प्रदेश को मिली चार बड़ी हवाई सौगातें, CM मोहन यादव ने 4 फ्लाइट को दिखाई हरी झंडी; अब पटना-कोलकाता से सीधा जुड़ा MP

मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से चार नई विमान सेवाओं की शुरुआत की है. भोपाल-रीवा उड़ान का शुभारंभ हो गया है, जिसका किराया मात्र ₹2700 रखा गया है. इसके अलावा कई अन्य शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू की गई हैं

प्रदेश को मिली चार बड़ी हवाई सौगातें, CM मोहन यादव ने 4 फ्लाइट को दिखाई हरी झंडी; अब पटना-कोलकाता से सीधा जुड़ा MP

मध्य प्रदेश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी सौगात मिली है। भोपाल, रीवा और जबलपुर से अलग-अलग शहरों के लिए नई फ्लाइट की शुरुआत की गई है। सीएम मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने हरी झंडी दिखाई है।

भोपाल। मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार, 9 अगस्त को एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से चार नई फ्लाइट सेवाओं का शुभारंभ किया। इन सेवाओं के शुरू होने से भोपाल, रीवा और जबलपुर का देश के प्रमुख शहरों से सीधा हवाई संपर्क मजबूत हुआ है। नई उड़ानों के जरिए अब मध्यप्रदेश सीधे पटना और कोलकाता से जुड़ गया है। इससे यात्रियों का समय बचेगा और प्रदेश में व्यापार, पर्यटन, शिक्षा तथा रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने यात्रियों को बोर्डिंग पास प्रदान किए और नई उड़ानों को रवाना किया।

चार नए हवाई रूट से बढ़ी कनेक्टिविटी

राजा भोज एयरपोर्ट से शुरू की गई सेवाओं में भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता फ्लाइट शामिल हैं। इन चारों हवाई सेवाओं का संचालन अलायन्स एयर द्वारा किया जाएगा।

भोपाल-रीवा सीधी उड़ान शुरू होने से राजधानी और विंध्य क्षेत्र के बीच आवागमन आसान होगा। अब यात्रियों को सड़क या रेल मार्ग के लंबे सफर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वहीं भोपाल-पटना फ्लाइट मध्यप्रदेश को सीधे बिहार की राजधानी पटना से जोड़ेगी।

इसी तरह रीवा और जबलपुर से कोलकाता के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से विंध्य तथा महाकौशल क्षेत्र के यात्रियों को पूर्वी भारत तक पहुंचने के लिए दूसरे शहरों में फ्लाइट बदलने की आवश्यकता कम होगी।

दो साल में 10 से ज्यादा रूट की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को प्रदेश के लिए गौरवशाली दिन बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में नए एयरपोर्ट और नए हवाई रूट शुरू किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है। प्रदेश को नए एयरपोर्ट की मंजूरी मिली है और सरकार की कोशिश है कि राज्य के अधिक से अधिक शहर हवाई सेवा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि दो साल के भीतर 10 से ज्यादा नए रूट पर हवाई सेवाओं की सौगात मिल रही है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उड़ानों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार की नई एविएशन पॉलिसी के तहत छोटे और मध्यम शहरों को बड़े शहरों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

भोपाल से जल्द शुरू होगी शारजाह की फ्लाइट

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले महीने इंदौर से अबू धाबी के लिए इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू हुई है। वहीं आने वाले समय में भोपाल से शारजाह के लिए भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के विस्तार से मध्यप्रदेश के लोगों को दूसरे महानगरों पर निर्भरता कम होगी। इससे प्रदेश के व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

एयर एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर सेवा पर भी जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में एयर एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जहां हवाई पट्टी उपलब्ध है, वहां विमान के माध्यम से और जहां हवाई पट्टी नहीं है, वहां हेलीकॉप्टर के जरिए मरीजों को इलाज के लिए भेजने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हेली सर्विस को भी गति मिल रही है और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हवाई परिवहन केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिले।

केंद्रीय मंत्री बोले- एविएशन सेक्टर में ऐतिहासिक विस्तार

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने नई उड़ानों के शुभारंभ को खुशी का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के एविएशन सेक्टर में पिछले वर्षों में व्यापक बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि सरकार की उड़ान योजना के माध्यम से छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने का काम किया गया है। देश में एयरपोर्ट की संख्या बढ़ी है और विमानों का बेड़ा भी तेजी से विस्तार कर रहा है। इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिल रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी एयर कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ रही है। मध्यप्रदेश की नई एविएशन पॉलिसी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश ने विमानन क्षेत्र में एक बेहतर नीति तैयार की है।

उन्होंने भविष्य में एयरपोर्ट के विकास के लिए बड़े निवेश की बात भी कही। उनके अनुसार आने वाले वर्षों में देश में बड़ी संख्या में नए विमान शामिल होंगे और उड़ान योजना का भी विस्तार किया जाएगा।

विंध्य के लिए ऐतिहासिक दिन: राजेंद्र शुक्ल

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नई हवाई सेवाओं को विंध्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, कोयला, बिजली और धार्मिक पर्यटन के लिहाज से बेहद समृद्ध है, लेकिन लंबे समय से बेहतर कनेक्टिविटी की कमी महसूस होती रही है।

उन्होंने कहा कि एयर कनेक्टिविटी के बिना व्यापार और पर्यटन को अपेक्षित गति देना मुश्किल है। आज हवाई यात्रा केवल सुविधा या लग्जरी नहीं, बल्कि विकास की आवश्यकता बन चुकी है।

राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नई एविएशन पॉलिसी की सराहना करते हुए कहा कि इस नीति से प्रदेश के उन क्षेत्रों को भी हवाई सेवा का लाभ मिल रहा है, जहां पहले यह सुविधा सीमित थी। उन्होंने कहा कि आम आदमी को भी हवाई यात्रा का अवसर मिलना इस विस्तार की बड़ी उपलब्धि है।

सरकार देगी 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता

नई फ्लाइट सेवाओं को आर्थिक रूप से संचालित करने के लिए राज्य सरकार मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। इन उड़ानों का संचालन अलायन्स एयर करेगा।

राज्य शासन की ओर से प्रत्येक राउंड ट्रिप पर कंपनी को 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसे हवाई रूट को व्यवहारिक बनाना है, जिन पर शुरुआती दौर में यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम हो सकती है।

सरकार का मानना है कि हवाई सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और इससे संबंधित शहरों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

व्यापार, पर्यटन और शिक्षा को मिलेगा फायदा

नई उड़ानों का सबसे बड़ा असर प्रदेश की कनेक्टिविटी पर पड़ेगा। भोपाल से पटना की सीधी उड़ान शुरू होने से बिहार और मध्यप्रदेश के बीच यात्रा आसान होगी। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कारोबारी, नौकरीपेशा लोग और अन्य यात्री इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

रीवा से कोलकाता की सीधी उड़ान विंध्य क्षेत्र के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कोलकाता पूर्वी भारत का बड़ा व्यापारिक और आर्थिक केंद्र है। सीधी हवाई सेवा से विंध्य के व्यापारियों और उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

जबलपुर से कोलकाता की सीधी उड़ान महाकौशल क्षेत्र को पूर्वी भारत से जोड़ेगी। इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल सकता है।

समय की बचत के साथ विकास की रफ्तार

नई हवाई सेवाओं से यात्रियों के लिए यात्रा का समय कम होगा। इसके साथ ही प्रदेश के शहरों के बीच आर्थिक और सामाजिक संपर्क भी मजबूत होगा। बेहतर कनेक्टिविटी का असर पर्यटन, होटल, परिवहन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों पर पड़ने की संभावना है।

मध्यप्रदेश सरकार लगातार छोटे शहरों को बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। नई चार उड़ानों का शुभारंभ इसी अभियान का हिस्सा है।

भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच हवाई सेवा शुरू होने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को नए अवसर मिलेंगे। सरकार की योजना आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तार देने की है। इससे मध्यप्रदेश की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और निवेश को भी नई उड़ान मिलने की उम्मीद है।