डीजल चोरी के शक में ड्राइवरों को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा: कबूलनामा दिलवाने के लिए बनाया वीडियो, कोरे कागजों पर कराए हस्ताक्षर, पुलिस जांच में जुटी

शहडोल के बुढार थाना क्षेत्र में डीजल चोरी के शक में वाहन चालकों को बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़ितों का आरोप है कि ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालकों और उनके साथियों ने उन्हें कमरे में बंद कर पीटा।

डीजल चोरी के शक में ड्राइवरों को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा: कबूलनामा दिलवाने के लिए बनाया वीडियो, कोरे कागजों पर कराए हस्ताक्षर, पुलिस जांच में जुटी

शहडोल के बुढ़ार थाना क्षेत्र में ट्रक चालकों को बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगा है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पीड़ित चालकों ने डीजल चोरी का आरोप लगाकर जबरन कबूलनामा लिखवाने और धमकी 

शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र में डीजल चोरी के संदेह में वाहन चालकों के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालकों और उनके साथियों ने कई ड्राइवरों को कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की। इतना ही नहीं, उनसे जबरन डीजल चोरी का कबूलनामा दिलवाने के लिए वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर तथा अंगूठे के निशान लगवा लिए गए।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो गुरुवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित वाहन चालक बुढार थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई।

ट्रांसपोर्ट कंपनी बुलाकर बनाया बंधक

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार उमरिया जिले के ग्राम राघोपुर निवासी वाहन चालक इरशाद मोहम्मद ने अपने साथियों मुस्तकीम मोहम्मद, सुनील रैदास, रजनीश काछी, शाहिद उर्फ पड़ा सहित अन्य चालकों के साथ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उन्हें बुढार स्थित मारुति नंदन पेट्रोल पंप के सामने संचालित हिन्द ट्रांसपोर्ट कंपनी में बुलाया गया था।

पीड़ितों का आरोप है कि वहां पहुंचते ही कंपनी से जुड़े कुछ लोगों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उन पर डीजल चोरी का आरोप लगाते हुए लगातार मारपीट की गई। चालकों का कहना है कि उन्हें अपनी सफाई देने का भी मौका नहीं दिया गया और जबरन अपराध स्वीकार करने का दबाव बनाया गया।

डंडों, मुक्कों और थप्पड़ों से की गई पिटाई

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अब्दुल शफीक खान उर्फ अब्दुल्ला, अब्दुल रफीक खान उर्फ बब्लू, अमित गुप्ता, अंजी, जयंत जामवानी, निखिल सेन तथा उनके अन्य साथियों ने मिलकर चालकों के साथ मारपीट की। पीड़ितों के मुताबिक आरोपियों ने डंडों, मुक्कों और थप्पड़ों से उनकी बेरहमी से पिटाई की।

चालकों का कहना है कि मारपीट के दौरान उन्हें लगातार धमकाया गया और डीजल चोरी स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर मारपीट और तेज कर दी गई।

जबरन बनवाया कबूलनामा, रिकॉर्ड किया वीडियो

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उनसे जबरन डीजल चोरी का कबूलनामा दिलवाया गया। इस दौरान पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया ताकि भविष्य में उसी वीडियो का इस्तेमाल उनके खिलाफ किया जा सके।

इतना ही नहीं, आरोप है कि चालकों से कई कोरे कागजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान भी जबरदस्ती लगवाए गए। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि उन कागजों का आगे किस उद्देश्य से उपयोग किया जाएगा।

शिकायत करने पर दी गई गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी

पीड़ित वाहन चालकों का कहना है कि मारपीट के बाद उन्हें स्पष्ट रूप से धमकी दी गई कि यदि उन्होंने पुलिस में शिकायत की या किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

इसी डर और भय के कारण वे कई दिनों तक पुलिस के पास नहीं जा सके। हालांकि जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी और वे बुढार थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आए।

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा मामला

घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वीडियो में कुछ लोगों द्वारा वाहन चालकों के साथ मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है, हालांकि वीडियो की सत्यता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ और पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

बुढार थाना पुलिस का कहना है कि पीड़ित चालकों की शिकायत प्राप्त हो गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी। वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा की मांग

पीड़ित चालकों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें अब भी आरोपियों से खतरा महसूस हो रहा है और यदि उचित सुरक्षा नहीं मिली तो उनके साथ दोबारा कोई अप्रिय घटना हो सकती है।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना

डीजल चोरी के संदेह में वाहन चालकों को कथित रूप से बंधक बनाकर मारपीट करने और जबरन कबूलनामा दिलाने का यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि किसी पर चोरी का संदेह भी हो तो कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। ऐसे मामलों में पुलिस को सूचना देकर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, शिकायत और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाती है।