ज्ञानेश कुमार पर दिग्विजय का तीखा हमला: राम मंदिर ट्रस्ट से ‘वोट चोरी’ तक लगाए गंभीर आरोप, 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में खरीदने का दावा

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े होने और अब वोट चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया

ज्ञानेश कुमार पर दिग्विजय का तीखा हमला: राम मंदिर ट्रस्ट से ‘वोट चोरी’ तक लगाए गंभीर आरोप, 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में खरीदने का दावा

राम मंदिर ट्रस्ट से ‘वोट चोरी’ तक दिग्विजय का ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला: बोले- ट्रस्ट में रहे, अब वोट चोरी में भी शामिल; 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में खरीदने का आरोप

इंदौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और कथित वोट चोरी के मुद्दे को एक-दूसरे से जोड़ते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार पहले राम मंदिर से जुड़े ट्रस्ट में ट्रस्टी रहे हैं और अब चुनावी प्रक्रिया में भी उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, ये आरोप दिग्विजय सिंह के दावे हैं।

दिग्विजय सिंह ने राम जन्मभूमि से जुड़े भूमि सौदों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने एक जमीन करीब दो करोड़ रुपये में खरीदी और अगले ही दिन वही जमीन राम मंदिर ट्रस्ट ने करीब 18 करोड़ रुपये में खरीद ली। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।

2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ में खरीदने का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित जमीन सौदों को लेकर कई सवाल उठाए। उनका कहना था कि जमीन की खरीद-बिक्री में कीमतों के अंतर की जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जिस जमीन को पहले लगभग दो करोड़ रुपये में खरीदा गया, उसे अगले दिन करीब 18 करोड़ रुपये में ट्रस्ट द्वारा खरीदा गया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल जमीन के सौदे ही नहीं, बल्कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े ठेकों और खर्च की भी जांच आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के खर्च और निर्माण कार्यों से जुड़े सवाल उठाने वाले कुछ कर्मचारियों को हटाए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

दिग्विजय सिंह ने मांग की कि इन सभी मामलों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या निष्पक्ष व्यवस्था के माध्यम से कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

ज्ञानेश कुमार के ट्रस्ट से जुड़े होने का दावा

दिग्विजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि वे राम मंदिर से जुड़े ट्रस्ट में ट्रस्टी रह चुके हैं। उन्होंने इसी आधार पर ट्रस्ट के कामकाज और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थान और मंदिर से जुड़े प्रबंधन में पारदर्शिता जरूरी है। उनके मुताबिक, राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था में धार्मिक परंपराओं से जुड़े संतों और प्रतिनिधियों को भी उचित स्थान दिया जाना चाहिए।

दिग्विजय सिंह ने मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर नई व्यवस्था बनाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का विवाद या संदेह नहीं रहना चाहिए और सभी वित्तीय तथा प्रशासनिक गतिविधियों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

‘वोट चोरी’ को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना

प्रेस वार्ता में दिग्विजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसके दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

उन्होंने दावा किया कि करीब नौ करोड़ पात्र मतदाताओं के नाम अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं हुए हैं। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार से वंचित होने का दावा किया जा रहा है।

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार राजनीतिक तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ज्ञानेश कुमार की पोस्टिंग रही, वहां अनियमितताओं के सवाल उठे। इसी आधार पर कांग्रेस नेता ने उनके इस्तीफे की मांग की।

हालांकि, मतदाता सूची, SIR और चुनाव आयोग से जुड़े इन आंकड़ों एवं आरोपों को दिग्विजय सिंह के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है।

मंदिर निर्माण और ठेकों पर भी सवाल

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े कामकाज में पारदर्शिता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के दौरान जमीन की खरीद, निर्माण कार्यों और ठेकों से जुड़े सभी मामलों की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर किसी जमीन की कीमत और उसके बाद हुई खरीद में इतना बड़ा अंतर है तो इसकी जांच जरूरी है। उनका कहना था कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि जमीन की वास्तविक कीमत क्या थी और ट्रस्ट ने उसे निर्धारित कीमत से अधिक राशि में क्यों खरीदा।

कांग्रेस नेता ने ट्रस्ट के भीतर कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाने वाले कर्मचारियों के साथ हुए व्यवहार की भी जांच की मांग की।

उज्जैन के मुद्दों का भी जिक्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से जुड़े कई मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने जमीन आवंटन और मंदिर परिसर के आसपास निर्माण को लेकर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि धार्मिक नगरी उज्जैन में विकास और निर्माण कार्यों के दौरान नियमों और परंपराओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने इन मामलों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत बताई।

इसके अलावा उन्होंने अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

20 अक्टूबर से उज्जैन-अयोध्या यात्रा

दिग्विजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 20 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान चंदा चोरी और वोट चोरी जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।

उनके अनुसार, यात्रा का उद्देश्य इन मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग करना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और राजनीतिक प्रक्रिया में निष्पक्षता दोनों जरूरी हैं।

दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रपति को डिजिटल याचिका भेजने के अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने लोगों से इस अभियान में समर्थन देने की अपील की और मिस्ड कॉल के जरिए अपनी भागीदारी दर्ज कराने की बात कही।

आरोपों से गरमाया राजनीतिक माहौल

दिग्विजय सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद राम मंदिर ट्रस्ट, चुनाव आयोग और SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। एक तरफ कांग्रेस नेता ने जमीन सौदों और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच की मांग की है, वहीं इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में भी पारदर्शिता की मांग की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने कहा कि ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के माध्यम से वे चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दों को जनता के बीच ले जाएंगे। यात्रा को लेकर कांग्रेस की ओर से आगे विस्तृत कार्यक्रम और अभियान की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।