हाई लाइन लॉस फीडरों पर अब चलेगा सघन अभियान, कटिया कनेक्शनों पर होगी कार्रवाई-15 दिन में सुधार के निर्देश, शत-प्रतिशत मीटरिंग और खराब मीटर-ट्रांसफार्मर बदलने पर जोर

उरई में हाई लाइन लॉस कम करने के लिए विद्युत विभाग विशेष अभियान चलाएगा। डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने सरावन, करमेर रोड और जालौन के हाई लाइन लॉस फीडरों पर कटिया कनेक्शनों की सघन जांच, विद्युत चोरी पर कार्रवाई और अनमीटर्ड कनेक्शनों की शत-प्रतिशत मीटरिंग के निर्देश दिए हैं। खराब मीटर व ट्रांसफार्मर तत्काल बदलने और विद्युत बिलों की शिकायतों का शिविर लगाकर समाधान करने को कहा गया है। अधिकारियों को 15 दिनों में स्पष्ट सुधार दिखाने का लक्ष्य दिया गया है।

हाई लाइन लॉस फीडरों पर अब चलेगा सघन अभियान, कटिया कनेक्शनों पर होगी कार्रवाई-15 दिन में सुधार के निर्देश, शत-प्रतिशत मीटरिंग और खराब मीटर-ट्रांसफार्मर बदलने पर जोर

15 दिन में लाइन लॉस कम करने का लक्ष्य, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

सरावन, करमेर रोड और जालौन फीडरों पर विशेष निगरानी

कटिया कनेक्शनों पर कार्रवाई, खराब मीटर और ट्रांसफार्मर होंगे तत्काल बदले

उरई। जिले में विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने और बिजली लाइन लॉस को निर्धारित मानकों तक लाने के लिए विद्युत विभाग अब हाई लाइन लॉस वाले फीडरों पर सघन अभियान चलाएगा। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ अनमीटर्ड कनेक्शनों को मीटरयुक्त किया जाए और खराब मीटरों को तत्काल बदला जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करना और उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में जिले के हाई लाइन लॉस वाले फीडरों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से सरावन, करमेर रोड (गल्ला मंडी पोषक) और जालौन के हाई लाइन लॉस फीडरों पर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में लाइन लॉस कम करने के लिए केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करनी होगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

कटिया कनेक्शनों की होगी सघन जांच

जिलाधिकारी ने हाई लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में विद्युत चोरी रोकने के लिए कटिया कनेक्शनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली के अवैध अथवा अनियमित उपयोग की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। जांच के दौरान यदि किसी उपभोक्ता द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए विद्युत का उपयोग किया जाता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि विद्युत व्यवस्था में वास्तविक सुधार लाना होना चाहिए। बिजली चोरी और अनियमित कनेक्शनों पर नियंत्रण से ही लाइन लॉस में स्थायी कमी लाई जा सकती है। इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर लगातार निगरानी की जाए और जांच अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।

हाउसहोल्ड के आधार पर लगाए जाएं विद्युत शिविर

बैठक में जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं को नए विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि हाउसहोल्ड के आधार पर विशेष विद्युत शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से पात्र उपभोक्ताओं को नए विद्युत संयोजन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि लोग अवैध कनेक्शन लेने के लिए मजबूर न हों और प्रत्येक घर को नियमानुसार विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि जहां लोगों के पास वैध कनेक्शन नहीं हैं, वहां विद्युत विभाग की टीम पहुंचकर उन्हें कनेक्शन लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे और पात्र उपभोक्ताओं को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराए। इससे विद्युत चोरी पर नियंत्रण के साथ-साथ विभाग के राजस्व में भी सुधार होगा।

खराब बिलों की शिकायतों का तत्काल होगा समाधान

जिलाधिकारी ने विद्युत बिलों से संबंधित उपभोक्ताओं की शिकायतों को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत शिविर लगाकर खराब अथवा त्रुटिपूर्ण बिलों की शिकायतों का तत्काल समाधान कराया जाए। कई बार गलत बिल अथवा मीटर रीडिंग से संबंधित शिकायतों के कारण उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों को लंबित न रखा जाए। शिविरों में उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनकर उनका नियमानुसार तत्काल निस्तारण किया जाए। जरूरत पड़ने पर मौके पर ही मीटर की जांच कराई जाए और सही बिल उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अनमीटर्ड कनेक्शनों की होगी शत-प्रतिशत मीटरिंग

लाइन लॉस को कम करने के लिए जिलाधिकारी ने अनमीटर्ड विद्युत संयोजनों को शत-प्रतिशत मीटरयुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन अभी तक बिना मीटर के हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मीटर लगाए जाएं।

इसके साथ ही जिन उपभोक्ताओं के विद्युत मीटर खराब हैं या सही रीडिंग नहीं दे रहे हैं, उन्हें तत्काल बदलने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि खराब मीटरों के कारण वास्तविक विद्युत खपत का आकलन प्रभावित होता है और इससे लाइन लॉस की सही स्थिति सामने नहीं आ पाती। इसलिए मीटरिंग व्यवस्था को दुरुस्त करना बेहद जरूरी है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर मीटर बदलने या लगाने का काम लंबित न रहे। क्षेत्रवार सूची तैयार कर अभियान के रूप में खराब मीटरों को बदला जाए और उसकी नियमित निगरानी की जाए।

खराब ट्रांसफार्मरों को जल्द बदलने के निर्देश

बैठक में विद्युत परिवर्तकों यानी ट्रांसफार्मरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि खराब ट्रांसफार्मरों की जांच कराकर आवश्यकतानुसार उन्हें शीघ्र बदला जाए। उन्होंने कहा कि खराब ट्रांसफार्मर के कारण उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में उसके बदलने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। संबंधित क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जाए।

15 दिनों में दिखना चाहिए स्पष्ट सुधार

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को अभियान के लिए समयसीमा भी निर्धारित की। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्ययोजना के सभी बिंदुओं का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और आगामी 15 दिनों में हाई लाइन लॉस वाले फीडरों में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल अभियान चलाने की रिपोर्ट प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं होगा। अभियान का असर विद्युत लाइन लॉस के आंकड़ों और क्षेत्र की वास्तविक स्थिति में दिखाई देना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण करने और मौके पर चल रहे कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर विद्युत कनेक्शनों, मीटरों, ट्रांसफार्मरों और विद्युत चोरी की स्थिति का जायजा लें। जहां कमियां मिलें, उन्हें तत्काल दूर किया जाए।

नियमित मॉनीटरिंग पर रहेगा जोर

जिलाधिकारी ने अभियान की प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाई लाइन लॉस वाले फीडरों को लेकर विभागीय अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर काम करें। विद्युत चोरी की जांच, नए कनेक्शन, मीटर लगाने, खराब मीटर बदलने, बिल संबंधी शिकायतों के निस्तारण और खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने की कार्रवाई को एक साथ आगे बढ़ाया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अलग-अलग स्तर पर किए जा रहे कार्यों की नियमित समीक्षा होनी चाहिए, ताकि अभियान का उद्देश्य पूरा किया जा सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित समय सीमा में अपेक्षित परिणाम हासिल करने के लिए पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।

उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

प्रशासन की इस पहल से हाई लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है। शत-प्रतिशत मीटरिंग होने से बिजली की वास्तविक खपत का आकलन किया जा सकेगा। वहीं, खराब मीटरों को बदलने और बिल संबंधी शिकायतों के तत्काल समाधान से उपभोक्ताओं की समस्याएं कम होंगी।

इसके अलावा खराब ट्रांसफार्मरों को समय से बदलने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा। विद्युत चोरी पर प्रभावी कार्रवाई और वैध कनेक्शनों को बढ़ावा मिलने से विभाग के राजस्व में भी सुधार की संभावना है।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश, शत-प्रतिशत मीटरिंग, खराब मीटर एवं परिवर्तकों को समय पर बदलना और उपभोक्ताओं की बिल संबंधी समस्याओं का त्वरित निस्तारण—इन सभी बिंदुओं पर एक साथ काम करने से ही लाइन लॉस में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को समन्वित और समयबद्ध तरीके से संचालित करते हुए निर्धारित अवधि में अपेक्षित परिणाम सुनिश्चित करें। प्रशासन की निगरानी में अब हाई लाइन लॉस वाले फीडरों पर होने वाली कार्रवाई पर विशेष नजर रहेगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ सहित विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।