स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार: नेताओं संग तस्वीरें और लाल किले का पास चर्चा में, पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में जाने का भी दावा
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी के पिता पर जानलेवा हमला कर 60 टांके आने की डींगें हांकने वाले हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एक पुरानी FIR में कल SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी थीं. इसके अलावा, पुलिस ने उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एक नया मुकदमा भी दर्ज किया है
उरई। हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को कथित तौर पर भड़काऊ बयानों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ मारपीट के मामले में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया है। पुलिस की कार्रवाई उस समय तेज हुई, जब एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें भारद्वाज कथित तौर पर संजय कुमार का सिर फोड़ने और उन्हें गंभीर चोट पहुंचने की बात कहते हुए सुनाई दिए।
भारद्वाज सोशल मीडिया पर खुद को ‘सनातन योद्धा’ और राष्ट्र-धर्म के लिए आवाज उठाने वाला युवा बताते रहे हैं। उनके फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट पर हिंदुत्व, गौ-रक्षा और राजनीतिक मुद्दों से जुड़ी बड़ी संख्या में पोस्ट हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर राजनीतिक नेताओं और सरकारी कार्यक्रमों से जुड़ी तस्वीरें भी दिखाई देती रही हैं।
72 घंटे में गिरफ्तारी का भरोसा, वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया था। प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देते हुए 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की बात कही थी।
इसी बीच स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ी एक पॉडकास्ट क्लिप वायरल हो गई। इसमें वह कथित तौर पर संजय कुमार के सिर पर हमला करने की बात कहते नजर आए। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि संजय कुमार को गंभीर चोट लगी और उन्हें 60 टांके आए। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया।
भारद्वाज की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर डालने पर सामने आता है कि विवादित बयान देना उनकी ऑनलाइन छवि का हिस्सा रहा है। उनके पुराने वीडियो भी वायरल होने लगे, जिनमें वह सरकार के आलोचकों और मुस्लिम समुदाय को लेकर आपत्तिजनक एवं भड़काऊ टिप्पणियां करते दिखाई देते हैं।
सोशल मीडिया पर लाखों की पहुंच
स्वतंत्र भारद्वाज के फेसबुक पेज पर करीब 3.27 लाख फॉलोअर्स बताए जाते हैं। वहीं उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 1.84 लाख फॉलोअर्स थे। एक्स पर उनका वेरिफाइड अकाउंट भी है, जहां 6,400 से ज्यादा लोग उन्हें फॉलो करते हैं।
गिरफ्तारी से एक दिन पहले भारद्वाज ने एक्स पर एक स्क्रीनशॉट साझा किया था, जिसमें उनका नाम सोशल मीडिया ट्रेंड में दिखाई दे रहा था। इसके साथ उन्होंने विरोधियों को लेकर टिप्पणी की थी। इंस्टाग्राम पर उन्होंने अपनी कलाई में पहने कड़े की तस्वीर साझा करते हुए ‘फील द पावर’ लिखा था।
यह पोस्ट इसलिए भी चर्चा में आई क्योंकि दिल्ली पुलिस की ओर से कथित तौर पर कहा गया था कि संजय कुमार को चोट किसी हथियार से नहीं बल्कि कड़े से लगी थी।
लाल किले की तस्वीरें और सरकारी निमंत्रण भी चर्चा में
स्वतंत्र भारद्वाज की सोशल मीडिया प्रोफाइल पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से जुड़ी तस्वीरें भी दिखाई देती हैं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने ‘सनातन नायक’ और ‘गौरक्षक’ जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया था।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने रक्षा मंत्रालय की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए जारी निमंत्रण-पत्र भी साझा किया था। इसी तरह भारद्वाज ने 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से जुड़े निमंत्रण पत्रों की तस्वीरें भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की थीं।
इन पोस्ट के सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या स्वतंत्र भारद्वाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे। हालांकि केवल निमंत्रण-पत्र की तस्वीर सामने आने से समारोह में उनकी वास्तविक मौजूदगी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं होती।
कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें
भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर कई राजनीतिक हस्तियों के साथ तस्वीरें साझा की हैं। इनमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ उनकी तस्वीरें शामिल हैं।
इन तस्वीरों को लेकर भी अब राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को भारद्वाज से दूरी बनाते हुए कहा कि आरोपी ने उनके और अन्य नेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल किया है।
पासवान ने यह भी कहा कि उन्होंने भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोपी द्वारा कथित हमले की बात स्वीकार किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना गलत उदाहरण पेश करेगा। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी लेने की बात भी कही।
पुरानी पोस्ट और विवादित तस्वीरें भी सामने आईं
मामला सामने आने के बाद भारद्वाज की पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आ गई हैं। कई पोस्ट में ऐसी तस्वीरें दिखाई देती हैं, जिनके एआई से तैयार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। कुछ तस्वीरों में वह बुर्का या हिजाब पहने महिलाओं के साथ दिखाई देते हैं।
22 मई को की गई एक पोस्ट में एक बेहद हिंसक तस्वीर भी साझा की गई थी, जिसमें भारद्वाज एक व्यक्ति की खून से सनी ठुड्डी पकड़े दिखाई देते हैं। पोस्ट में मुगल संदर्भ के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।
इन पोस्ट के आधार पर सोशल मीडिया यूजर्स अब उनके पुराने कंटेंट को भी साझा कर रहे हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इंस्टाग्राम अकाउंट हुआ डीएक्टिवेट
भारद्वाज का इंस्टाग्राम अकाउंट शुक्रवार को डीएक्टिवेट दिखाई दिया। इस अकाउंट पर करीब 1.84 लाख फॉलोअर्स बताए जाते हैं। हालांकि अकाउंट के डीएक्टिवेट होने का कारण स्पष्ट नहीं है।
वहीं एक्स पर उनका वेरिफाइड अकाउंट मौजूद है। प्रोफाइल के परिचय में उन्होंने खुद को ऐसा युवा बताया है जो अपने धर्म और राष्ट्र के खिलाफ कुछ भी बर्दाश्त नहीं कर सकता।
गिरफ्तारी के बाद पुराने वीडियो फिर वायरल
संजय कुमार पर कथित हमले से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद भारद्वाज के पुराने वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे। इनमें कुछ वीडियो में वह मुस्लिम समुदाय और सरकार के आलोचकों के खिलाफ आक्रामक बयान देते नजर आते हैं।
कुछ अन्य वीडियो में वह अपनी राजनीतिक पहुंच का जिक्र करते हुए गिरफ्तारी से नहीं डरने की बात करते दिखाई देते हैं। अब यही पुराने वीडियो उनके खिलाफ चर्चा का आधार बन गए हैं।
‘सिर फोड़ने’ की कथित डींग ने बढ़ाई मुश्किल
वायरल हुई पॉडकास्ट क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर संजय कुमार पर हमले की बात करते सुनाई देते हैं। वह कहते हैं कि इस मामले में धारा 307 लग सकती है और दावा करते हैं कि घायल व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था।
क्लिप में वह संजय कुमार को 60 टांके लगने की बात भी कहते हैं। वह यह भी दावा करते हैं कि घायल की बेटी ने पुलिस थाने के बाहर खड़े होकर न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की बात कही थी।
हालांकि वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले की अंतिम कानूनी स्थिति पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत के बाद अब पुलिस कथित हमले, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री की जांच कर रही है। साथ ही राजनीतिक नेताओं के साथ उनकी तस्वीरों और सरकारी कार्यक्रमों से जुड़े उनके दावों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोशल मीडिया पर प्रभाव और राजनीतिक पहुंच का दावा करने वाले भारद्वाज के खिलाफ जांच में पुलिस को क्या-क्या तथ्य मिलते हैं और कथित हमले के मामले में आगे कौन-सी कानूनी कार्रवाई होती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस