मतदेय स्थलों के पुनर्गठन पर सर्वदलीय बैठक: 9 आपत्तियां मंजूर, जिले में बनेंगे 5 नए मतदेय स्थल
उरई में जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के पुनर्गठन को लेकर सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में प्राप्त 53 दावों एवं आपत्तियों में से 9 को स्वीकृति दी गई। जिले में 55 मतदेय स्थलों का समायोजन और 5 नए मतदेय स्थलों का सृजन किया जाएगा। पुनर्गठन के बाद जिले में 1024 मतदान केंद्र और 1574 मतदेय स्थल होंगे।
मतदेय स्थलों के पुनर्गठन पर सर्वदलीय बैठक, 9 आपत्तियां मंजूर
उरई में बनेंगे 5 नए मतदेय स्थल, 55 का होगा समायोजन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने की समीक्षा, मतदाताओं की सुविधा पर जोर
53 दावों पर हुई सुनवाई, 9 स्वीकृत, कई मामलों में दोबारा जांच के निर्देश
उरई। आगामी निर्वाचन की तैयारियों को और अधिक पारदर्शी तथा मतदाता सुविधाजनक बनाने की दिशा में जिला निर्वाचन प्रशासन ने मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन एवं पुनर्गठन के संबंध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला स्तरीय प्रतिनिधियों के साथ सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में 45-जालौन (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 219-माधौगढ़, 220-कालपी और 221-उरई (अ.जा.) विधानसभा क्षेत्रों के मतदेय स्थलों के सम्भाजन, समायोजन तथा प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदेय स्थलों का पुनर्गठन पूरी तरह निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक हो गई है, भवन जर्जर या अनुपयुक्त हैं, मतदान केंद्र दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित हैं अथवा किसी मतदेय स्थल पर 300 से कम मतदाता हैं, ऐसे मामलों में पुनर्गठन आवश्यक माना गया है।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की निर्धारित अवधि के दौरान कुल 53 प्रत्यावेदन प्राप्त हुए थे। इन सभी पर गंभीरता से विचार किया गया, जिनमें से 9 प्रत्यावेदन स्वीकार कर लिए गए हैं। जबकि कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों को दोबारा स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रत्येक निर्णय पूरी निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर लिया जा सके।
उन्होंने बताया कि पुनर्गठन के तहत जिले में 55 मतदेय स्थलों का समायोजन किया गया है तथा 5 नए मतदेय स्थलों का सृजन किया जाएगा। इसके साथ ही 61 मतदेय स्थलों के भवन जर्जर, ध्वस्त अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से बदल दिए गए हैं। पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनपद में कुल 1024 मतदान केंद्र तथा 1574 मतदेय स्थल होंगे।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक मतदाता को उसके निवास के निकट, सुरक्षित और सुविधाजनक मतदान केंद्र उपलब्ध कराना है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे मतदेय स्थलों से संबंधित किए गए निस्तारण का अवलोकन करें और यदि किसी प्रकार का तथ्यात्मक सुझाव या आपत्ति हो तो उसे समय रहते जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इससे निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा मतदाता हितैषी बनाया जा सकेगा।
बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव रखे और कई स्थानों से संबंधित आपत्तियों एवं मांगों पर चर्चा की। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया और कहा कि जहां भी आवश्यकता होगी, वहां पुनः भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
बैठक में विनोद कुमार नगरिया (जिला सचिव, सीपीआईएम), रोहित राठौर (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, अपना दल (सोनेलाल)), जमालुद्दीन (जिला महासचिव, समाजवादी पार्टी), राजीव शर्मा (प्रतिनिधि, समाजवादी पार्टी), विनय चौरसिया (जिलाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी), भगवती शरण पांचाल (जिला सचिव, बहुजन समाज पार्टी), शांति स्वरूप महेश्वरी (निर्वाचन प्रतिनिधि, भारतीय जनता पार्टी), कमल दोहरे (उपाध्यक्ष, कांग्रेस) तथा रविन्द्र प्रताप सिंह (सदर विधायक प्रतिनिधि) सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिला निर्वाचन प्रशासन का मानना है कि मतदेय स्थलों का यह पुनर्गठन आगामी चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने, मतदान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने तथा निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप निष्पक्ष एवं सुचारु मतदान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस