कैलाश विजयवर्गीय के ‘घंटा’ वाले बयान पर रागिनी नायक का पलटवार—बोलीं, ‘घंटा फायदा होगा’; BJP ने कहा- मां अहिल्या की नगरी में ऐसी भाषा शोभा नहीं देती

कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर तीखा पलटवार किया है। विजयवर्गीय ने कहा था कि राहुल गांधी के आने से भाजपा को फायदा होता है। रागिनी नायक ने इस पर कहा कि घंटा फायदा होगा विजयवर्गीय जी। उन्होंने विजयवर्गीय को बयान देने से पहले सोचने की सलाह तक दे डाली...

कैलाश विजयवर्गीय के ‘घंटा’ वाले बयान पर रागिनी नायक का पलटवार—बोलीं, ‘घंटा फायदा होगा’; BJP ने कहा- मां अहिल्या की नगरी में ऐसी भाषा शोभा नहीं देती

राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले ही सियासी पार हाई है, जहां पहले कांग्रेस को नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिली थी. इसके बाद कार्यक्रम की तारीख बदलकर 19 सितंबर कर दी गई. अब कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने घंटा शब्द बोलकर नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय पर तंज करते हुए यह शब्द बोला है

इंदौर। राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग अब व्यक्तिगत राजनीतिक तंज तक पहुंचती नजर आ रही है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी जब-जब इंदौर आते हैं, उसका फायदा भाजपा को ही मिलता है।

रागिनी नायक ने विजयवर्गीय के इस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि “घंटा, घंटा फायदा होगा कैलाश विजयवर्गीय जी।” उनके इस बयान के बाद एक बार फिर ‘घंटा’ शब्द राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। भाजपा ने भी कांग्रेस प्रवक्ता के बयान पर पलटवार करते हुए इसे इंदौर और मां अहिल्या की नगरी की मर्यादा के खिलाफ बताया है।

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान साधा निशाना

शनिवार को रागिनी नायक इंदौर प्रेस क्लब पहुंचीं। यहां उन्होंने कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम सहित विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की। इसी दौरान उनसे राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से की जा रही बयानबाजी पर सवाल किया गया।

कैलाश विजयवर्गीय के बयान का जिक्र होने पर रागिनी नायक ने सीधे उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को अपने बयानों के बारे में सोच-समझकर बोलना चाहिए। रागिनी के मुताबिक, कई बार नेता ऐसा बोल जाते हैं, जिससे बाद में उनका खुद का मजाक बन जाता है।

उन्होंने कहा कि अगर कैलाश विजयवर्गीय यह कह रहे हैं कि राहुल गांधी के इंदौर आने से भाजपा को फायदा होगा तो उनका जवाब है—“घंटा फायदा होगा।”

‘जो बोलते हैं, कई बार खुद का मजाक बन जाता है’

रागिनी नायक ने विजयवर्गीय पर तंज कसते हुए कहा कि वे जो बोलते हैं, कई बार उसका मजाक खुद उन्हीं का बन जाता है। उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय को अब तक यह सीख जाना चाहिए कि किस समय क्या बोलना चाहिए और किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि किसी भी बयान को देने से पहले व्यक्ति को अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने विजयवर्गीय को अपने ‘गिरेबान में झांकने’ की सलाह भी दी।

रागिनी नायक के इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो गई। कांग्रेस जहां विजयवर्गीय के बयान को लेकर उन पर निशाना साध रही है, वहीं भाजपा ने रागिनी नायक के शब्दों को लेकर कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है।

पुराने ‘घंटा’ बयान की भी होने लगी चर्चा

रागिनी नायक के बयान के बाद कैलाश विजयवर्गीय का पुराना ‘घंटा’ बयान भी एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं में आ गया है। भागीरथपुरा दूषित जल मामले के दौरान विजयवर्गीय के एक बयान को लेकर विवाद हुआ था। उस समय उनके बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी।

अब राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर सामने आए नए विवाद में रागिनी नायक ने उसी शब्द का इस्तेमाल करते हुए विजयवर्गीय पर पलटवार किया है। इसके चलते पुराना विवाद भी सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में फिर से उठने लगा है।

‘घंटा’ से लेकर ‘काफिर’ तक, बयानों पर पहले भी हुआ विवाद

कैलाश विजयवर्गीय के बयानों को लेकर पहले भी राजनीतिक विवाद सामने आते रहे हैं। जून 2026 में उनके एक बयान में ‘काफिर’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर भी राजनीतिक बहस छिड़ी थी। विपक्ष ने उनके बयान को लेकर सवाल उठाए थे, जबकि भाजपा की ओर से अलग-अलग स्तर पर स्पष्टीकरण दिए गए थे।

अब राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले उनके ‘भाजपा को फायदा’ वाले बयान ने कांग्रेस को पलटवार का मौका दे दिया। कांग्रेस ने विजयवर्गीय के शब्दों को ही राजनीतिक तंज का आधार बनाते हुए उन पर निशाना साधा है।

BJP प्रवक्ता ने रागिनी नायक को घेरा

रागिनी नायक के बयान के बाद भाजपा ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मां अहिल्या की नगरी इंदौर में इस तरह की भाषा किसी महिला को शोभा नहीं देती। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भाषा कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति को दर्शाती है।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बयान पर कार्रवाई करनी चाहिए।

भाजपा ने राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्या राहुल गांधी इंदौर आकर Gen-Z को इसी तरह की भाषा सिखाएंगे। भाजपा के इस पलटवार के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तीखी हो गई है।

विजयवर्गीय के बयान पर BJP ने दिया स्पष्टीकरण

कैलाश विजयवर्गीय के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं। भाजपा की ओर से संकेत दिया गया कि उनके बयान को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिसमें उन्होंने बात कही थी।

वहीं कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर भाजपा नेताओं की बेचैनी उनके बयानों से साफ नजर आ रही है। कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर युवाओं और छात्रों में उत्साह है और इसी वजह से भाजपा नेताओं की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं।

राहुल गांधी के दौरे से पहले बढ़ी राजनीतिक गर्मी

राहुल गांधी का इंदौर दौरा अभी हुआ भी नहीं है, लेकिन उससे पहले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। एक तरफ कांग्रेस राहुल गांधी के दौरे को युवाओं और Gen-Z से जोड़कर प्रचारित कर रही है, वहीं भाजपा उनके दौरे को लेकर राजनीतिक फायदे-नुकसान का आकलन कर रही है।

इसी राजनीतिक माहौल में कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया कि राहुल गांधी के इंदौर आने से भाजपा को फायदा होता है। कांग्रेस ने इसे तुरंत मुद्दा बनाते हुए पलटवार किया और रागिनी नायक ने ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल कर बयान को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।

अब भाजपा ने भी भाषा और राजनीतिक मर्यादा का मुद्दा उठाकर कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। इससे साफ है कि राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले दोनों दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला सिर्फ मुद्दों तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि बयानबाजी भी इसका अहम हिस्सा बनने वाली है।

फैसला जनता करेगी, लेकिन ‘घंटा’ पर सियासत जारी

राहुल गांधी के इंदौर दौरे से वास्तव में किस राजनीतिक दल को फायदा होगा, इसका फैसला आने वाले समय में जनता करेगी। लेकिन दौरे से पहले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच शुरू हुई जुबानी जंग ने सियासी माहौल जरूर गर्म कर दिया है।

कांग्रेस ने कैलाश विजयवर्गीय के बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है, तो भाजपा ने रागिनी नायक की भाषा को मुद्दा बनाकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है। पुराने विवादित ‘घंटा’ बयान की चर्चा ने इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया है।

फिलहाल इंदौर में राहुल गांधी के दौरे से ज्यादा चर्चा उनके दौरे से पहले चल रही ‘घंटा’ वाली सियासत की हो रही है। आने वाले दिनों में दोनों दलों की ओर से और बयान सामने आने की संभावना है। यह राजनीतिक तकरार राहुल गांधी के दौरे तक किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।