बिजली चोरी पर प्रवर्तन दल का बड़ा अभियान: दो उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर, मीटर से छेड़छाड़ कर हो रहा था अवैध बिजली उपयोग

उरई में विद्युत प्रवर्तन दल ने बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया। जांच के दौरान दो स्थानों पर मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध बिजली उपयोग करते हुए दो उपभोक्ताओं को पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत कोतवाली उरई में एफआईआर दर्ज कराई गई। विभाग ने कहा कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

बिजली चोरी पर प्रवर्तन दल का बड़ा अभियान: दो उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर, मीटर से छेड़छाड़ कर हो रहा था अवैध बिजली उपयोग

बिजली चोरी पर प्रवर्तन दल की बड़ी कार्रवाई

दो उपभोक्ताओं के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

मीटर से छेड़छाड़ कर हो रहा था अवैध बिजली उपयोग

राजेंद्र नगर के व्यावसायिक प्रतिष्ठान में मिली अनियमितता

सपा कार्यालय के पास आवास में भी पकड़ी गई बिजली चोरी

प्रवर्तन दल ने मौके पर जुटाए तकनीकी साक्ष्य
उरई। जनपद में बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विद्युत प्रवर्तन दल ने विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते हुए दो उपभोक्ताओं को रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों मामलों में पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद कोतवाली उरई में विद्युत अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। विद्युत विभाग ने साफ किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह विशेष अभियान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश एवं पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य जनपद में बिजली चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और राजस्व हानि को रोकना था।
प्रवर्तन दल के प्रभारी उप निरीक्षक एम. आरिफ के नेतृत्व में अवर अभियंता प्रमोद कुमार, उप निरीक्षक सुनीता वर्मा, मुख्य आरक्षी गोवर्धन, मुख्य आरक्षी रविकांत तथा आरक्षी अनुराग तिवारी ने संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान संदिग्ध विद्युत कनेक्शनों और मीटरों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
राजेंद्र नगर में पकड़ी गई बिजली चोरी
जांच के दौरान टीम राजेंद्र नगर, उरई स्थित सत्यम चौरसिया के व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि वहां लगे विद्युत मीटर की केबल में अतिरिक्त केबल जोड़कर मीटर की कार्यप्रणाली से छेड़छाड़ की गई थी। इस अवैध व्यवस्था के माध्यम से लगभग 5.702 किलोवाट भार की बिजली का उपयोग किया जा रहा था। प्रवर्तन दल ने मौके पर ही तकनीकी जांच कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और पूरी कार्रवाई का दस्तावेजीकरण किया।
आवासीय परिसर में भी मिला अवैध कनेक्शन
इसी अभियान के तहत सपा कार्यालय के पास स्थित बुजकिशोर निगम के आवास की जांच की गई। यहां भी टीम को मीटर से पहले की केबल काटकर अतिरिक्त केबल जोड़ने का मामला मिला। इस अवैध कनेक्शन के जरिए लगभग 6.391 किलोवाट भार की बिजली का उपयोग किया जा रहा था। अधिकारियों ने मौके पर साक्ष्य संकलित किए और चेकिंग रिपोर्ट तैयार की।
दोनों मामलों में दर्ज हुई एफआईआर
प्रवर्तन दल ने दोनों उपभोक्ताओं के विरुद्ध विद्युत अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कोतवाली उरई में एफआईआर दर्ज कराई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्य सुरक्षित कर लिए गए हैं और अब नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बिजली चोरी से विभाग को होता है नुकसान
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचता है। साथ ही अवैध कनेक्शन और मीटर से छेड़छाड़ के कारण विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है और आम उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते रहेंगे।
विभाग ने उपभोक्ताओं से की अपील
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें। मीटर, केबल अथवा विद्युत लाइन से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। यदि किसी उपभोक्ता को अतिरिक्त लोड की आवश्यकता है तो वह विभाग से नियमानुसार अनुमति प्राप्त करे। विभाग ने चेतावनी दी है कि बिजली चोरी करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में इसी प्रकार के सघन जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके।