मेरठ ‘सांप कांड’ में रविता-अमरदीप को फांसी: पति अमित की हत्या कर शव के पास छोड़ा था सांप
अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था. दोपहर 3 बजे के बाद जज ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है. 12 अप्रैल 2025 को सांप के जरिए अमन कश्यप की हत्या की साजिश रची गई थी, जिसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बेनकाब कर दिया था.
मेरठ में पति को मारकर सांप से कटवाने के मामले में कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी महिला रविता और उसके बॉयफ्रेंड अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है।
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सामने आए चर्चित ‘सांप कांड’ में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। पति अमित कश्यप की हत्या कर शव के पास सांप छोड़कर मौत को सर्पदंश का रूप देने के मामले में अदालत ने आरोपी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर अमित कश्यप की हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने का आरोप था।
कोर्ट के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि मेरठ की अदालत ने दो दिन के भीतर दूसरी बार फांसी की सजा सुनाई है। इससे पहले चर्चित मुस्कान और साहिल हत्याकांड में भी अदालत ने दोनों आरोपियों को मृत्युदंड दिया था।
पति के साथ काम करता था अमरदीप
मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाले अमित कश्यप टाइल और पत्थर लगाने का काम करते थे। आरोपी अमरदीप भी अमित के साथ काम करता था। इसी वजह से उसका अमित के घर आना-जाना था।
पुलिस जांच के मुताबिक, इसी दौरान अमरदीप और अमित की पत्नी रविता के बीच प्रेम संबंध बन गए। धीरे-धीरे दोनों की नजदीकियां बढ़ती गईं। बाद में अमित को पत्नी और अमरदीप के बीच चल रहे संबंधों की जानकारी हो गई। अमित ने दोनों के रिश्ते का विरोध किया।
आरोप है कि विरोध के बाद रविता और अमरदीप ने अमित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
हत्या को सर्पदंश का रूप देने की साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद मामले को सर्पदंश की घटना दिखाने की योजना बनाई थी। इसके लिए दोनों ने एक सपेरे से कथित तौर पर 1,000 रुपये में सांप खरीदा।
इसके बाद 17 अप्रैल की रात अमित के सो जाने के बाद अमरदीप उसके घर पहुंचा। आरोप है कि रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित की हत्या कर दी। हत्या के बाद अमित के बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया, ताकि परिवार और पुलिस को पहली नजर में उसकी मौत सांप के काटने से हुई लगे।
वारदात के बाद अमरदीप वहां से चला गया, जबकि रविता दूसरे कमरे में जाकर सो गई।
सुबह मृत मिला अमित
अगली सुबह परिवार के लोगों ने अमित को बिस्तर पर मृत हालत में देखा। उसके शरीर पर सर्पदंश के निशान भी दिखाई दे रहे थे। शुरुआती तौर पर परिवार को लगा कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है।
लेकिन मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब अमित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सर्पदंश नहीं बल्कि दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और हत्या के एंगल से जांच शुरू की गई।
पोस्टमार्टम का विरोध करने पर बढ़ा शक
बताया गया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के दौरान रविता ने इसका विरोध किया था। इस वजह से परिजनों का शक उस पर और गहरा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश को मौत की वजह नहीं पाए जाने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
जांच के दौरान पुलिस ने रविता और अमरदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में दोनों के बीच प्रेम संबंध और अमित की हत्या की कथित साजिश से जुड़े तथ्य सामने आए।
पुलिस जांच में सामने आई पूरी कहानी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अमित को पत्नी और अमरदीप के संबंधों की जानकारी होने के बाद दोनों पर दबाव बढ़ गया था। आरोप है कि इसी वजह से दोनों ने मिलकर अमित की हत्या करने का फैसला किया।
हत्या के बाद सर्पदंश का नाटक करने के लिए सांप का इंतजाम किया गया। शव के पास सांप छोड़कर परिवार को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि अमित की मौत जहरीले सांप के काटने से हुई है।
हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस कथित साजिश को उजागर कर दिया। मौत की वजह दम घुटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को हत्या के तौर पर आगे बढ़ाया।
कोर्ट ने दोनों को सुनाई फांसी की सजा
मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ पेश किए गए साक्ष्यों और घटनाक्रम को अदालत के सामने रखा। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी माना और दोनों को मृत्युदंड यानी फांसी की सजा सुनाई।
अदालत के इस फैसले को मामले में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया का प्रावधान होता है, इसलिए अदालत के फैसले के बाद भी मामला उच्च न्यायालय की प्रक्रिया से गुजर सकता है।
मेरठ में लगातार दूसरे चर्चित हत्याकांड में फांसी
मेरठ की अदालत द्वारा हाल में सुनाई गई यह दूसरी बड़ी फांसी की सजा बताई जा रही है। इससे पहले मुस्कान और साहिल से जुड़े चर्चित हत्याकांड में भी अदालत ने दोनों को मृत्युदंड दिया था।
‘सांप कांड’ में भी पत्नी और उसके प्रेमी पर पति की हत्या के बाद सबूतों को भटकाने और मौत को सर्पदंश बताने की कोशिश का आरोप था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की जांच में अहम कड़ी बनी और पुलिस की जांच हत्या की दिशा में आगे बढ़ी।
सर्पदंश की कहानी पर उठे सवाल
शुरुआत में जिस घटना को सांप के काटने से हुई मौत समझा जा रहा था, जांच में वही मामला कथित हत्या की साजिश के रूप में सामने आया। शव पर सर्पदंश के निशान होने के बावजूद पोस्टमार्टम में मौत का कारण दम घुटना पाया जाना जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
इसके बाद पुलिस ने परिवार के संदेह, रविता के व्यवहार, अमरदीप से उसके संबंध और सांप की कथित खरीद समेत मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की। इन्हीं आधारों पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई।
मेरठ का यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में रहा क्योंकि हत्या के बाद उसे सर्पदंश का रूप देने की कथित कोशिश की गई थी। अदालत द्वारा रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाए जाने के साथ मामले में एक अहम न्यायिक पड़ाव सामने आया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस