अभय मिश्रा को पुलिस ने घसीटते हुए ले गई, कल्पना मिश्रा के पिता के समर्थन में धरना स्थल पहुंचे थे; पुलिस से भिड़े विधायक, मौके पर जमकर हंगामा
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके बच्चे की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासन द्वारा आंदोलन समाप्त कराए जाने के बाद आज समर्थन में पहुंचे सेमरिया के कांग्रेस विधायक और उनके समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के मामले में न्याय की लड़ाई अब प्रशासन और परिवार के बीच सीधी टकराहट में बदल गई है।
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के बाद मृतका के पिता द्वारा न्याय की मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर शुरू किया गया धरना प्रशासन की कार्रवाई के बाद समाप्त करा दिया गया। इसके बाद गुरुवार को सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें और उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया।
हिरासत के दौरान विधायक और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। सामने आए घटनाक्रम में पुलिसकर्मी विधायक को वहां से हटाते हुए दिखाई दिए। कांग्रेस विधायक ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और कहा कि वे पीड़ित परिवार की न्याय की लड़ाई में शुरुआत से उनके साथ हैं।
कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के बाद शुरू हुआ था धरना
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिवार की ओर से अस्पताल की व्यवस्था और घटना की जांच को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मृतका के पिता ने मामले में न्याय की मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर धरना शुरू किया था।
परिवार की मांगों और धरने के चलते मामला लगातार चर्चा में बना हुआ था। धरना स्थल पर लोगों की आवाजाही बढ़ने के साथ राजनीतिक दलों के नेताओं की सक्रियता भी बढ़ गई।
प्रशासन ने बाद में धरना समाप्त कराने की कार्रवाई की। अधिकारियों की ओर से मुख्य मार्ग पर बिना अनुमति प्रदर्शन किए जाने और यातायात तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का तर्क दिया गया।
पुलिस ने धरना खत्म कराया, पिता को अस्पताल भेजा
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने धरना स्थल को खाली कराया। मृतका के पिता को भी मौके से हटाकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। बताया गया कि उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
परिवार की ओर से इस कार्रवाई का विरोध किया गया। वहीं प्रशासन का कहना था कि मुख्य मार्ग पर चल रहे प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था और स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए।
धरना खत्म होने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने समर्थकों और स्थानीय लोगों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए धरना स्थल पर पहुंचने का फैसला किया।
विधायक के पहुंचते ही पुलिस ने संभाला मोर्चा
विधायक के धरना स्थल पर पहुंचने से पहले ही पुलिस बल वहां तैनात था। जैसे ही अभय मिश्रा अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
विधायक ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और विधायक के बीच बहस हो गई। इसके बाद पुलिस ने विधायक को वहां से हटाया और हिरासत में ले लिया।
घटनाक्रम के दौरान विधायक को पुलिस द्वारा पकड़कर ले जाते हुए भी देखा गया। कांग्रेस समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। इसके चलते कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
'हम शुरू से इस लड़ाई में शामिल हैं'
हिरासत में लिए जाने से पहले अभय मिश्रा ने कहा कि वह शुरुआत से ही कल्पना मिश्रा के परिवार के साथ खड़े हैं। उनका कहना था कि वह यह जानने के लिए धरना स्थल पर आए थे कि अब तक प्रशासन की कार्रवाई से परिवार कितना संतुष्ट है और आगे आंदोलन को किस दिशा में ले जाना है।
विधायक के अनुसार उनका उद्देश्य धरना स्थल पर पहुंचकर बातचीत और रणनीति तय करना था। उनका आरोप है कि चर्चा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस विधायक ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने बताया यातायात और कानून-व्यवस्था का मामला
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि मुख्य मार्ग पर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था। अधिकारियों के मुताबिक किसी भी प्रदर्शन के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति का पालन आवश्यक है।
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धरना स्थल खाली कराया। पुलिस की ओर से विधायक और उनके समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई भी इसी व्यवस्था का हिस्सा बताई गई है।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पीड़ित परिवार की आवाज उठाने पहुंचे जनप्रतिनिधि को बातचीत का अवसर दिया जाना चाहिए था।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल
कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब अस्पताल की व्यवस्था और परिवार को न्याय दिलाने की मांग से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर परिवार कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायक और पार्टी से जुड़े नेता इस मुद्दे को लेकर प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं।
विधायक की हिरासत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखी गई। पार्टी नेताओं का कहना है कि मृतका के परिवार की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद धरना स्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन की कोशिश है कि मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
आगे क्या होगा, इस पर नजर
मृतका के पिता के अस्पताल भेजे जाने और विधायक अभय मिश्रा की हिरासत के बाद अब इस मामले में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से आगे आंदोलन या प्रशासन से बातचीत को लेकर रणनीति बनाई जा सकती है।
वहीं परिवार की ओर से की जा रही मांगों और अस्पताल में हुई प्रसूता तथा नवजात की मौत से जुड़े आरोपों की जांच को लेकर भी लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
इस पूरे घटनाक्रम में फिलहाल दो पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। प्रशासन कानून-व्यवस्था और यातायात को कार्रवाई का आधार बता रहा है, जबकि कांग्रेस और पीड़ित परिवार इसे न्याय की मांग को दबाने की कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं। मामले की आगे की कार्रवाई और जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस