और शहर जिलाध्यक्ष गजेंद्र जाटव को उनके आवासों पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में गहरा रोष फैल गया है
मोहन यादव के मुरैना पहुंचने से पहले चंबल में सियासी घमासान, कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्ष नजरबंद, कांग्रेस ने दी घेराव की चेतावनी
मुरैना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुरैना दौरे से पहले कांग्रेस के संभावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह पुलिस टीम कांग्रेस जिला अध्यक्ष मधुराज तोमर के घर पहुंची और उन्हें उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। पुलिस की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा घेराव और विरोध प्रदर्शन की तैयारी की सूचना के बाद की गई।
पुलिस सुबह करीब 9:45 बजे मधुराज तोमर के घर पहुंची। इसके बाद उन्हें घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के कुछ अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने की सूचना है। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और संभावित प्रदर्शन वाले स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री के दौरे की पुष्टि के बाद कांग्रेस ने बनाई घेराव की रणनीति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुरैना दौरे की पुष्टि होने के बाद जिला कांग्रेस ने विभिन्न स्थानीय समस्याओं को लेकर उनके सामने विरोध दर्ज कराने की तैयारी शुरू की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जिले की जनता लंबे समय से बिजली, पानी, साफ-सफाई, कानून-व्यवस्था और चोरी की घटनाओं जैसी समस्याओं से परेशान है।
कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने और उनके दौरे के दौरान घेराव करने की रणनीति बनाई थी। पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील भी की गई थी। इसी संभावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कांग्रेस नेताओं पर निगरानी बढ़ा दी।
सुबह घर पहुंची पुलिस, जिलाध्यक्ष को किया नजरबंद
शुक्रवार सुबह पुलिस की टीम कांग्रेस जिला अध्यक्ष मधुराज तोमर के आवास पर पहुंची। पुलिस ने उन्हें घर पर ही रोक दिया। कार्रवाई के बाद उनके आवास के बाहर पुलिस की मौजूदगी रही। कांग्रेस नेताओं के संभावित प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने अन्य पदाधिकारियों पर भी नजर रखी।
पुलिस की कार्रवाई के पीछे मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा होने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनसमस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।
नजरबंदी के बाद भी मधुराज तोमर ने जारी किया वीडियो संदेश
अपने आवास पर नजरबंद किए जाने के बाद मधुराज तोमर ने वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से जनहित के मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराने की अपील की।
मधुराज तोमर ने आरोप लगाया कि मुरैना नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना है कि लगातार चोरी की घटनाओं से लोग परेशान हैं और आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
किसानों की समस्याओं को लेकर भी सरकार पर निशाना
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने किसानों से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं और कतारों में खड़े किसानों को लाठियां तक खानी पड़ रही हैं।
उन्होंने अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। तोमर के मुताबिक बारिश और बाढ़ से कई किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर नुकसान का सर्वे समय पर पूरा नहीं हो पाया। इसके चलते प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने में परेशानी हो रही है।
कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री के सामने इन सभी मुद्दों को रखा जाना था और सरकार से तत्काल समाधान की मांग की जानी थी।
पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन की अपील
नजरबंदी के बाद भी मधुराज तोमर ने अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पीछे नहीं हटने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से डरने के बजाय लोग जनहित के मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएं।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। उनके वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी सक्रियता बढ़ने की बात सामने आई है।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस अलर्ट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुरैना दौरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। संभावित प्रदर्शन और घेराव को देखते हुए प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों द्वारा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस की कोशिश है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निर्धारित रूप से संपन्न हो और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं कांग्रेस अपनी ओर से स्थानीय समस्याओं को लेकर विरोध दर्ज कराने पर अड़ी हुई है।
आमने-सामने कांग्रेस और प्रशासन
मुरैना में मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कांग्रेस और प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक ओर पुलिस संभावित घेराव को रोकने के लिए कांग्रेस नेताओं को नजरबंद कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने से रोकने की कार्रवाई बता रही है।
बिजली, पानी, साफ-सफाई, चोरी की घटनाएं, नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, खाद की समस्या और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है।
फिलहाल मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुरैना का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता किस तरह अपना विरोध दर्ज कराते हैं और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस