जिला कारागार का डीएम-एसपी ने किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की सुविधाओं का लिया जायजा

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, बैरकों, स्वच्छता, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिला कारागार का डीएम-एसपी ने किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की सुविधाओं का लिया जायजा

सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं की हुई गहन जांच, अधिकारियों ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

उरई। कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा जिला कारागार में सुरक्षा एवं बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, बैरकों की स्थिति और प्रशासनिक अभिलेखों का गहन निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के अचानक पहुंचने से कारागार प्रशासन में हलचल मच गई। अधिकारियों ने सबसे पहले जेल के मुख्य प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया और वहां लागू सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने कारागार परिसर का भ्रमण करते हुए विभिन्न बैरकों, रसोईघर, चिकित्सालय, जलापूर्ति व्यवस्था तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कारागार में शासन की ओर से निर्धारित सभी व्यवस्थाओं का प्रभावी ढंग से पालन हो रहा है तथा बंदियों को आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेल परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि बंदियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके। उन्होंने बैरकों की स्थिति का भी अवलोकन किया और वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने पेयजल व्यवस्था की गुणवत्ता की जांच करते हुए कहा कि सभी बंदियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान रसोईघर की व्यवस्था का भी विस्तार से निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री के भंडारण और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंदियों को समय पर पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन तैयार करने में स्वच्छता के सभी मानकों का पालन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भोजन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कारागार चिकित्सालय का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने उपलब्ध दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों तथा स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसी भी बंदी की तबीयत खराब होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कारागार में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए जेल के मुख्य प्रवेश द्वार, निगरानी व्यवस्था, सुरक्षा उपकरणों तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस और कारागार कर्मियों की सतर्कता का परीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए और कहा कि जेल की सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आने-जाने वाले व्यक्ति की पूरी जांच की जाए और सुरक्षा संबंधी सभी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जेल में रखे अभिलेखों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने बंदियों के रिकॉर्ड, उपस्थिति पंजिका तथा अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों का अवलोकन किया और उनके नियमित संधारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेख अद्यतन एवं व्यवस्थित होने चाहिए ताकि किसी भी समय उनकी जांच की जा सके।

जिलाधिकारी ने कारागार प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों को शासन की मंशा के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि कारागार केवल दंड देने का स्थान नहीं बल्कि सुधार की दिशा में कार्य करने वाला संस्थान भी है। इसलिए बंदियों के लिए अनुशासित, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता हो तो उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जेल परिसर में तैनात सभी सुरक्षा कर्मी पूरी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा नियमित रूप से सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाती रहे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही भविष्य में गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकती है, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार प्रशासन से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर इस प्रकार के औचक निरीक्षण किए जाते रहेंगे ताकि व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और आवश्यक सुधार समय रहते लागू किए जा सकें।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य, जेलर सहित कारागार प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को कारागार की व्यवस्थाओं की जानकारी दी तथा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का पूर्ण पालन करने का आश्वासन दिया।

जिला प्रशासन के इस औचक निरीक्षण को कारागार व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी, बल्कि बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कारागार प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।