.आतंक, अन्याय और अत्याचार से नरोत्तम मिश्रा की पहचान... दतिया उपचुनाव में दिग्विजय सिंह का बड़ा हमला, घनश्याम सिंह को बताया शांत, जनसेवी और जनता का सच्चा नेता

दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की तारीफ करते हुए नरोत्तम मिश्रा पर तीखा हमला बोला। साथ ही बीजेपी में भी अंदरूनी कलह होने का दावा किया और स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता देने की बात कही।

.आतंक, अन्याय और अत्याचार से नरोत्तम मिश्रा की पहचान... दतिया उपचुनाव में दिग्विजय सिंह का बड़ा हमला, घनश्याम सिंह को बताया शांत, जनसेवी और जनता का सच्चा नेता

दतिया उपचुनाव में सियासी घमासान तेज, दिग्विजय सिंह ने नरोत्तम मिश्रा पर साधा निशाना; घनश्याम सिंह की तारीफ

दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने चुनावी मैदान में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की तारीफ करते हुए उन्हें शांत, सरल और जनसेवा के लिए समर्पित व्यक्ति बताया, वहीं नरोत्तम मिश्रा की राजनीति पर सवाल खड़े किए।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि दतिया की जनता के सामने इस बार दो अलग-अलग तरह की राजनीतिक सोच हैं। एक तरफ ऐसे लोग हैं जो शांतिपूर्ण तरीके से जनता के बीच रहकर काम करने में विश्वास रखते हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसी राजनीति रही है जिसमें विवाद और कठोर फैसले ज्यादा चर्चा में रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को दतिया की जनता से जुड़ा हुआ चेहरा बताते हुए कहा कि वह पूर्व राजपरिवार से जुड़े होने के बावजूद आम लोगों के बीच सहजता से रहते हैं। उनके अनुसार घनश्याम सिंह का स्वभाव सरल है और वह किसी का नुकसान नहीं चाहते। उनका पूरा ध्यान क्षेत्र के विकास और जनकल्याण पर रहता है।

"घनश्याम सिंह और नरोत्तम मिश्रा की राजनीति में बड़ा अंतर"

दिग्विजय सिंह ने कहा कि घनश्याम सिंह की छवि एक ऐसे व्यक्ति की है जो सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने दावा किया कि दतिया क्षेत्र में उनके परिवार की लंबे समय से पहचान रही है और जनता उन्हें जानती है।

वहीं नरोत्तम मिश्रा पर हमला करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी राजनीति की पहचान आतंक, अन्याय और अत्याचार से रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद नरोत्तम मिश्रा की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी रही है।

दिग्विजय सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र को स्थानीय नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने ऐसे व्यक्ति को मौका दिया है जिसका क्षेत्र से सीधा जुड़ाव नहीं है।

भाजपा की अंदरूनी कलह पर भी बोले दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता ने भाजपा में चल रही कथित अंदरूनी खींचतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है और दतिया इसका उदाहरण है।

दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा कि अगर इसे पार्टी में असंतोष नहीं माना जाता तो यह भाजपा का आंतरिक मामला है।

उन्होंने कांग्रेस में मतभेदों के सवाल पर कहा कि हर राजनीतिक दल में विचारों का अंतर हो सकता है, लेकिन चुनाव के समय संगठन पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरता है।

कभी भाजपा के ताकतवर नेताओं में शामिल थे नरोत्तम मिश्रा

नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश भाजपा के उन नेताओं में शामिल रहे हैं जिनका प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रहा। शिवराज सरकार के दौरान वह सरकार के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे और कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

उनकी पहचान एक आक्रामक वक्ता और संगठन के मजबूत नेता के रूप में रही। कानून-व्यवस्था और सख्त प्रशासन को लेकर उनके कई फैसले चर्चा में रहे। इसी वजह से समर्थकों ने उन्हें मजबूत प्रशासक बताया, जबकि विरोधियों ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए।

फिल्मों, विज्ञापनों और सामाजिक मुद्दों पर उनके बयानों ने भी कई बार राजनीतिक बहस को जन्म दिया। कई मौकों पर उनके बयानों को लेकर विवाद खड़े हुए और विपक्ष ने उन्हें निशाने पर लिया।

2023 चुनाव में मिली हार के बाद बदली राजनीतिक भूमिका

2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रदेश में बड़ी जीत मिली थी, लेकिन दतिया सीट पर नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा। यह हार राजनीतिक रूप से बड़ी मानी गई क्योंकि नरोत्तम मिश्रा लंबे समय से दतिया क्षेत्र में सक्रिय थे।

चुनाव परिणाम के बाद उनकी भूमिका पहले की तुलना में सीमित हुई। हालांकि भाजपा संगठन में उनका अनुभव और राजनीतिक पकड़ अभी भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

उपचुनाव में प्रतिष्ठा की लड़ाई

दतिया उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है।

भाजपा जहां अपने उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के समर्थन में संगठन की ताकत लगा रही है, वहीं कांग्रेस घनश्याम सिंह की पारिवारिक पहचान और स्थानीय जुड़ाव को मुद्दा बना रही है।

दिग्विजय सिंह के बयान के बाद चुनावी माहौल और गर्म हो गया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है। दतिया की जनता किसे अपना समर्थन देती है, इसका फैसला चुनाव परिणाम के बाद ही होगा, लेकिन फिलहाल इस उपचुनाव ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।