पीएम मोदी का नया वीडियो: ‘बच्चों को माफ करना चाहता हूं’; जयराम रमेश बोले- ‘विक्टिम कार्ड खेलना पसंद’
PM मोदी ने GenZ के नाम आज एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इस वीडियो के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने उन बच्चों को माफ करने की बात कही जिन्होंने जंतर-मंतर पर उन्हें अपशब्द कहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर मंतर पर हुई घटनाओं को लेकर Gen-Z को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि बचपन में गलतियां होती है और बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है.
कांग्रेस ने पीएम मोदी की रील पर तंज कसते हुए कहा कि क्या उन्होंने बीजेपी के ट्रोल्स को माफ कर दिया है। पी चिदंबरम ने एक्स पर पोस्ट शेयर करके तंज कसा। वहीं जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना पसंद है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ और उनकी दिवंगत माता के लिए इस्तेमाल की गई कथित आपत्तिजनक भाषा पर प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि गाली देने वाले युवाओं और बच्चों को दंडित करने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बचपन में गलतियां होती हैं और समाज का दायित्व है कि वह युवाओं को सुधारने का अवसर दे।
प्रधानमंत्री के इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें “विक्टिम कार्ड खेलना” पसंद है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कठोर भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
वीडियो संदेश की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे सीधे देशवासियों से बात करना चाहते हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और दुनिया ने देखा कि कुछ शरारती बच्चों ने उनके खिलाफ बेहद भद्दी भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि केवल उन्हें ही नहीं, बल्कि उनकी दिवंगत माता के लिए भी अपमानजनक शब्द बोले गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी भाषा किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देती, लेकिन इसके बावजूद वे उन बच्चों के प्रति किसी प्रकार की नाराजगी नहीं रखते। उन्होंने कहा कि बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक है और हर बच्चे को अपनी गलती सुधारने का अवसर मिलना चाहिए।
‘मैं बच्चों को माफ करना चाहता हूं’
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि समाज के भीतर इस घटना को लेकर स्वाभाविक आक्रोश है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह देखकर सांस्कृतिक आघात पहुंचा कि देश की बेटियां और युवा इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपील की कि इन बच्चों को सजा देने या अदालतों के चक्कर कटवाने के बजाय उन्हें समझाने और सही दिशा देने का प्रयास किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ये बच्चे गुमराह हो सकते हैं, लेकिन वे समाज का ही हिस्सा हैं। यदि उन्हें प्रताड़ित किया जाएगा तो परिस्थितियां नहीं बदलेंगी। इसलिए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे उन बच्चों को माफ करना चाहते हैं।
‘बच्चे हमारे ही हैं’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में एक उदाहरण देते हुए कहा कि कभी-कभी दांतों के बीच जीभ आ जाती है और उससे खून निकल आता है, लेकिन कोई अपने दांत नहीं तोड़ता क्योंकि दांत और जीभ दोनों अपने ही होते हैं। उसी तरह समाज के बच्चे भी अपने हैं और उन्हें सही राह दिखाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि गुमराह लोगों को सही दिशा देना आसान नहीं होता, लेकिन यही समाज का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के विकास की यात्रा में साथ आएं, अपनी गलतियों से सीखें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और वे चाहते हैं कि देश का प्रत्येक युवा भी प्रगति करे। उन्होंने कहा कि उनका जीवन देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित है और सभी को मिलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कांग्रेस का पलटवार
प्रधानमंत्री के वीडियो पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “विक्टिम कार्ड खेलना” पसंद है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक विरोधियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ कई बार बेहद कटु और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं।
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री सार्वजनिक सभाओं और संसद दोनों में विपक्ष पर झूठे आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के समर्थकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली अपमानजनक भाषा पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती और उन्हें संरक्षण मिलता है।
राजनीतिक बहस तेज
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी के नेता इसे प्रधानमंत्री की उदारता और सकारात्मक सोच का संदेश बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रही है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक विमर्श में सार्वजनिक भाषा और राजनीतिक मर्यादा के मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विरोध स्वाभाविक है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले युवाओं को माफ करने और उन्हें सुधारने का संदेश दिया। वहीं कांग्रेस ने इस बयान को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए प्रधानमंत्री पर ही तीखा हमला बोला। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक संवाद में शालीनता और जिम्मेदार भाषा के उपयोग को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस