हॉस्टल के खाने में मिली इल्लियां, थाली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र: बोले- शराब पीकर आते हैं कर्मचारी, वार्डन करता है मारपीट
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के लाल चौकी स्थित सीनियर संयुक्त परियोजना बालक छात्रावास में भोजन में इल्लियां मिलने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। 30 से अधिक छात्र हाथों में भोजन की थालियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए खराब भोजन, कर्मचारियों के शराब पीकर ड्यूटी पर आने और वार्डन द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप लगाए
भोजन में इल्लियां मिलने पर छात्रों का फूटा गुस्सा
थालियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे 30 से अधिक छात्र
घटिया भोजन मिलने का लगाया गंभीर आरोप
शराब पीकर ड्यूटी पर आने का कर्मचारियों पर आरोप
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में सरकारी छात्रावासों में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार को लाल चौकी स्थित सीनियर संयुक्त परियोजना बालक छात्रावास के छात्रों ने भोजन में इल्लियां मिलने का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए 30 से अधिक छात्र हाथों में भोजन की थालियां लेकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
छात्रों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। छात्रावास में लंबे समय से खराब गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा है। कई बार खाने में कीड़े, इल्लियां और अन्य गंदगी मिलने की शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और छात्रावास प्रबंधन ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार को दोपहर के भोजन में फिर से इल्लियां मिलने के बाद छात्रों का सब्र टूट गया और उन्होंने विरोध का रास्ता चुना।
हाथों में थाली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र
प्रदर्शन के दौरान छात्र भोजन से भरी थालियां लेकर छात्रावास से पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। रास्ते भर उन्होंने खराब भोजन और छात्रावास की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर छात्रों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
छात्रों ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में स्पष्ट लिखा कि उन्हें लगातार घटिया और अस्वच्छ भोजन परोसा जा रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि छात्रावास में रहने वाले अधिकांश छात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और बेहतर शिक्षा के लिए यहां रह रहे हैं, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने छात्रावास के कर्मचारियों और वार्डन पर भी गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि कुछ कर्मचारी ड्यूटी पर शराब पीकर आते हैं और उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। इतना ही नहीं, वार्डन पर छात्रों के साथ मारपीट करने और शिकायत करने पर डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए।
छात्रों ने कहा कि कई बार उन्होंने इन समस्याओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों और छात्रावास प्रबंधन को दी, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। किसी भी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों के हौसले बढ़ते गए और व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती चली गईं।
लंबे समय से मिल रहा है घटिया भोजन
छात्रों के अनुसार छात्रावास में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है। कभी अधपका खाना मिलता है तो कभी सब्जियों में कीड़े निकलते हैं। कई बार दाल और चावल भी ठीक तरह से नहीं पकाए जाते। भोजन में स्वच्छता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जाता, जिससे छात्र बीमार पड़ने लगे हैं।
छात्रों का कहना है कि पढ़ाई के लिए छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन मिलना चाहिए, लेकिन यहां उन्हें रोजाना खराब भोजन खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ रही हैं।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने दोषी अधिकारियों, छात्रावास प्रबंधन और भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच, साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई।
ज्ञापन में छात्रों ने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि शिक्षा के साथ खिलवाड़ और छात्रों के स्वास्थ्य से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्रों की शिकायत सुनने के बाद अधिकारियों ने उन्हें मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन का कहना है कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी। यदि भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही या कर्मचारियों की कोई गलती सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दो दिन पहले कन्या छात्रावास में भी सामने आया था मामला
खंडवा जिले में छात्रावासों की व्यवस्था को लेकर यह पहला मामला नहीं है। इससे दो दिन पहले ही अवलिया कन्या छात्रावास में भोजन से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई थी। वहां कच्चे चावल खाने के बाद करीब 25 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी। छात्राओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना पड़ा था। इस घटना ने भी सरकारी छात्रावासों की भोजन व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े किए थे।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता की निगरानी प्रभावी ढंग से नहीं हो रही है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
भोजन व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए पौष्टिक और स्वच्छ भोजन सबसे बुनियादी आवश्यकता है। यदि भोजन की गुणवत्ता खराब होगी तो इसका सीधा असर छात्रों के स्वास्थ्य, मानसिक विकास और शिक्षा पर पड़ेगा। इसलिए आवश्यक है कि प्रशासन नियमित निरीक्षण करे, भोजन के नमूनों की जांच कराए और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे।
फिलहाल छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदार लोगों पर वास्तव में कार्रवाई होती है या नहीं। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह मामला सरकारी छात्रावासों की व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता की ओर एक बड़ा संकेत माना जाएगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस