ग्वालियर में 6 साल 9 माह से हर मंगलवार गूंज रही हनुमान चालीसा, घनश्याम भदौरिया की अगुवाई में सैकड़ों युवा ले रहे धार्मिक चेतना का संकल्प

ग्वालियर के रानीपुरा चार शहर का नाका स्थित भैरों बाबा मंदिर में घनश्याम भदौरिया की अगुवाई में पिछले छह वर्ष नौ माह से हर मंगलवार श्री हनुमान चालीसा के 11 पाठ और महाआरती का आयोजन हो रहा है। इसमें सैकड़ों बालक-बालिकाएं और युवा शामिल होकर नशामुक्ति, सामाजिक चेतना व सामाजिक समरसता का संकल्प लेते हैं।

ग्वालियर में 6 साल 9 माह से हर मंगलवार गूंज रही हनुमान चालीसा, घनश्याम भदौरिया की अगुवाई में सैकड़ों युवा ले रहे धार्मिक चेतना का संकल्प

6 साल 9 माह से लगातार हो रहा हनुमान चालीसा पाठ

हर मंगलवार 11 पाठ के बाद होती है महाआरती

घनश्याम भदौरिया की अगुवाई में जुटते हैं सैकड़ों युवा

युवाओं को बुरी संगत और नशे से दूर रखने की पहल

धार्मिक पाठ के साथ सामाजिक चेतना का संदेश

नशामुक्ति और सामाजिक समरसता का लिया जाता है संकल्प

 ग्वालियर के रानीपुरा चार शहर का नाका स्थित भैरों बाबा मंदिर में घनश्याम भदौरिया की अगुवाई में पिछले छह वर्ष नौ माह से प्रत्येक मंगलवार श्री हनुमान चालीसा के 11 पाठ और महाआरती का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से युवाओं को एकजुट करने के साथ नशामुक्ति, सामाजिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश दिया जा रहा है। हर मंगलवार बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं और युवा इसमें शामिल होकर सामूहिक पाठ और महाआरती करते हैं।

छह वर्ष नौ माह से नहीं टूटा धार्मिक पाठ का क्रम

ग्वालियर में धार्मिक आस्था और सामाजिक चेतना को जोड़ने की एक अनूठी पहल लंबे समय से जारी है। रानीपुरा चार शहर का नाका स्थित भैरों बाबा मंदिर में युवा घनश्याम भदौरिया की अगुवाई में पिछले छह वर्ष नौ माह से लगातार प्रत्येक मंगलवार श्री हनुमान चालीसा के 11 पाठ किए जा रहे हैं। इसके बाद विधि-विधान से महाआरती आयोजित की जाती है।

लगातार इतने लंबे समय से चल रहे इस धार्मिक आयोजन ने अब एक नियमित परंपरा का रूप ले लिया है। प्रत्येक मंगलवार मंदिर परिसर में श्रद्धालु और बड़ी संख्या में बच्चे व युवा एकत्रित होते हैं और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

धार्मिक पाठ के साथ युवाओं को जोड़ने की पहल

इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक पाठ तक सीमित नहीं है। घनश्याम भदौरिया के नेतृत्व में चल रहे इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं को एकजुट करने और उनमें धार्मिक एवं सामाजिक चेतना पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

आयोजकों का मानना है कि युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा में जोड़ा जाए तो समाज में कई महत्वपूर्ण बदलाव लाए जा सकते हैं। इसी सोच के साथ प्रत्येक मंगलवार युवाओं और बच्चों को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ा जाता है।

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के दौरान वातावरण भक्तिमय हो जाता है। पाठ के बाद महाआरती में शामिल श्रद्धालु एक साथ भगवान हनुमान की आराधना करते हैं।

बुरी संगत और नशे से दूर रहने का संदेश

इस आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को बुरी संगत और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना भी है। धार्मिक पाठ के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपने जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने तथा गलत आदतों से बचने के लिए प्रेरित किया जाता है।

आयोजकों की ओर से युवाओं को यह संदेश दिया जाता है कि वे अपनी ऊर्जा और समय को सकारात्मक कार्यों में लगाएं। धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकारों को जोड़कर युवाओं के बीच जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

हर मंगलवार 11 पाठ के बाद होती है महाआरती

भैरों बाबा मंदिर में होने वाले इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें शामिल होने वाले बालक-बालिकाएं और युवा 11-11 बार श्री हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। सामूहिक पाठ पूरा होने के बाद महाआरती की जाती है।

महाआरती के समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहते हैं। धार्मिक वातावरण के बीच सभी श्रद्धालु आरती में शामिल होते हैं और भगवान हनुमान से सुख-शांति तथा समाज के कल्याण की कामना करते हैं।

नशामुक्ति और सामाजिक चेतना का लिया जाता है संकल्प

हनुमान चालीसा पाठ और महाआरती के बाद युवाओं और बच्चों को नशामुक्ति, सामाजिक चेतना और सामाजिक समरसता का संकल्प भी दिलाया जाता है। इस संकल्प के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

कार्यक्रम से जुड़े लोगों के अनुसार धार्मिक आयोजन के माध्यम से सामाजिक संदेश देने से युवाओं में सकारात्मक वातावरण तैयार होता है। सामूहिक रूप से लिया गया संकल्प बच्चों और युवाओं को अपने आसपास के लोगों के प्रति जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है।

सैकड़ों बच्चे और युवा हो रहे शामिल

समय के साथ इस आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। प्रत्येक मंगलवार तकरीबन सैकड़ों बच्चे और युवा भैरों बाबा मंदिर पहुंचकर श्री हनुमान चालीसा पाठ और महाआरती में शामिल होते हैं।

बालक-बालिकाओं की भागीदारी इस आयोजन को विशेष बनाती है। धार्मिक संस्कारों के साथ सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का प्रयास बच्चों के बीच भी किया जा रहा है। सामूहिक पाठ के दौरान सभी एक साथ बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और इसके बाद महाआरती में शामिल होते हैं।

धर्म के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश

घनश्याम भदौरिया की अगुवाई में चल रहे इस आयोजन में धर्म और सामाजिक सरोकारों को एक साथ जोड़ने का प्रयास दिखाई देता है। हनुमान चालीसा पाठ के जरिए धार्मिक वातावरण तैयार करने के साथ युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के लिए जागरूक किया जा रहा है।

आयोजन में सामाजिक समरसता पर भी जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सहयोग की भावना को मजबूत करना है। आयोजकों का प्रयास है कि धार्मिक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी बढ़े और वे समाज के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएं।

लगातार जारी है मंगलवार का यह धार्मिक अभियान

छह वर्ष नौ माह का लंबा सफर पूरा कर चुका यह आयोजन प्रत्येक मंगलवार निरंतर जारी है। भैरों बाबा मंदिर में होने वाला श्री हनुमान चालीसा पाठ अब धार्मिक आस्था के साथ युवाओं को जोड़ने वाले अभियान के रूप में भी पहचान बना रहा है।

घनश्याम भदौरिया की अगुवाई में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में हर सप्ताह बच्चों और युवाओं की भागीदारी रहती है। 11 पाठ और महाआरती के बाद नशामुक्ति, सामाजिक चेतना और सामाजिक समरसता का संकल्प इस आयोजन को धार्मिक कार्यक्रम के साथ सामाजिक संदेश देने वाला मंच भी बनाता है।

आयोजकों का प्रयास है कि यह क्रम आगे भी इसी तरह चलता रहे और अधिक से अधिक युवा इससे जुड़ें। धार्मिक आस्था के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और समाज में जागरूकता बढ़ाने का यह प्रयास लगातार जारी है।