सहकारी समितियों पर पर्याप्त उर्वरक भंडारण के निर्देश, कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई

उरई में खरीफ बुवाई के दौरान किसानों को समय पर डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सहकारी समितियों पर पर्याप्त भंडारण, निर्धारित मूल्य पर उर्वरक वितरण और कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित जांच के निर्देश दिए। अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

सहकारी समितियों पर पर्याप्त उर्वरक भंडारण के निर्देश, कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई

खरीफ सीजन को लेकर प्रशासन अलर्ट

सहकारी समितियों पर पर्याप्त डीएपी-यूरिया भंडारण के निर्देश

किसानों को जरूरत के अनुसार ही मिलेगा उर्वरक

निजी उर्वरक दुकानों की होगी नियमित जांच

उरई। खरीफ फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को वर्चुअल बैठक के माध्यम से उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, एआर कोऑपरेटिव, जिला कृषि अधिकारी तथा पीसीएफ के अधिकारियों के साथ उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की सभी सहकारी समितियों पर डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्थिति में किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कहा कि खरीफ सीजन किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इस समय उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सीधे फसल उत्पादन को प्रभावित करती है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारु एवं किसान हितैषी बनाए रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सहकारी समिति पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया का भंडारण रखा जाए, ताकि अचानक बढ़ने वाली मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सके।

बैठक में उन्होंने समिति सचिवों को निर्देशित किया कि किसानों को उनकी जोत, फसल और वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। किसी एक किसान को आवश्यकता से अधिक खाद न दी जाए, ताकि सभी पात्र किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रखी जाए और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निजी उर्वरक विक्रेताओं और रिटेल दुकानों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी दुकानों पर शासन द्वारा निर्धारित उर्वरक मूल्य सूची प्रमुखता से प्रदर्शित होना अनिवार्य है। किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने, कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने, उर्वरक की जमाखोरी करने अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि उर्वरकों की उपलब्धता, स्टॉक और वितरण की लगातार निगरानी की जाए। यदि किसी क्षेत्र में खाद की कमी की आशंका हो तो उसकी सूचना तुरंत जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाए और किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों से कहा गया कि वितरण केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखें, भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाएं और किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद उपलब्ध कराएं।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और प्रशासन का दायित्व है कि शासन की योजनाओं और व्यवस्थाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचे। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और उर्वरक वितरण से जुड़ी किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री और कालाबाजारी रोकने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर जमाखोरी, कालाबाजारी या किसानों के साथ अनियमितता की शिकायत मिली तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि खरीफ सीजन के दौरान जनपद के प्रत्येक किसान को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध हो, जिससे खेती का कार्य बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित हो सके।