हिंदू युवा वाहिनी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या, छोटी नहर में मिला शव; ड्राइवर समेत तीन हिरासत में
लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी के नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या कर दी गई है। वह शनिवार से ही लापता थे जिसके बाद पुलिस की टीम उनकी तलाश कर रही थी। रविवार को उनका शव दुबग्गा इलाके में एक नहर से बरामद किया गया।
महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह का नहर में शव मिलने से हड़कंप मच गया है, उनके शरीर में गोली लगी है इसलिए इसे हत्या माना जा रहा है.
लखनऊ। हिंदू युवा वाहिनी के लखनऊ मंडल प्रभारी धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार शाम दुबग्गा थाना क्षेत्र के सराय प्रेम राजनगर स्थित छोटी नहर के पास उनका शव बरामद किया गया। शव औंधे मुंह पड़ा हुआ था। घटनास्थल के पास से उनकी गाड़ी भी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में गोली मारकर हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और धीरेंद्र के ड्राइवर समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
धीरेंद्र प्रताप सिंह मूल रूप से उन्नाव जिले के रहने वाले थे और वर्तमान में लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में रह रहे थे। वह हिंदू युवा वाहिनी में लखनऊ मंडल प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी हत्या की खबर सामने आने के बाद संगठन और उनके परिचितों में भी हड़कंप मच गया है। पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
अपहरण की शिकायत के बाद शुरू हुई थी तलाश
जानकारी के मुताबिक, धीरेंद्र प्रताप सिंह के लापता होने के बाद उनकी पत्नी ममता ने पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि धीरेंद्र का उनके ड्राइवर और उसके साथियों ने अपहरण किया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने धीरेंद्र की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की। इस दौरान सर्विलांस के साथ-साथ संभावित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे थे। पुलिस को शक था कि धीरेंद्र के साथ कोई आपराधिक घटना हुई है। हालांकि उस समय तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था।
रविवार शाम सराय प्रेम राजनगर स्थित छोटी नहर के पास राहगीरों ने एक व्यक्ति का शव औंधे मुंह पड़ा देखा। शव नहर में होने की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को नहर से बाहर निकलवाया।
फोटो सोशल मीडिया ग्रुप में भेजकर हुई पहचान
शव मिलने के बाद शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने शव की फोटो खींचकर उसे विभिन्न पुलिस सोशल मीडिया ग्रुपों में साझा किया। फोटो के आधार पर सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस ने शव की पहचान धीरेंद्र प्रताप सिंह के रूप में की।
पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने धीरेंद्र के परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटनास्थल के आसपास पुलिस ने जांच शुरू की तो धीरेंद्र की गाड़ी भी बरामद हो गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गाड़ी वहां किस परिस्थिति में पहुंची और हत्या से पहले धीरेंद्र किन लोगों के संपर्क में थे।
उन्नाव के जमीन विवाद से जोड़कर देखी जा रही हत्या
पुलिस की प्रारंभिक जांच में धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के पीछे उन्नाव में चल रहे जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक पुलिस ने हत्या की वजह की आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि धीरेंद्र के लापता होने से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे। उनके मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
ड्राइवर समेत तीन संदिग्ध हिरासत में
मामले में पुलिस ने धीरेंद्र के ड्राइवर समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन सभी से अलग-अलग स्तर पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि धीरेंद्र के लापता होने के बाद उनके साथ क्या हुआ और वह छोटी नहर तक कैसे पहुंचे।
पत्नी की शिकायत में ड्राइवर पर अपहरण की आशंका जताई गई थी। इसी आधार पर पुलिस ड्राइवर से भी पूछताछ कर रही है। हालांकि हिरासत में लिए गए किसी भी व्यक्ति को अभी आरोपी घोषित नहीं किया गया है। पुलिस पूछताछ और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
जांच के लिए छह पुलिस टीमें गठित
डीसीपी साउथ मोहम्मद मुश्ताक के अनुसार, धीरेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी की ओर से अपहरण की शिकायत की गई थी। मामले के खुलासे के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गई हैं। टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं।
पुलिस सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धीरेंद्र को वहां कौन लेकर आया था और घटना के समय आसपास कौन-कौन मौजूद था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से शव और गाड़ी दोनों बरामद हुए हैं। अब तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा हत्या का राज
धीरेंद्र प्रताप सिंह की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि उनकी मौत किस प्रकार हुई और शरीर पर किस तरह की चोटें आई थीं। गोली लगने की स्थिति में गोली की दिशा और अन्य चिकित्सकीय साक्ष्य भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या कहीं दूसरी जगह तो नहीं की गई और शव को नहर के पास लाकर फेंका गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और गाड़ी की फोरेंसिक जांच के आधार पर भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस हत्या की वजह, वारदात में शामिल लोगों और घटना के पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी हुई है। छह पुलिस टीमों की जांच और संदिग्धों से पूछताछ के बाद मामले में जल्द और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस