कैलाश विजयवर्गीय बोले- राहुल गांधी भाजपा के ‘स्टार प्रचारक’, जहां जाते हैं वहां BJP को मिलता है फायदा; इंदौर में 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे BJP के ‘स्टार प्रचारक’ हैं और जहां जाते हैं, वहां बीजेपी को फायदा होता है।
राहुल गांधी के इंदौर दौरे पर कैलाश विजयवर्गीय का तंज, बोले- वे जहां जाते हैं BJP को मिलता है राजनीतिक फायदा; ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को प्रस्तावित, कांग्रेस का 1 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन का दावा
इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे को लेकर बड़ा राजनीतिक तंज कसा है। विजयवर्गीय ने दावा किया कि राहुल गांधी जब भी किसी क्षेत्र में जाते हैं, उसका राजनीतिक लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिलता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में राहुल गांधी को भाजपा का अप्रत्यक्ष रूप से ‘स्टार प्रचारक’ तक बता दिया।
विजयवर्गीय के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। खासतौर पर राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की तैयारियों और आयोजन स्थल को लेकर सामने आई अनुमति की स्थिति के बीच मंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
‘राहुल गांधी जहां जाते हैं, BJP को फायदा होता है’
राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राहुल गांधी जिस इलाके में भी जाते हैं, वहां भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचता है। उन्होंने इसी बात को लेकर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा राहुल गांधी का स्वागत करेगी।
विजयवर्गीय का बयान सीधे तौर पर कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति पर निशाना माना जा रहा है। भाजपा नेता लंबे समय से राहुल गांधी की यात्राओं, सभाओं और राजनीतिक बयानों को लेकर कांग्रेस पर हमला करते रहे हैं। इस बार विजयवर्गीय ने ‘स्टार प्रचारक’ वाला तंज कसकर सियासी हमले को और धार दे दी है।
मंत्री के बयान में व्यंग्य के साथ यह संदेश देने की कोशिश दिखाई दी कि कांग्रेस जिस राजनीतिक अभियान को भाजपा के खिलाफ जनसमर्थन जुटाने की कवायद के रूप में देख रही है, उसका उल्टा असर भाजपा के पक्ष में हो रहा है।
कांग्रेस को अनुमति नहीं मिलने पर भी बोले विजयवर्गीय
कांग्रेस के किसी कार्यक्रम या दौरे को अनुमति नहीं मिलने से जुड़े सवाल पर भी कैलाश विजयवर्गीय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अनुमति नहीं मिलने की वजह हाईकोर्ट का आदेश था। विजयवर्गीय के मुताबिक जिस स्थान पर कांग्रेस के लोग जाने की कोशिश कर रहे थे, वहां खिलाड़ियों को आपत्ति थी और वह जगह खेल का मैदान थी।
उन्होंने कहा कि मामले में न्यायालय का हस्तक्षेप हुआ और हाईकोर्ट की रोक के बाद वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस तरह मंत्री ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से रोकने के आरोपों के बजाय पूरे मामले को न्यायालय के आदेश और खेल मैदान से जुड़ी आपत्ति से जोड़कर पेश किया।
कांग्रेस की ओर से आयोजन और अनुमति को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच विजयवर्गीय का यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का मुद्दा बन सकता है।
हाईकोर्ट के आदेश का दिया हवाला
विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि अनुमति नहीं मिलने के पीछे प्रशासनिक स्तर पर मनमानी नहीं, बल्कि न्यायालय का आदेश प्रमुख कारण था। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की आपत्ति के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और हाईकोर्ट ने संबंधित स्थान पर जाने पर रोक लगाई।
मंत्री के इस बयान के बाद अब कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है। दोनों दलों के बीच पहले से ही राहुल गांधी के कार्यक्रमों और राजनीतिक अभियानों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। ऐसे में इंदौर का कार्यक्रम मध्य प्रदेश की राजनीति में एक और बड़ा राजनीतिक मंच बन सकता है।
19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित है ‘छात्रों की गूंज’
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम इंदौर में 19 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। कांग्रेस की ओर से इस कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इससे पहले कार्यक्रम 12 सितंबर को कराने की तैयारी थी, लेकिन नेहरू स्टेडियम में अनुमति नहीं मिलने के बाद इसकी तारीख आगे बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी गई।
कांग्रेस ने दावा किया है कि 8 सितंबर तक कार्यक्रम के लिए एक लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पार्टी के लिए यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है, क्योंकि कांग्रेस राहुल गांधी के इस अभियान को युवाओं और छात्रों के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने के बड़े प्रयास के रूप में देख रही है।
हालांकि आयोजन स्थल को लेकर अनुमति की स्थिति पर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। ऐसे में कार्यक्रम के आयोजन को लेकर अंतिम तस्वीर प्रशासनिक और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी।
चार शहरों में पहुंच चुका है अभियान
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अभियान की शुरुआत राजस्थान के कोटा से हुई थी। इसके बाद यह अभियान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक पहुंचा।
कोटा, राजस्थान — 17 जून 2026: अभियान का पहला कार्यक्रम आयोजित किया गया।
देहरादून, उत्तराखंड — 17 जुलाई 2026: अभियान का दूसरा प्रमुख कार्यक्रम हुआ।
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश — 8 अगस्त 2026: तीसरे चरण में राहुल गांधी ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
पुणे, महाराष्ट्र — 22 अगस्त 2026: यहां कार्यक्रम को विशेष रूप से छात्राओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित बताया गया।
इंदौर, मध्य प्रदेश — 19 सितंबर 2026: अगला प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित है।
इसके अलावा नागपुर को भी अभियान के संभावित अगले पड़ाव के रूप में बताया गया है, हालांकि उपलब्ध ताजा जानकारी में वहां कार्यक्रम की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।
कांग्रेस का 800 शहरों तक पहुंचने का प्लान
कांग्रेस इस अभियान को सीमित शहरों तक रखने के बजाय बड़े स्तर पर विस्तार देने की योजना पर काम कर रही है। पार्टी की ओर से लगभग 800 शहरों तक अभियान को पहुंचाने की बात कही गई है। इसका मकसद छात्रों और युवाओं के बीच संवाद बढ़ाना और उन्हें राजनीतिक मुद्दों से जोड़ना बताया जा रहा है।
राहुल गांधी के कार्यक्रमों में छात्र, युवा और शिक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस इसे युवाओं की आवाज को राजनीतिक मंच देने की कोशिश के तौर पर पेश कर रही है।
वहीं भाजपा इन कार्यक्रमों को कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रही है। कैलाश विजयवर्गीय का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव को दर्शाता है।
इंदौर कार्यक्रम से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
इंदौर में राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। एक ओर कांग्रेस बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं की भागीदारी का दावा कर रही है, वहीं भाजपा कार्यक्रम और राहुल गांधी की राजनीति पर लगातार सवाल उठा रही है।
कैलाश विजयवर्गीय का ‘भाजपा के स्टार प्रचारक’ वाला बयान इसी राजनीतिक खींचतान में नया मोड़ माना जा रहा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस बयान का किस तरह जवाब देती है और 19 सितंबर को इंदौर में राहुल गांधी का कार्यक्रम किस रूप में आयोजित होता है।
फिलहाल राहुल गांधी का इंदौर दौरा कांग्रेस के लिए युवाओं के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का बड़ा अवसर है, जबकि भाजपा इसे लेकर अपने राजनीतिक हमले तेज करती नजर आ रही है। कार्यक्रम की तारीख नजदीक आने के साथ मध्य प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस