कोतवाली कालपी पुलिस की बड़ी कामयाबी: देवपुरा माता मंदिर चोरी के तीन शातिर मुठभेड़ में गिरफ्तार
देवपुरा माता मंदिर चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, मुठभेड़ के बाद तीन आरोपी गिरफ्तार; घायल बदमाश अस्पताल में भर्ती, 26 पीतल के घंटे, नकदी, तमंचा, कारतूस और चोरी के उपकरण बरामद
देवपुरा माता मंदिर में चोरी की वारदात का पुलिस ने किया खुलासा
16/17 सितंबर की रात मंदिर से घंटा और दानपात्र की नकदी हुई थी चोरी
स्वाट, सर्विलांस और कालपी पुलिस की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
नाकाबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर की फायरिंग
उरई। जनपद जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध देवपुरा माता मंदिर में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। कोतवाली कालपी पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी पुलिस की आत्मरक्षार्थ की गई फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में पीतल के घंटे, नकदी, अवैध तमंचा, कारतूस, मोटरसाइकिल और चोरी करने के उपकरण बरामद किए हैं।
मंदिर में चोरी की घटना से मचा था हड़कंप
जानकारी के अनुसार ग्राम उसरगांव स्थित देवपुरा माता मंदिर में 16/17 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर मंदिर परिसर में घुसे और वहां लगा एक घंटा चोरी करने के साथ ही दानपात्र को निशाना बनाया। दानपात्र में रखी करीब 35 हजार रुपये की नकदी भी चोर अपने साथ ले गए थे।
सुबह मंदिर में चोरी की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई थी। धार्मिक स्थल पर चोरी की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू की। मामले में कालपी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने बनाई विशेष टीम
घटना के बाद चोरी का खुलासा करने के लिए क्षेत्राधिकारी कालपी राजेश कँवल के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमें गठित की गईं। कालपी कोतवाली पुलिस के साथ स्वाट और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया। टीमों ने घटनास्थल के आसपास की जानकारी जुटाने के साथ संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
पुलिस टीमों ने संभावित रास्तों और संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ाई। लगातार की जा रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद टीम ने संदिग्धों की तलाश तेज कर दी।
नाकाबंदी के दौरान घेराबंदी
पुलिस के अनुसार संयुक्त टीम चेकिंग और नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को तीन संदिग्धों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस टीम ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए उन्हें रोकने का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक घिरने के बाद आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान संदीप उर्फ नरेंद्र पाल सिंह के पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद वह घायल होकर गिर पड़ा, जबकि पुलिस टीम ने मौके से दो अन्य आरोपियों को पकड़ लिया।
तीन आरोपी पुलिस गिरफ्त में
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप उर्फ नरेंद्र पाल सिंह पुत्र रमेश चंद्र, निवासी ग्राम निवाड़ी, थाना भोगनीपुर, बलराम पुत्र स्वर्गीय लल्लू प्रसाद तथा लाला उर्फ लालचंद्र के रूप में की है। मुठभेड़ के दौरान घायल संदीप को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और बरामद सामान के आधार पर मंदिर चोरी की घटना से उनके संबंधों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले किसी अन्य धार्मिक स्थल या क्षेत्र में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
बड़ी संख्या में पीतल के घंटे बरामद
पुलिस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से चोरी के 26 पीतल के घंटे बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 11,995 रुपये की नकदी भी बरामद हुई है। पुलिस ने एक अवैध तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल तथा चोरी करने में प्रयुक्त उपकरण भी बरामद किए हैं।
बरामदगी के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि 26 पीतल के घंटे कहां-कहां से चोरी किए गए थे। पुलिस को आशंका है कि आरोपी केवल देवपुरा माता मंदिर की चोरी तक सीमित नहीं रहे होंगे और उन्होंने आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया हो सकता है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
मुठभेड़ के बाद बढ़ी पूछताछ
मुठभेड़ में घायल आरोपी का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। वहीं पुलिस ने अन्य दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस बरामद सामान के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ आरोपियों के संभावित आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है।
मंदिर चोरी के मामले में बरामद 11,995 रुपये की नकदी को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद रकम मंदिर के दानपात्र से चोरी की गई रकम का हिस्सा है या आरोपियों द्वारा किसी अन्य वारदात से प्राप्त की गई राशि है।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में राहत
देवपुरा माता मंदिर में चोरी की घटना के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता थी। मंदिर जैसे धार्मिक स्थल में चोरी होने के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली थी। पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी का सामान बरामद किए जाने के बाद मामले के खुलासे से लोगों को राहत मिली है।
पुलिस का कहना है कि धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना की
मंदिर चोरी की घटना के खुलासे और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधीक्षक जालौन ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सराहना की है। कालपी कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई को घटना के खुलासे में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बरामद घंटों और अन्य सामान के संबंध में भी जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी इस गिरोह में शामिल था या नहीं।
मंदिर चोरी के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला चरण आरोपियों के नेटवर्क और पूर्व की घटनाओं से उनके संभावित संबंधों का पता लगाने पर केंद्रित है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस