CM मोहन यादव के लिए आ रहा हाईटेक बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500, 6,300 किमी की रेंज; भारतीय पायलटों को कनाडा में ट्रेनिंग

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेड़े में नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट शामिल होने जा रहा है. इसकी कीमत करीब 350 करोड़ रुपए बताई जा रही है. इस विमान को उड़ाने के लिए जो दो भारतीय पायलट ट्रेनिंग लेने के लिए गए थे. वह पहली कोशिश में फेल हो गए हैं. अब वह सह-पायलट की भूमिका निभाएंगे, जबकि विमान को विदेशी पायलट उड़ाएगा.

CM मोहन यादव के लिए आ रहा हाईटेक बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500, 6,300 किमी की रेंज; भारतीय पायलटों को कनाडा में ट्रेनिंग

मध्य प्रदेश सरकार का इंतज़ार खत्म! 250 सौ करोड़ रुपए की लागत वाला कनाडा की अत्याधुनिक Bombardier कंपनी का चैलेंजर 3500 जेट विमान जुलाई में भोपाल आएगा। 870 किमी/घंटा की रफ़्तार और 3500 किमी की लंबी रेंज तक सफर करने वाला यह लग्जरी सुपर मिड साइज विमान हवा में उड़ता लग्जरी होटल जैसा माना जाता है। यह जेट अपनी खुबियों के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है..

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के सरकारी विमान बेड़े में जल्द ही एक अत्याधुनिक विमान शामिल होने जा रहा है। मुख्यमंत्री की यात्राओं के लिए खरीदा गया बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 मिड-साइज बिजनेस जेट कनाडा से भारत लाया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक विमान के 30 सितंबर तक भारत पहुंचने की संभावना है। भारत आने के बाद तकनीकी जांच और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे मुख्यमंत्री की नियमित यात्राओं में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

करोड़ों रुपये का है नया विमान

मुख्यमंत्री के लिए खरीदे गए इस हाईटेक विमान की कीमत को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में इसकी कीमत करीब 225 करोड़ रुपये से अधिक, जबकि अन्य रिपोर्टों में लगभग 350 करोड़ रुपये तक बताई गई है। विमान की वास्तविक लागत में उसके कॉन्फिगरेशन, उपकरण, प्रशिक्षण और अन्य व्यवस्थाओं का भी असर हो सकता है।

नए विमान को राज्य सरकार के वीआईपी एयर ट्रैवल को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण व्यवस्था माना जा रहा है। इसके जरिए मुख्यमंत्री को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचने में समय की बचत होने की उम्मीद है।

6,300 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है विमान

बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 की अधिकतम उड़ान रेंज करीब 6,300 किलोमीटर बताई जाती है। यानी उपयुक्त परिस्थितियों में यह विमान लंबी दूरी की उड़ान भर सकता है। हालांकि कनाडा के टोरंटो से भारत की दूरी करीब 11,500 किलोमीटर होने के कारण विमान को भारत लाते समय बीच में ईंधन या तकनीकी स्टॉप लेना जरूरी होगा।

बताया जा रहा है कि कनाडा से भारत लाते समय विमान को लंदन या फ्रैंकफर्ट जैसे स्थान पर रोका जा सकता है। इसके बाद विमान भारत पहुंचेगा।

हाईटेक सुविधाओं से लैस है चैलेंजर-3500

चैलेंजर-3500 को आधुनिक बिजनेस जेट के तौर पर जाना जाता है। इसमें अत्याधुनिक एवियोनिक्स, नेविगेशन सिस्टम और लंबी दूरी की उड़ानों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। विमान का केबिन भी यात्रियों के आराम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी यात्राओं के दौरान इस तरह के विमान का इस्तेमाल होने से लंबी दूरी की यात्रा अपेक्षाकृत कम समय में पूरी की जा सकती है। इसके अलावा विमान के जरिए अलग-अलग राज्यों और देश के अन्य हिस्सों तक भी सीधे पहुंचना आसान होगा।

भारतीय पायलटों को कनाडा में दी गई ट्रेनिंग

नए विमान के संचालन के लिए मध्य प्रदेश सरकार के पायलटों को कनाडा में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय पायलटों को विमान बनाने वाली कंपनी से निर्धारित अवधि में ट्रेनिंग पूरी कर सर्टिफिकेट हासिल करना था।

बताया गया है कि भारतीय पायलट पहली कोशिश में निर्धारित टेस्ट पास नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें दोबारा ट्रेनिंग लेनी पड़ी। इससे प्रशिक्षण में अतिरिक्त समय लगा। ट्रेनिंग और इससे जुड़े खर्च का भुगतान राज्य सरकार की ओर से किए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में सामने आई है।

फिलहाल विदेशी पायलट उड़ाएगा विमान

रिपोर्टों के अनुसार जब तक भारतीय पायलट विमान संचालन की आवश्यक योग्यता और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेते, तब तक विमान की कमान विदेशी मुख्य पायलट के हाथ में रह सकती है। भारतीय पायलट सह-पायलट के रूप में उनके साथ उड़ान भरेंगे।

नए और विशेष विमान को संचालित करने के लिए पायलटों को उसके तकनीकी सिस्टम, एवियोनिक्स और संचालन प्रक्रिया की विशेष ट्रेनिंग लेना जरूरी होता है। इसी प्रक्रिया के तहत भारतीय पायलटों को भी प्रशिक्षण दिया गया है।

30 सितंबर तक भारत आने की संभावना

विमान के कनाडा से भारत पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रिपोर्टों के अनुसार इसके 30 सितंबर तक भारत पहुंचने की संभावना जताई गई है। भारत पहुंचने के बाद विमान की तकनीकी जांच, दस्तावेजी प्रक्रिया और आवश्यक विमानन मंजूरियों के बाद ही इसे नियमित सरकारी उड़ानों में शामिल किया जाएगा।

दूरदराज के जिलों के दौरे में होगी सुविधा

नए विमान के आने से मुख्यमंत्री के दूरदराज के इलाकों के दौरे में भी समय की बचत हो सकती है। अभी कई बार मुख्यमंत्री को पहले एयरपोर्ट तक पहुंचना पड़ता है और वहां से सड़क मार्ग के जरिए कार्यक्रम स्थल तक जाना होता है। इससे यात्रा में काफी समय लग जाता है।

राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी के लिए नए हेलीपैड विकसित करने की योजना भी बताई जा रही है। यदि अलग-अलग जिलों में हवाई सुविधाएं बेहतर होती हैं तो मुख्यमंत्री सीधे कार्यक्रम स्थल के नजदीक पहुंच सकेंगे।

नए विमान के इस्तेमाल से मुख्यमंत्री की लंबी दूरी की यात्राओं को तेज और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि विमान के नियमित संचालन से पहले सभी तकनीकी और वैधानिक प्रक्रियाओं का पूरा होना जरूरी होगा।